सही जन्म समय आवश्यक है
गलत जन्म समय से लग्न, भाव, नवांश और मंगल दोष जैसी गणनाएँ बदल सकती हैं।
वर और वधू की जन्म तिथि, स्थानीय जन्म समय और जन्मस्थान के आधार पर पारंपरिक विवाह-अनुकूलता रिपोर्ट बनाएँ। रिपोर्ट में अष्टकूट के 36 गुणों के साथ उपलब्ध होने पर मंगल दोष, नाड़ी, भकूट, ग्रह मैत्री और अन्य जन्म-कुंडली संकेत देखें।
गलत जन्म समय से लग्न, भाव, नवांश और मंगल दोष जैसी गणनाएँ बदल सकती हैं।
36 में से कुल स्कोर के साथ प्रत्येक कूट, उपलब्ध दोष और दोनों जन्म कुंडलियों का संदर्भ भी पढ़ें।
आपसी सहमति, संवाद, स्वास्थ्य, मूल्य, आर्थिक समझ और परिवार संबंधी अपेक्षाएँ भी विवाह निर्णय में आवश्यक हैं।
दोनों की सही जन्म तिथि, स्थानीय समय और जन्मस्थान भरें।
प्रत्येक कूट चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र से जुड़ा पारंपरिक संकेत देता है। किसी एक कूट को स्वास्थ्य, संतान, धन या संबंध का चिकित्सकीय अथवा निश्चित प्रमाण न मानें।
पारंपरिक रूप से मानसिक या आध्यात्मिक प्रवृत्ति और भूमिका-संबंधी संगति का संकेत माना जाता है।
आपसी प्रभाव, आकर्षण, सहयोग और समायोजन के प्रतीकात्मक संबंध का मूल्यांकन करता है।
दोनों जन्म नक्षत्रों के पारंपरिक तारा-संबंध के आधार पर सामान्य अनुकूलता देखता है।
नक्षत्रों से जुड़े प्रतीकात्मक योनिवर्ग के आधार पर निकटता और सहजता की पारंपरिक संगति देखता है।
दोनों चंद्र राशियों के स्वामी ग्रहों की पारंपरिक मित्रता या वैर संबंध का अध्ययन करता है।
देव, मनुष्य और राक्षस गण के आधार पर स्वभाव तथा व्यवहार की संगति देखता है।
दोनों चंद्र राशियों की पारस्परिक दूरी के आधार पर संबंध की पारंपरिक संगति का संकेत देता है।
आदि, मध्य और अंत्य नाड़ी के आधार पर पारंपरिक नक्षत्र-संबंध की जाँच करता है; यह आनुवंशिक परीक्षण नहीं है।
मंगल की भाव-स्थिति से संबंधित नियम परंपरा और गणना-पद्धति के अनुसार अलग हो सकते हैं। दोष की तीव्रता, दोनों कुंडलियों की तुलना और लागू अपवादों को साथ पढ़ें।
यह पारंपरिक नक्षत्र-वर्ग है। इसे आनुवंशिक अनुकूलता, प्रजनन क्षमता या बच्चे के स्वास्थ्य का परीक्षण न मानें।
यह चंद्र राशियों की पारस्परिक दूरी पर आधारित संकेत है। यह धन, परिवार या भावनात्मक जीवन का निश्चित परिणाम नहीं बताता।
दोनों कुंडलियों में चुनौतीपूर्ण कारकों की समानता की तुलना की जाती है। समानता को अपने आप पूर्ण निरस्तीकरण या सुखी विवाह की गारंटी न मानें।
अष्टकूट पद्धति के आठ कूटों का कुल अधिकतम स्कोर 36 होता है। यह चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र पर आधारित पारंपरिक अनुकूलता संकेत है। कुल स्कोर को अकेले विवाह का अंतिम निर्णय नहीं मानना चाहिए।
नहीं। 18 को कई परंपराओं में सामान्य न्यूनतम संदर्भ माना जाता है, लेकिन ग्रह मैत्री, भकूट, नाड़ी, मंगल दोष, व्यक्तिगत जन्म कुंडली और वास्तविक जीवन की अनुकूलता भी महत्वपूर्ण हैं।
ऐसा निश्चित नियम नहीं है। कम स्कोर के साथ भी कुछ अनुकूल संकेत हो सकते हैं, और अधिक स्कोर के साथ कुछ चिंताएँ रह सकती हैं। पूरी रिपोर्ट और दोनों जन्म कुंडलियों का संदर्भ देखना चाहिए।
मंगल दोष की गणना, तीव्रता, दोनों कुंडलियों में दोष-साम्य और परंपरागत अपवादों की समीक्षा आवश्यक है। केवल “मांगलिक” शब्द देखकर भयभीत या अंतिम निर्णय न लें।
नहीं। नाड़ी कूट एक पारंपरिक नक्षत्र-आधारित ज्योतिषीय घटक है; यह आनुवंशिक जाँच, प्रजनन परीक्षण या चिकित्सकीय निदान नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें।
नहीं। भकूट को पारंपरिक चंद्र-राशि संबंध के रूप में पढ़ा जाता है। इसे धन, परिवार या भावनात्मक जीवन की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
दोष-साम्य में दोनों कुंडलियों के कुछ अशुभ या चुनौतीपूर्ण कारकों की तुलना की जाती है। समानता को अपने आप पूर्ण निरस्तीकरण या सुखी विवाह की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
जन्म समय में त्रुटि से लग्न, भाव, नवांश और मंगल दोष जैसी समय-संवेदनशील गणनाएँ बदल सकती हैं। चंद्र राशि–नक्षत्र आधारित गुण मिलान अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है, पर सही जन्म विवरण बेहतर है।
नक्षत्र या स्टार मिलान सीमित पारंपरिक संकेत देता है। जन्म समय और स्थान उपलब्ध हों तो पूर्ण कुंडली मिलान अधिक संदर्भ देता है।
यह परिवार या व्यक्ति की परंपरा और पसंद पर निर्भर करता है। ज्योतिषीय मिलान आपसी सहमति, संवाद, मूल्य, स्वास्थ्य, आर्थिक समझ और कानूनी अधिकारों का विकल्प नहीं है।
नहीं। यह पारंपरिक ज्योतिषीय अनुकूलता रिपोर्ट है। विवाह का परिणाम दोनों व्यक्तियों के व्यवहार, परिस्थितियों, निर्णयों और अनेक वास्तविक कारकों पर निर्भर करता है।