अष्टकूट विवाह मिलान — मार्गदर्शिका और विषय-सूची
कुंडली मिलान का परिचय
- मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार विवाह अनुकूलता का विचार आठ कूटों से किया जाता है।
- कुल 36 गुणों में कम से कम 18 गुण सामान्यतः स्वीकार्य माने जाते हैं।
- स्वास्थ्य, संतान, स्वभाव और वैवाहिक स्थिरता के पारंपरिक विचार में नाड़ी, भकूट और गण कूट विशेष महत्त्व रखते हैं।
वैदिक ज्योतिष में विवाह से पूर्व भावी वर-वधू की कुंडलियों की तुलना के लिए अष्टकूट मिलान व्यापक रूप से प्रयुक्त पारंपरिक पद्धति है। यहाँ प्रस्तुत विधि मुहूर्त चिंतामणिमें वर्णित सिद्धांतों पर आधारित है। नीचे दिए गए लिंक प्रत्येक कूट, उसकी गुण-गणना पद्धति तथा संबंधित शास्त्रीय अपवादों और दोष निवारण नियमों की विस्तृत जानकारी देते हैं।
विषय-सूची
- 1. आश्लेषा आदि नक्षत्र दोष निवारण
- 2. विवाह मिलान में अष्टकूट — परिचय
- 3. 1. वर्ण कूट विचार
- 4. 2. वश्य कूट विचार
- 5. 3. तारा कूट विचार
- 6. 4. योनि कूट विचार
- 7. 5. ग्रह मैत्री कूट विचार
- 8. 6. गण कूट विचार
- 9. 7. भकूट विचार और दोष निवारण
- 10. 8. नाड़ी कूट विचार और दोष निवारण
- 11. वर्ग कूट और अन्य मिलान विचार
- 12. कुज दोष विचार और शास्त्रीय निवारण नियम

