महाशिवरात्रि 2026: रविवार का दुर्लभ संयोग! क्या है इसका आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व?
शिव की भक्ति में लीन होने का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि 2026 इस वर्ष 15 फरवरी, रविवार को आ रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब महाशिवरात्रि का महापर्व रविवार या मंगलवार के दिन पड़ता है, तो वह अत्यंत ऊर्जावान और शुभ फलदायी माना जाता है।
एक ज्योतिषी के रूप में मेरा यह मानना है कि ऐसे दुर्लभ संयोग हमारे जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और ग्रहों के अशुभ प्रभावों को दूर करने का एक बेहतरीन अवसर होते हैं। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है, जिन्हें 'शिव स्वरूप' माना जाता है।
रविवार की महाशिवरात्रि: सूर्य और शिव का मिलन
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को 'आत्मा' का कारक माना गया है और भगवान शिव 'परमात्मा' हैं। इस साल रविवार के दिन शिवरात्रि होने से यह संयोग आत्म-शुद्धि और आरोग्य के लिए विशेष है:
- आरोग्य की प्राप्ति: चूँकि रविवार स्वास्थ्य के कारक सूर्य का दिन है, इसलिए इस दिन शिव जी का अभिषेक करने से पुराने रोगों से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
- ग्रह दोषों से मुक्ति: रविवार और मंगलवार अग्नि तत्व के दिन हैं। इन दिनों में किया जाने वाला लिंगोद्भव काल अभिषेक मनुष्य के भीतर के अज्ञान और नकारात्मक कर्मों को भस्म कर देता है।
लिंगोद्भव और निशीथ काल - आपके शहर का सटीक समय
महाशिवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण समय लिंगोद्भव काल होता है—वह आधी रात का समय जब महादेव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। शास्त्रों के अनुसार, निशीथ काल में की गई पूजा और अभिषेक का फल करोड़ों गुना अधिक मिलता है।
चूँकि हर शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग होता है, इसलिए लिंगोद्भव और निशीथ काल के समय में भी कुछ मिनटों का अंतर होता है। अपनी स्थानीय जगह के अनुसार सही समय पर पूजा करना ही सर्वश्रेष्ठ परिणाम देता है।
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महाशिवरात्रि व्रत और पूजन विधि
इस पावन दिन पर शिव कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ मुख्य नियमों का पालन करना चाहिए:
- उपवास: इस दिन निराहार रहकर शिव का ध्यान करना चाहिए। यदि सामर्थ्य न हो तो दूध और फल ग्रहण किए जा सकते हैं।
- अभिषेक: रविवार होने के कारण, सूर्य दोष की शांति के लिए शुद्ध जल, दूध या गन्ने के रस से शिव जी का अभिषेक करें।
- जागरण: शिवरात्रि की रात सोना नहीं चाहिए। रात भर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप या शिव चालीसा का पाठ करने से मन की शुद्धि होती है।
2026 की यह महाशिवरात्रि आपके जीवन में नई ऊर्जा और सुख-समृद्धि लेकर आए, यही हमारी कामना है। अपने स्थानीय समय के अनुसार विधि-विधान से पूजा करें और महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करें।
हर हर महादेव!


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