यह संग्रह नवग्रह उपासना से जुड़े स्तोत्र, कवच और मंत्रों का है। शुरुआत के लिए नवग्रह स्तोत्र चुन सकते हैं; इसमें नौ ग्रहों को क्रम से नमस्कार किया गया है। नीचे अपने मनचाहे ग्रह का पाठ चुनें।
स्तोत्र, कवच और मंत्र में क्या अंतर है?
स्तोत्र या स्तव प्रशंसा और प्रार्थना का पाठ है। कवच रक्षा की कामना को कवच की उपमा देता है। ध्यान श्लोक देवता के रूप का वर्णन करता है। नाम-स्तोत्र में देवता के नाम पिरोए जाते हैं। मंत्र में नाम के साथ बीजाक्षर भी हो सकते हैं।
ज्योतिष में नवग्रह की श्रेणी में सूर्य, चंद्रमा, पाँच दृश्य ग्रह और राहु-केतु आते हैं। राहु-केतु चंद्रपथ के दो गणितीय बिंदु हैं। इस संग्रह के सभी पाठ सीधे वेदों से लिए गए हैं, ऐसा मानना सही नहीं; हर पृष्ठ का परिचय देखें।
एक छोटा पाठ चुनें, उसका परिचय पढ़ें और कुछ पंक्तियों से शुरुआत करें। अक्षर बड़े करने और बिना विज्ञापन के पाठ प्रिंट करने के विकल्प प्रत्येक पृष्ठ पर हैं। पूजा या पाठ अपनी श्रद्धा के अनुसार करें; इसके लिए कोई रिपोर्ट खरीदना जरूरी नहीं है।