OnlineJyotish.com

तारा कूट विचार

तारा शुभाशुभ विचार

कन्यर्धा द्वरभं यावत्कन्याभं वरभादपि
गण्ये न्नबहृच्छेषे त्रीष्वद्विभमसत्स्मृतम् ।। २४ ।।

मुख्य बातें:
  • तारा कूट के अधिकतम 3 गुण होते हैं।
  • नक्षत्रों की गणना को 9 से भाग देने पर शेष 3, 5 या 7 आए, तो क्रमशः विपत, प्रत्यक और नैधन तारा अशुभ माने जाते हैं।
  • शेष 1, 2, 4, 6, 8 या 0 शुभ माने जाते हैं।

वधू के जन्म नक्षत्र से वर के नक्षत्र तक और वर के नक्षत्र से वधू के नक्षत्र तक अलग-अलग गणना करें। प्रत्येक संख्या को 9 से भाग दें। शेष 3, 5 या 7 आए तो तारा अशुभ है; शेष 1, 2, 4, 6, 8 अथवा 0 आए तो शुभ माना जाता है।

तारा कूट गुण तालिका

वधू \ वर123456789
1331.531.531.533
2331.531.531.533
31.51.501.501.501.51.5
4331.531.531.533
51.51.501.501.501.51.5
6331.531.531.533
71.51.501.501.501.51.5
8331.531.531.533
9331.531.531.533

विषय-सूची


Vedic Astrology/ Vastu/ Hindu Culture Articles: A Comprehensive Library

Past event timings, year-specific festival guides and historical one-time articles are kept here for reference.

2026 and recent one-time articles

2025 and earlier one-time articles