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आज का हिंदी पंचांग

5 सितंबर 2026 का स्थान-आधारित पंचांग

चुने गए स्थान के अनुसार तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, यमगंड, गुलिक, वर्ज्य, दुर्मुहूर्त और उपलब्ध अन्य दैनिक समय देखें।

Ashburn · America/New_York

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संक्षिप्त दैनिक संदर्भ

  • तिथि: कृष्ण-नवमी आज (05) दोपहर 12:24 तक
    चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी को कई मुहूर्त परंपराओं में रिक्ता तिथियाँ माना जाता है। कार्य-विशेष अपवाद और स्थानीय परंपरा भी देखें।
  • नक्षत्र: मृगशिरा आज (05) दोपहर 12:01 तक
    यह मृदु या मैत्र वर्ग से संबंधित नक्षत्र हो सकता है। कला, शिक्षा और सामाजिक कार्यों के लिए पारंपरिक संदर्भ मिलता है।
  • राहुकाल: सुबह 9:57 से सुबह 11:32 तक
पंचांग विवरण
📅 5/9/2026 📍 Ashburn
स्वस्ति श्री पराभव संवत्सर, दक्षिणायन, वर्षा ऋतु, श्रावण मास
(पूर्णिमान्त: पराभव संवत्सर, वर्षा ऋतु, भाद्रपद मास)
🌅 सूर्योदय सुबह 6:46 🌇 सूर्यास्त रात 7:29
संकल्प तिथि
कृष्ण-नवमी
श्राद्ध तिथि
अमान्त: श्रावण कृष्ण-दशमी
पूर्णिमान्त: भाद्रपद कृष्ण-दशमी
तिथि कृष्ण-नवमी आज (05) दोपहर 12:24 तक, फिर कृष्ण-दशमी
सप्ताह का दिन शनिवार (स्थिरवासरः)
नक्षत्र मृगशिरा आज (05) दोपहर 12:01 तक, फिर आर्द्रा
योग सिद्धि (06) रात 12:15 तक, फिर व्यतीपात
करण तैतिल आज (05) रात 1:34 तक, फिर गरिज आज (05) दोपहर 12:24 तक
राशि वृषभ राशि 02/09/2026, रात 9:56 से  05/09/2026, रात 12:48 तक
🚫 अशुभ समय
राहुकाल:
सुबह 9:57 से सुबह 11:32 तक
दुर्मुहूर्त:
सुबह 6:46 से सुबह 7:37 और सुबह 7:37 से सुबह 8:28 तक
वर्ज्य:
आज (05) रात 7:50 से आज (05) रात 9:20 तक
✅ शुभ समय
अमृत घटी:
नहीं
अभिजीत:
दोपहर 12:42-दोपहर 1:33
ब्रह्म मुहूर्त:
सुबह 5:17-सुबह 6:02
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पंचांग विवरण 1
योग
सिद्धि (06) रात 12:15 तक, फिर व्यतीपात
करण
तैतिल आज (05) रात 1:34 तक, फिर गरिज आज (05) दोपहर 12:24 तक
नक्षत्र पाद
मृगशिरा-2 आज (05) रात 12:48 तक
मृगशिरा-3 आज (05) सुबह 6:24 तक
मृगशिरा-4 आज (05) दोपहर 12:01 तक
आर्द्रा-1 आज (05) शाम 5:36 तक
सूर्य राशि
सिंह राशि 16/08/2026, रात 10:28 से  16/09/2026, रात 10:22 तक
अशुभ समय
गुलिक काल
सुबह 6:46 से सुबह 8:22 तक
यमगण्ड काल
दोपहर 2:43 से शाम 4:18 तक
सूर्यचंद्र उदयास्त
सूर्य
सूर्योदय: सुबह 6:46
सूर्यास्त: रात 7:29
चंद्र
चंद्रोदय: 12:24 AM
चंद्रास्त: 03:46 PM
दिन की अवधि : 12:43
अभिजीत : दोपहर 1:08
रात्रि प्रमाण : 11:17
प्रदोष समय (6 घटी) : रात 7:29 से रात 9:53 तक
पूजा, होम और अभिषेक
अग्निवास : पृथ्वी (शुभ) आज (05) दोपहर 12:24 तक
होमाहुति : राहु
शिव वास : सभास्थल (अशुभ)
यात्राओं के लिए...
दिशा शूल : पूर्व
शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा से बचें। यदि जरूरी हो, तो अदरक, आंवला या तिल खाकर घर से निकलें।
ध्यान दें: जिस दिशा में दिशा शूल होता है, उस दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यह केवल लंबी यात्राओं या लंबे समय तक रहने के लिए लागू होता है, दैनिक यात्राओं पर नहीं।
त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प

त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प

त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प
प्रातः संध्या कालसुबह 6:02 से सुबह 6:47
मध्यान्ह संध्या कालदोपहर 12:36 से दोपहर 1:40
सायं संध्या कालशाम 6:38 से रात 7:29

आज का संकल्प

मम उपात्त, समस्त दुरित क्षय द्वारा श्री परमेश्वरमुद्दिश्य, श्री परमेश्वर प्रीत्यर्थं, शुभे शोभने मुहूर्ते - श्री महाविष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य आद्यब्रह्मणः द्वितीय परार्धे, श्वेतवराहकल्पे, वैवस्वतमन्वन्तरे कलियुगे प्रथमपादे, क्रौंच द्वीपे, रमणक वर्षे, ऐन्द्र खण्डे, मेरोः पश्चिम दिग्भागे, उत्तर अमेरिकायों, अटलांटिक पेसिफिक सागरयोर्मध्य प्रदेशे, राखी मेकिन्ली पर्वतयोर्मध्ये, मिसिसिपी मिसौरी इत्यादि षोडश जीव नदी प्रवाह प्रान्ते, राष्ट्रे, Ashburn नगर स्थाने स्वस्थाने, शोभनगृहे (स्वगृहे / वसति गृहे), समस्त देवता ब्राह्मण हरिहर सन्निधौ, अस्मि न्वर्तमान व्यावहारिक, चान्द्रमानेन - प्रभवादि षष्टि संवत्सराणां मध्ये - पराभव नाम संवत्सर - दक्षिणायने - वर्षा ऋतौ - श्रावण मासे - कृष्ण पक्षे - नवमी तिथौ - स्थिर वासरे - मृगशिरा शुभ नक्षत्रे, सिद्धि शुभ योगे, गरिज शुभ करणे.

एवं गुण विशेषेण विशिष्टायाम् अस्याम् शुभ तिथौ श्रीमान् ----- गोत्रस्य ----- नामधेयस्य, (मम सहकुटुम्बस्य अस्माकं, सर्वेषां, सहकुटुम्बानां, क्षेम, स्थैर्य, विजय, अभय आयुर् आरोग्य, ऐश्वर्यादि अभिवृद्ध्यर्थं, मम गृहे महा लक्ष्मी नित्य निवास सिद्ध्यर्थं, मम इष्टकाम्य फल सिद्ध्यर्थं, मम व्यापार, व्यवहार, उद्योगादीनां दिनदिनाभिवृद्धि सिद्ध्यर्थं समस्त मंगला व्याप्तं, शरीरे वर्तमानकाल वर्तिष्यमान सकल रोग परिहार द्वार क्षिप्र आरोग्य सौख्य सिद्ध्यर्थं) - प्रातः/मध्याह्निक/सायं संध्यां, गायत्री जपं, अहं करिष्ये (या जो पूजा/व्रत कर रहे हैं उसका नाम बोलें)।
नोट: विवाहित लोग 'मम सहकुटुम्बस्य' से पहले 'धर्मपत्नी समेतस्य' जोड़ सकते हैं। रिक्त स्थान में अपना गोत्र और नाम बोलें।
दिन और रात के विभाजन

दिन-रात विभाजन

दिन विभाजन
अरुणोदय कालसुबह 5:10 से सुबह 6:46
प्रातः कालसुबह 6:46 से सुबह 9:19
संगव कालसुबह 9:19 से सुबह 11:51
मध्याह्न कालसुबह 11:51 से दोपहर 2:24
अपराह्न कालदोपहर 2:24 से शाम 4:57
सायं कालशाम 4:57 से रात 7:29
प्रदोष समय (6 घटी)
प्रदोष समय (6 घटी)रात 7:29 से रात 9:53 तक
रात्रि विभाजन
निशीथ कालरात 12:46 से रात 1:31
अर्धरात्रिरात 1:08
उषः कालसुबह 4:32 से सुबह 6:47
दिन-रात विभाजन (प्रहर)
दिन विभाजन
पूर्वाह्नसुबह 6:46 से सुबह 9:57 तक
मध्याह्न सुबह 9:57 से दोपहर 1:08 तक
अपराह्न दोपहर 1:08 से शाम 4:18 तक
सायाह्न शाम 4:18 से रात 7:29 तक
रात्रि विभाजन (प्रहर)
रात्रि का प्रथम प्रहररात 7:29 से रात 10:19 तक
निशीथरात 10:19 से रात 1:08 तक
त्रियामारात 1:08 से तड़के 3:58 तक
उषः कालतड़के 3:58 से सुबह 6:47 तक
शुभ समय

शुभ समय

शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:17 से सुबह 6:02
विजय मुहूर्तदोपहर 3:15 से शाम 4:06
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:42 से दोपहर 1:33
गोधूलि मुहूर्तशाम 6:41 से शाम 6:53
आज के दुर्योग
Dagdha Yogaआज (05) दोपहर 12:24 तक
Mrityu Yoga(06) सुबह 9:59 तक
पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार, इन योगों में विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य आरंभ करने पर योग के नाम के अनुरूप अशुभ फल हो सकते हैं।
गौरी पंचांग / चौघड़िया
गौरी पंचांग / चौघड़िया
दिन
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
काल-शनि (खराब)सुबह 6:46 - सुबह 8:22
शुभ-गुरु (अच्छा)सुबह 8:22 - सुबह 9:57
रोग-मंगल (खराब)सुबह 9:57 - सुबह 11:32
उद्वेग-सूर्य (खराब)सुबह 11:32 - दोपहर 1:08
चर-शुक्र (तटस्थ)दोपहर 1:08 - दोपहर 2:43
लाभ-बुध (अच्छा)दोपहर 2:43 - शाम 4:18
अमृत-चंद्र (अच्छा)शाम 4:18 - शाम 5:54
काल-शनि (खराब)शाम 5:54 - रात 7:29
रात्रि
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
लाभ-बुध (अच्छा)रात 7:29 - रात 8:54
उद्वेग-सूर्य (खराब)रात 8:54 - रात 10:19
शुभ-गुरु (अच्छा)रात 10:19 - रात 11:43
अमृत-चंद्र (अच्छा)रात 11:43 - रात 1:08
चर-शुक्र (तटस्थ)रात 1:08 - तड़के 2:33
रोग-मंगल (खराब)तड़के 2:33 - तड़के 3:58
काल-शनि (खराब)तड़के 3:58 - सुबह 5:22
लाभ-बुध (अच्छा)सुबह 5:22 - सुबह 6:47
ये चौघड़िया तिथि, वार या नक्षत्र की परवाह किए बिना किसी भी काम को शुरू करने, नौकरी में शामिल होने आदि के लिए अनुकूल होते हैं। शुभ चौघड़ियों में किए गए कार्य अनुकूल रहते हैं। औषधि सेवन के लिए अमृत घड़िया, यात्रा के लिए चर घड़िया, और व्यापार या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए लाभ घड़िया उत्तम होती हैं।
दिन/रात के मुहूर्त
दिन मुहूर्त
दिन
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
रुद्रसुबह 6:46 - सुबह 7:37
अहिसुबह 7:37 - सुबह 8:28
मित्रसुबह 8:28 - सुबह 9:19
पितृसुबह 9:19 - सुबह 10:10
वसुसुबह 10:10 - सुबह 11:01
अम्बुसुबह 11:01 - सुबह 11:51
विश्वदेवसुबह 11:51 - दोपहर 12:42
अभिजितदोपहर 12:42 - दोपहर 1:33
विधातादोपहर 1:33 - दोपहर 2:24
पुरुहूतदोपहर 2:24 - दोपहर 3:15
इन्द्राग्निदोपहर 3:15 - शाम 4:06
निरृतिशाम 4:06 - शाम 4:57
वरुणशाम 4:57 - शाम 5:48
आर्यमनशाम 5:48 - शाम 6:38
भगशाम 6:38 - रात 7:29
रात्रि
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
गिरीशरात 7:29 - रात 8:14
आजपदरात 8:14 - रात 9:00
आहिर्बुध्न्यरात 9:00 - रात 9:45
पूषनरात 9:45 - रात 10:30
अश्विरात 10:30 - रात 11:15
यमरात 11:15 - रात 12:00
अग्निरात 12:00 - रात 12:46
विधात्रीरात 12:46 - रात 1:31
छन्दरात 1:31 - तड़के 2:16
आदितितड़के 2:16 - तड़के 3:01
जीवतड़के 3:01 - तड़के 3:46
विष्णुतड़के 3:46 - सुबह 4:32
अर्कसुबह 4:32 - सुबह 5:17
ब्रह्मासुबह 5:17 - सुबह 6:02
मारुतसुबह 6:02 - सुबह 6:47
होरा समय
होरा समय
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
शनिसुबह 6:46 - सुबह 7:50
गुरुसुबह 7:50 - सुबह 8:53
मंगलसुबह 8:53 - सुबह 9:57
सूर्यसुबह 9:57 - सुबह 11:01
शुक्रसुबह 11:01 - दोपहर 12:04
बुधदोपहर 12:04 - दोपहर 1:08
चंद्रदोपहर 1:08 - दोपहर 2:11
शनिदोपहर 2:11 - दोपहर 3:15
गुरुदोपहर 3:15 - शाम 4:18
मंगलशाम 4:18 - शाम 5:22
सूर्यशाम 5:22 - शाम 6:26
शुक्रशाम 6:26 - रात 7:29
बुधरात 7:29 - रात 8:26
चंद्ररात 8:26 - रात 9:22
शनिरात 9:22 - रात 10:19
गुरुरात 10:19 - रात 11:15
मंगलरात 11:15 - रात 12:12
सूर्यरात 12:12 - रात 1:08
शुक्ररात 1:08 - तड़के 2:05
बुधतड़के 2:05 - तड़के 3:01
चंद्रतड़के 3:01 - तड़के 3:58
शनितड़के 3:58 - सुबह 4:54
गुरुसुबह 4:54 - सुबह 5:51
मंगलसुबह 5:51 - सुबह 6:47
ताराबल / चंद्रबल
ताराबल/ चंद्रबल

ताराबल आज (05) दोपहर 12:01 तक

आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: आर्द్రా, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह सुख-सुविधा और खुशी प्रदान करता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: नैधन तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी मांगलिक कार्य के लिए यह अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक हानि और विवादों का भय उत्पन्न करता है। अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यदि नैधन तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले तिल के साथ स्वर्ण दान करें।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: प्रत्यक् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा चरण (पाद) पूरी तरह से प्रतिकूल है। यह दुर्घटनाओं और व्यावसायिक सौदों में हानि का संकेत देता है। यदि प्रत्यक् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: क्षेम तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। यात्राओं और चिकित्सा उपचार शुरू करने के लिए यह बहुत अच्छा है। यह सुख-शांति और कल्याण प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: विपत् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति पैदा करता है। शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यदि विपत् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: सम्पत् तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए यह बहुत अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में सफलता और अनुकूलता प्राप्त होती है।

ताराबल आज (05) दोपहर 12:01 से (06) सुबह 10:22 तक

आपका नक्षत्र: आर्द్రా, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह सुख-सुविधा और खुशी प्रदान करता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: नैधन तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी मांगलिक कार्य के लिए यह अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक हानि और विवादों का भय उत्पन्न करता है। अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यदि नैधन तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले तिल के साथ स्वर्ण दान करें।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: प्रत्यक् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा चरण (पाद) पूरी तरह से प्रतिकूल है। यह दुर्घटनाओं और व्यावसायिक सौदों में हानि का संकेत देता है। यदि प्रत्यक् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: क्षेम तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। यात्राओं और चिकित्सा उपचार शुरू करने के लिए यह बहुत अच्छा है। यह सुख-शांति और कल्याण प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: विपत् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति पैदा करता है। शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यदि विपत् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: सम्पत् तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए यह बहुत अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में सफलता और अनुकूलता प्राप्त होती है।

चंद्रबल
से 02/09/2026, रात 9:56 से  05/09/2026, रात 12:48 तक
मेष, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के जातकों के पास चंद्रबल है।
तुला राशि वालों के लिए अष्टम (8वां) चंद्र।
कुंभ राशि वालों के लिए अर्धाष्टम (4था) चंद्र।
मिथुन राशि वालों के लिए द्वादश (12वां) चंद्र।
जब चंद्रमा 4वें, 8वें और 12वें घर में गोचर करता है, तो शुभ कार्य करना या लंबी यात्राओं पर जाना उचित नहीं होता।


घातवार

आज वृषभ, सिंह और कन्या राशि वालों के लिए घातवार है।
घात दिनों में नई वस्तुओं का उपयोग, नए वस्त्र पहनना, लंबी दूरी की यात्रा, गृह-प्रवेश, अधिकारियों से मिलना और अन्य महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
लग्न तालिका

लग्न तालिका

लग्नअंत समय
वृषभ(05), 12:25 AM
मिथुन(05), 02:43 AM
कर्क(05), 05:13 AM
सिंह(05), 07:42 AM
कन्या(05), 10:11 AM
तुला(05), 12:42 PM
वृश्चिक(05), 03:07 PM
धनु(05), 05:08 PM
मकर(05), 06:40 PM
कुंभ(05), 07:55 PM
मीन(05), 09:08 PM
मेष(05), 10:32 PM
लग्न शुभांश, पुष्करांश

लग्न शुभांश, पुष्करांश

राशि/विभाजनअंशअंत समय
वृषभ/सिंहअशुभ(05), 12:12 AM
वृषभ/कन्याशुभ(05), 12:25 AM
मिथुन/तुलाशुभ(05), 12:39 AM
मिथुन/वृश्चिकअशुभ(05), 12:54 AM
मिथुन/धनुशुभ(05), 01:09 AM
मिथुन/मकरअशुभ(05), 01:24 AM
मिथुन/कुंभअशुभ(05), 01:39 AM
मिथुन/मीनपुष्कर(05), 01:55 AM
मिथुन/मेषअशुभ(05), 02:10 AM
मिथुन/वृषभपुष्कर(05), 02:27 AM
मिथुन/मिथुनवर्गोत्तम(05), 02:43 AM
कर्क/कर्कपुष्कर(05), 02:59 AM
कर्क/सिंहअशुभ(05), 03:16 AM
कर्क/कन्यापुष्कर(05), 03:32 AM
कर्क/तुलाशुभ(05), 03:49 AM
कर्क/वृश्चिकअशुभ(05), 04:06 AM
कर्क/धनुशुभ(05), 04:23 AM
कर्क/मकरअशुभ(05), 04:39 AM
कर्क/कुंभअशुभ(05), 04:56 AM
कर्क/मीनशुभ(05), 05:13 AM
सिंह/मेषअशुभ(05), 05:30 AM
सिंह/वृषभशुभ(05), 05:46 AM
सिंह/मिथुनशुभ(05), 06:03 AM
सिंह/कर्कशुभ(05), 06:20 AM
सिंह/सिंहवर्गोत्तम(05), 06:36 AM
सिंह/कन्याशुभ(05), 06:53 AM
सिंह/तुलापुष्कर(05), 07:09 AM
सिंह/वृश्चिकअशुभ(05), 07:26 AM
सिंह/धनुपुष्कर(05), 07:42 AM
कन्या/मकरअशुभ(05), 07:59 AM
कन्या/कुंभअशुभ(05), 08:15 AM
कन्या/मीनपुष्कर(05), 08:32 AM
कन्या/मेषअशुभ(05), 08:48 AM
कन्या/वृषभपुष्कर(05), 09:05 AM
कन्या/मिथुनशुभ(05), 09:21 AM
कन्या/कर्कशुभ(05), 09:38 AM
कन्या/सिंहअशुभ(05), 09:55 AM
कन्या/कन्यावर्गोत्तम(05), 10:11 AM
तुला/तुलावर्गोत्तम(05), 10:28 AM
तुला/वृश्चिकअशुभ(05), 10:45 AM
तुला/धनुशुभ(05), 11:01 AM
तुला/मकरअशुभ(05), 11:18 AM
तुला/कुंभअशुभ(05), 11:35 AM
तुला/मीनपुष्कर(05), 11:52 AM
तुला/मेषअशुभ(05), 12:08 PM
तुला/वृषभपुष्कर(05), 12:25 PM
तुला/मिथुनशुभ(05), 12:42 PM
वृश्चिक/कर्कपुष्कर(05), 12:59 PM
वृश्चिक/सिंहअशुभ(05), 01:15 PM
वृश्चिक/कन्यापुष्कर(05), 01:32 PM
वृश्चिक/तुलाशुभ(05), 01:48 PM
वृश्चिक/वृश्चिकवर्गोत्तम(05), 02:04 PM
वृश्चिक/धनुशुभ(05), 02:20 PM
वृश्चिक/मकरअशुभ(05), 02:36 PM
वृश्चिक/कुंभअशुभ(05), 02:51 PM
वृश्चिक/मीनशुभ(05), 03:07 PM
धनु/मेषअशुभ(05), 03:21 PM
धनु/वृषभशुभ(05), 03:36 PM
धनु/मिथुनशुभ(05), 03:50 PM
धनु/कर्कशुभ(05), 04:04 PM
धनु/सिंहअशुभ(05), 04:18 PM
धनु/कन्याशुभ(05), 04:31 PM
धनु/तुलापुष्कर(05), 04:43 PM
धनु/वृश्चिकअशुभ(05), 04:56 PM
धनु/धनुपुष्कर(05), 05:08 PM
मकर/मकरवर्गोत्तम(05), 05:19 PM
मकर/कुंभअशुभ(05), 05:30 PM
मकर/मीनपुष्कर(05), 05:41 PM
मकर/मेषअशुभ(05), 05:52 PM
मकर/वृषभपुष्कर(05), 06:02 PM
मकर/मिथुनअशुभ(05), 06:12 PM
मकर/कर्कशुभ(05), 06:22 PM
मकर/सिंहअशुभ(05), 06:31 PM
मकर/कन्याशुभ(05), 06:40 PM
कुंभ/तुलाशुभ(05), 06:49 PM
कुंभ/वृश्चिकअशुभ(05), 06:58 PM
कुंभ/धनुशुभ(05), 07:06 PM
कुंभ/मकरअशुभ(05), 07:15 PM
कुंभ/कुंभवर्गोत्तम(05), 07:23 PM
कुंभ/मीनपुष्कर(05), 07:31 PM
कुंभ/मेषअशुभ(05), 07:39 PM
कुंभ/वृषभपुष्कर(05), 07:47 PM
कुंभ/मिथुनशुभ(05), 07:55 PM
मीन/कर्कपुष्कर(05), 08:03 PM
मीन/सिंहअशुभ(05), 08:11 PM
मीन/कन्यापुष्कर(05), 08:19 PM
मीन/तुलाशुभ(05), 08:27 PM
मीन/वृश्चिकअशुभ(05), 08:35 PM
मीन/धनुशुभ(05), 08:43 PM
मीन/मकरअशुभ(05), 08:51 PM
मीन/कुंभअशुभ(05), 08:59 PM
मीन/मीनवर्गोत्तम(05), 09:08 PM
मेष/मेषवर्गोत्तम(05), 09:16 PM
मेष/वृषभशुभ(05), 09:25 PM
मेष/मिथुनशुभ(05), 09:34 PM
मेष/कर्कशुभ(05), 09:43 PM
मेष/सिंहअशुभ(05), 09:52 PM
मेष/कन्याशुभ(05), 10:02 PM
मेष/तुलापुष्कर(05), 10:11 PM
मेष/वृश्चिकअशुभ(05), 10:21 PM
मेष/धनुपुष्कर(05), 10:32 PM
वृषभ/मकरअशुभ(05), 10:43 PM
वृषभ/कुंभअशुभ(05), 10:54 PM
वृषभ/मीनपुष्कर(05), 11:05 PM
वृषभ/मेषअशुभ(05), 11:17 PM
वृषभ/वृषभपुष्कर(05), 11:29 PM
वृषभ/मिथुनशुभ(05), 11:41 PM
वृषभ/कर्कशुभ(05), 11:54 PM
सूर्योदय के समय ग्रह स्थिति

सूर्योदय के समय ग्रह स्थिति

ग्रहवक्री/अस्तराशिअंश
लग्नसिंह18:40:02
सूर्य-सिंह18:40:09
चंद्रमिथुन03:32:56
मंगलमिथुन21:58:08
बुध(अ)सिंह26:39:05
गुरुकर्क20:23:42
शुक्रतुला02:21:25
शनि(व)मीन19:11:10
राहु(व)कुंभ04:50:10
केतु(व)सिंह04:50:10
(व)= वक्री ग्रह, (अ)= अस्त ग्रह

लग्न कुंडली (D-1)

लग्न कुंडली (D-1)

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पंचांग के पाँच अंग

तिथि

सूर्य और चंद्रमा के दीर्घांशों के अंतर से निकला पारंपरिक चंद्र-दिन।

वार

स्थानीय दिन और उससे संबंधित पारंपरिक ग्रह-अधिपति।

नक्षत्र

जन्म या वर्तमान समय में चंद्रमा जिस 27-विभागीय आकाश क्षेत्र में स्थित है।

योग

सूर्य और चंद्रमा के दीर्घांशों के योग से निकला पारंपरिक पंचांग अंग।

करण

तिथि का आधा भाग; एक दिन में एक से अधिक करण हो सकते हैं।

पंचांग का उपयोग करते समय ध्यान रखें

समाप्ति समय पढ़ें

तिथि या नक्षत्र दिन के बीच बदल सकता है। केवल तारीख देखकर यह न मानें कि वही स्थिति मध्यरात्रि तक रहेगी।

सूर्योदय की भूमिका

कई व्रत और पर्व-निर्णयों में सूर्योदय महत्वपूर्ण होता है। नागरिक तारीख और धार्मिक दिन-निर्णय अलग हो सकते हैं।

एक समय को अकेले न देखें

केवल राहुकाल, अभिजित या एक नक्षत्र के आधार पर विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़ा संस्कार तय न करें।

परंपरा और पद्धति

अयनांश, सूर्योदय नियम और क्षेत्रीय धर्मशास्त्रीय निर्णय के कारण दूसरे पंचांग से अंतर हो सकता है।

पंचांग धार्मिक और सांस्कृतिक समय-संदर्भ देता है। इसे चिकित्सा, यात्रा-सुरक्षा, कानूनी या वित्तीय निर्णय की गारंटी न मानें।

सामान्य प्रश्न

अपने शहर का पंचांग देखना क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और स्थानीय घड़ी का समय स्थान के अनुसार बदलता है। राहुकाल, यमगंड, गुलिक, होरा और दिन के कई विभाजन स्थानीय सूर्योदय से निकाले जाते हैं।

क्या पंचांग का दिन मध्यरात्रि से शुरू होता है?

नागरिक तारीख मध्यरात्रि से बदलती है, लेकिन कई धार्मिक, व्रत और पर्व-निर्णयों में सूर्योदय महत्वपूर्ण दिन-सीमा होता है। परिणाम के साथ दिए गए नियम पढ़ें।

राहुकाल में क्या हर कार्य निषिद्ध है?

राहुकाल में नए महत्वपूर्ण कार्य का आरंभ टालने की परंपरा है, लेकिन पहले से चल रहे कार्य, दैनिक कर्तव्य और आपातकालीन काम के लिए इसे पूर्ण निषेध नहीं माना जाना चाहिए।

क्या केवल शुभ समय देखकर विवाह या गृह प्रवेश तय किया जा सकता है?

नहीं। विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन और अन्य संस्कारों के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, लग्न, ग्रह स्थिति और कार्य-विशेष मुहूर्त नियमों की अलग समीक्षा चाहिए।

दूसरे पंचांग में समय अलग क्यों हो सकता है?

स्थान निर्देशांक, समय क्षेत्र, सूर्योदय गणना, अयनांश, ephemeris settings और क्षेत्रीय निर्णय नियमों के कारण अंतर हो सकता है।

क्या पंचांग चिकित्सा, यात्रा-सुरक्षा या आर्थिक निर्णय की गारंटी देता है?

नहीं। पंचांग धार्मिक और पारंपरिक समय-संदर्भ देता है। चिकित्सा, सुरक्षा, कानूनी और आर्थिक निर्णयों के लिए संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।