तारा कूट विचार
तारा शुभाशुभ विचार
कन्यर्धा द्वरभं यावत्कन्याभं वरभादपि
गण्ये न्नबहृच्छेषे त्रीष्वद्विभमसत्स्मृतम् ।। २४ ।।
- तारा कूट के अधिकतम 3 गुण होते हैं।
- नक्षत्रों की गणना को 9 से भाग देने पर शेष 3, 5 या 7 आए, तो क्रमशः विपत, प्रत्यक और नैधन तारा अशुभ माने जाते हैं।
- शेष 1, 2, 4, 6, 8 या 0 शुभ माने जाते हैं।
वधू के जन्म नक्षत्र से वर के नक्षत्र तक और वर के नक्षत्र से वधू के नक्षत्र तक अलग-अलग गणना करें। प्रत्येक संख्या को 9 से भाग दें। शेष 3, 5 या 7 आए तो तारा अशुभ है; शेष 1, 2, 4, 6, 8 अथवा 0 आए तो शुभ माना जाता है।
तारा कूट गुण तालिका
| वधू \ वर | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 3 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 3 |
| 2 | 3 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 3 |
| 3 | 1.5 | 1.5 | 0 | 1.5 | 0 | 1.5 | 0 | 1.5 | 1.5 |
| 4 | 3 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 3 |
| 5 | 1.5 | 1.5 | 0 | 1.5 | 0 | 1.5 | 0 | 1.5 | 1.5 |
| 6 | 3 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 3 |
| 7 | 1.5 | 1.5 | 0 | 1.5 | 0 | 1.5 | 0 | 1.5 | 1.5 |
| 8 | 3 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 3 |
| 9 | 3 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 1.5 | 3 | 3 |
विषय-सूची
- 1. आश्लेषा आदि नक्षत्र दोष निवारण
- 2. विवाह मिलान में अष्टकूट — परिचय
- 3. 1. वर्ण कूट विचार
- 4. 2. वश्य कूट विचार
- 5. 3. तारा कूट विचार
- 6. 4. योनि कूट विचार
- 7. 5. ग्रह मैत्री कूट विचार
- 8. 6. गण कूट विचार
- 9. 7. भकूट विचार और दोष निवारण
- 10. 8. नाड़ी कूट विचार और दोष निवारण
- 11. वर्ग कूट और अन्य मिलान विचार
- 12. कुज दोष विचार और शास्त्रीय निवारण नियम

