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आज का पंचांग 21 मार्च 2026 | शुक्ल-तृतीया आज (21) दोपहर 2:28 तक, अश्विनी आज (21) दोपहर 3:08 तक (Columbus)

For Swastisri Parabhava Samvatsara (Ugadi) Yearly Horoscopes, Income, and Expenditure, etc., please choose your language: English, తెలుగు

21 मार्च 2026 वैज्ञानिक दृक गणित पंचांग

आज का विशेष: नीचे दिए गए विवरण आपके चुने हुए शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर आधारित हैं।

बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि सही समय पर शुरू किया गया कार्य अवश्य सफल होता है। यहाँ आप अपनी दिनचर्या, यात्रा और शुभ कार्यों के लिए आवश्यक दैनिक वैदिक पंचांग देख सकते हैं। यह पंचांग दृक सिद्धांत (Drik Ganitha) पर आधारित है।

पंचांग विवरण Columbus

आज का पंचांग – संक्षिप्त विवरण (Columbus)

  • तिथि: शुक्ल-तृतीया आज (21) दोपहर 2:28 तक (आज का दिन सामान्य कार्यों के लिए ठीक है।)
  • नक्षत्र: अश्विनी आज (21) दोपहर 3:08 तक (आज का नक्षत्र अधिकांश दैनिक कार्यों के लिए अनुकूल है।)
  • राहुकाल (अशुभ): सुबह 10:36 से दोपहर 12:07 तक

📅 21/3/2026📍 Columbus
स्वस्ति श्री पराभव संवत्सर, उत्तरायण, वसंत ऋतु, चैत्र मास
(पूर्णिमान्त : पराभव संवत्सर, वसंत ऋतु, चैत्र मास)
🌅 सूर्योदय सुबह 7:33 🌇 सूर्यास्त रात 7:45
संकल्प तिथि:
शुक्ल-तृतीया
श्राद्ध तिथि:
अमांत : चैत्र शुक्ल-चतुर्थी
पूर्णिमान्त : चैत्र शुक्ल-चतुर्थी
तिथि : शुक्ल-तृतीया आज (21) दोपहर 2:28 तक, फिर शुक्ल-चतुर्थी
सप्ताह का दिन : शनिवार (स्थिरवासरः)
नक्षत्र : अश्विनी आज (21) दोपहर 3:08 तक, फिर भरणी
योग : इन्द्र आज (21) सुबह 9:31 तक, फिर वैधृति कल(22) सुबह 6:12 तक
करण : तैतिल आज (21) तड़के 3:46 तक, फिर गरिज आज (21) दोपहर 2:28 तक
राशि : मेष राशि 20/03/2026, शाम 4:59 से  22/03/2026, शाम 6:45 तक
🚫 अशुभ समय
राहुकाल:
सुबह 10:36 से दोपहर 12:07 तक
दुर्मुहूर्त:
सुबह 7:33 से सुबह 8:21 और सुबह 8:21 से सुबह 9:10 तक
वर्ज्य:
आज (21) सुबह 11:27 से आज (21) दोपहर 12:55 तक और आज (21) शाम 4:37 से आज (21) शाम 6:05 तक, और
✅ शुभ समय
अमृत घड़ियां:
आज (21) सुबह 8:29 से आज (21) सुबह 9:58 तक
अभिजीत:
दोपहर 1:14-दोपहर 2:03
ब्रह्म मुहूर्त:
सुबह 5:57-सुबह 6:44
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योग
इन्द्र आज (21) सुबह 9:31 तक, फिर वैधृति कल(22) सुबह 6:12 तक
करण
तैतिल आज (21) तड़के 3:46 तक, फिर गरिज आज (21) दोपहर 2:28 तक
नक्षत्र पाद
अश्विनी-2 आज (21) सुबह 4:05 तक
अश्विनी-3 आज (21) सुबह 9:37 तक
अश्विनी-4 आज (21) दोपहर 3:08 तक
भरणि-1 आज (21) रात 8:40 तक
सूर्य राशि
मीन राशि 14/03/2026, दोपहर 3:23 से  13/04/2026, रात 11:50 तक
अशुभ समय
गुलिक काल
सुबह 7:33 से सुबह 9:04 तक
यमगण्ड काल
दोपहर 3:10 से शाम 4:42 तक
सूर्यचंद्र उदयास्त
सूर्य
सूर्योदय: सुबह 7:33
सूर्यास्त: रात 7:45
चंद्र
चंद्रोदয়: 08:37 AM
चंद्रास्त: 11:17 PM
दिन की अवधि : 12:11
अभिजीत : दोपहर 1:39
रात्रि की अवधि : 11:46
पूजा, होम और अभिषेक
अग्निवास : पृथ्वी (शुभ) आज (21) दोपहर 2:28 तक
होमाहुति : सूर्य
शिव वास : सभास्थल (अशुभ)
यात्राओं के लिए...
दिशा शूल : पूर्व
शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा से बचें। यदि जरूरी हो, तो अदरक, आंवला या तिल खाकर घर से निकलें।
ध्यान दें: जिस दिशा में दिशा शूल होता है, उस दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यह केवल लंबी यात्राओं या लंबे समय तक रहने के लिए लागू होता है, दैनिक यात्राओं पर नहीं।

दिन, रात विभाजन

दिन विभाजन
अरुणोदय कालसुबह 5:57 से सुबह 7:33
प्रातः कालसुबह 7:33 से सुबह 9:59
संगव कालसुबह 9:59 से दोपहर 12:25
मध्याह्न कालदोपहर 12:25 से दोपहर 2:52
अपराह्न कालदोपहर 2:52 से शाम 5:18
सायं कालशाम 5:18 से रात 7:45
रात्रि विभाजन
प्रदोष कालरात 7:45 से रात 10:06
निशीथ कालरात 1:14 से तड़के 2:01
अर्धरात्रिरात 1:38
उषः कालसुबह 5:10 से सुबह 7:31

शुभ समय

शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:57 से सुबह 6:44
विजय मुहूर्तदोपहर 3:41 से शाम 4:29
अभिजीत कालदोपहर 1:14 से दोपहर 2:03
गोधूलि मुहूर्तरात 7:26 से रात 7:38

त्रिसंध्या समय

त्रिसंध्या समय
प्रातः संध्या कालसुबह 6:44 से सुबह 7:31
मध्यान्ह संध्या कालदोपहर 1:08 से दोपहर 2:09
सायं संध्या कालशाम 6:56 से रात 7:45

गौरीपंचांग / चौघड़िया
दिन
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
काल-शनि (खराब)सुबह 7:33 - सुबह 9:04
शुभ-गुरु (अच्छा)सुबह 9:04 - सुबह 10:36
रोग-मंगल (खराब)सुबह 10:36 - दोपहर 12:07
उद्वेग-सूर्य (खराब)दोपहर 12:07 - दोपहर 1:39
चर-शुक्र (तटस्थ)दोपहर 1:39 - दोपहर 3:10
लाभ-बुध (अच्छा)दोपहर 3:10 - शाम 4:42
अमृत-चंद्र (अच्छा)शाम 4:42 - शाम 6:13
काल-शनि (खराब)शाम 6:13 - रात 7:45
रात्रि
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
लाभ-बुध (अच्छा)रात 7:45 - रात 9:13
उद्वेग-सूर्य (खराब)रात 9:13 - रात 10:41
शुभ-गुरु (अच्छा)रात 10:41 - रात 12:09
अमृत-चंद्र (अच्छा)रात 12:09 - रात 1:38
चर-शुक्र (तटस्थ)रात 1:38 - तड़के 3:06
रोग-मंगल (खराब)तड़के 3:06 - सुबह 4:34
काल-शनि (खराब)सुबह 4:34 - सुबह 6:03
लाभ-बुध (अच्छा)सुबह 6:03 - सुबह 7:31
ये चौघड़िया तिथि, वार या नक्षत्र की परवाह किए बिना किसी भी काम को शुरू करने, नौकरी में शामिल होने आदि के लिए अनुकूल होते हैं। शुभ चौघड़ियों में किए गए कार्य अनुकूल रहते हैं। औषधि सेवन के लिए अमृत घड़िया, यात्रा के लिए चर घड़िया, और व्यापार या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए लाभ घड़िया उत्तम होती हैं।

दिन मुहूर्त
दिन
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
रुद्रसुबह 7:33 - सुबह 8:21
अहिसुबह 8:21 - सुबह 9:10
मित्रसुबह 9:10 - सुबह 9:59
पितृसुबह 9:59 - सुबह 10:48
वसुसुबह 10:48 - सुबह 11:37
अम्बुसुबह 11:37 - दोपहर 12:25
विश्वदेवदोपहर 12:25 - दोपहर 1:14
अभिजितदोपहर 1:14 - दोपहर 2:03
विधातादोपहर 2:03 - दोपहर 2:52
पुरुहूतदोपहर 2:52 - दोपहर 3:41
इन्द्राग्निदोपहर 3:41 - शाम 4:29
निरृतिशाम 4:29 - शाम 5:18
वरुणशाम 5:18 - शाम 6:07
आर्यमनशाम 6:07 - शाम 6:56
भगशाम 6:56 - रात 7:45
रात्रि
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
गिरीशरात 7:45 - रात 8:32
आजपदरात 8:32 - रात 9:19
आहिर्बुध्न्यरात 9:19 - रात 10:06
पूषनरात 10:06 - रात 10:53
अश्विरात 10:53 - रात 11:40
यमरात 11:40 - रात 12:27
अग्निरात 12:27 - रात 1:14
विधात्रीरात 1:14 - तड़के 2:01
छन्दतड़के 2:01 - तड़के 2:48
आदितितड़के 2:48 - तड़के 3:36
जीवतड़के 3:36 - सुबह 4:23
विष्णुसुबह 4:23 - सुबह 5:10
अर्कसुबह 5:10 - सुबह 5:57
ब्रह्मासुबह 5:57 - सुबह 6:44
मारुतसुबह 6:44 - सुबह 7:31

होरा समय
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
शनिसुबह 7:33 - सुबह 8:34
गुरुसुबह 8:34 - सुबह 9:35
मंगलसुबह 9:35 - सुबह 10:36
सूर्यसुबह 10:36 - सुबह 11:37
शुक्रसुबह 11:37 - दोपहर 12:38
बुधदोपहर 12:38 - दोपहर 1:39
चंद्रदोपहर 1:39 - दोपहर 2:40
शनिदोपहर 2:40 - दोपहर 3:41
गुरुदोपहर 3:41 - शाम 4:42
मंगलशाम 4:42 - शाम 5:43
सूर्यशाम 5:43 - शाम 6:44
शुक्रशाम 6:44 - रात 7:45
बुधरात 7:45 - रात 8:43
चंद्ररात 8:43 - रात 9:42
शनिरात 9:42 - रात 10:41
गुरुरात 10:41 - रात 11:40
मंगलरात 11:40 - रात 12:39
सूर्यरात 12:39 - रात 1:38
शुक्ररात 1:38 - तड़के 2:37
बुधतड़के 2:37 - तड़के 3:36
चंद्रतड़के 3:36 - सुबह 4:34
शनिसुबह 4:34 - सुबह 5:33
गुरुसुबह 5:33 - सुबह 6:32
मंगलसुबह 6:32 - सुबह 7:31

ताराबल/ चंद्रबल

ताराबल आज (21) दोपहर 3:08 तक

आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह आराम और खुशी देता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित शुभ परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: नैधनतारा
फल, उपाय: यह अच्छा नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी शुभ कार्य के लिए अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक नुकसान और विवादों का भय उत्पन्न करता है! अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ होंगी। नैधनतारा के दिन यदि किसी कार्य या शुभ कार्य को करना आवश्यक हो, तो कार्य शुरू करने से पहले तिल के साथ सोना दान करें।
आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि देता है।
आपका नक्षत्र: आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: प्रत्यक्ष तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा पाद पूरी तरह से अशुभ है। यह दुर्घटनाओं और व्यापारिक सौदों और पेशे में नुकसान लाता है। प्रत्यक्ष तारा के दिन यदि किसी कार्य या शुभ कार्य को करना आवश्यक हो, तो कार्य शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: क्षेम तारा
फल: शुभ। यात्रा और चिकित्सा उपचार के लिए अच्छा है। यह कल्याण लाता है।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: विपत्तार
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति लाता है। आरंभ किए गए कार्य पूरे नहीं होंगे। विपत्तार के दिन यदि किसी कार्य या शुभ कार्य को करना आवश्यक हो, तो कार्य शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: संपत्तार
फल: शुभ। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में अनुकूलता होती है।

ताराबल आज (21) दोपहर 3:08 से कल(22) दोपहर 1:13 तक

आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्वा फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह आराम और खुशी देता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित शुभ परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: नैधनतारा
फल, उपाय: यह अच्छा नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी शुभ कार्य के लिए अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक नुकसान और विवादों का भय उत्पन्न करता है! अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ होंगी। नैधनतारा के दिन यदि किसी कार्य या शुभ कार्य को करना आवश्यक हो, तो कार्य शुरू करने से पहले तिल के साथ सोना दान करें।
आपका नक्षत्र: आर्द्रा, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि देता है।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: प्रत्यक्ष तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा पाद पूरी तरह से अशुभ है। यह दुर्घटनाओं और व्यापारिक सौदों और पेशे में नुकसान लाता है। प्रत्यक्ष तारा के दिन यदि किसी कार्य या शुभ कार्य को करना आवश्यक हो, तो कार्य शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: क्षेम तारा
फल: शुभ। यात्रा और चिकित्सा उपचार के लिए अच्छा है। यह कल्याण लाता है।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: विपत्तार
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति लाता है। आरंभ किए गए कार्य पूरे नहीं होंगे। विपत्तार के दिन यदि किसी कार्य या शुभ कार्य को करना आवश्यक हो, तो कार्य शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: संपत्तार
फल: शुभ। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में अनुकूलता होती है।

चंद्रबल
से 20/03/2026, शाम 4:59 से  22/03/2026, शाम 6:45 तक
मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के पास चंद्रबल है।
कन्या राशि वालों के लिए अष्टम (8वां) चंद्र.
मकर राशि वालों के लिए अर्धाष्टम (4वां) चंद्र.
वृषभ राशि वालों के लिए द्वादश (12वां) चंद्र.
जब चंद्रमा 4वें, 8वें और 12वें घर में होता है, तो शुभ कार्य करना या लंबी यात्राओं पर जाना उचित नहीं होता।


घातवार

आज वृषभ, सिंह और कन्या राशि वालों के लिए घातवार है।
घाटा दिवस पर नए सामान का उपयोग, नए वस्त्र पहनना, लंबी यात्रा करना, गृह‑प्रवेश करना, अधिकारियों से मिलना आदि कार्य नहीं करने चाहिए।

लग्न तालिका

लग्नअंत समय
तुला(21), 12:10 AM
वृश्चिक(21), 02:35 AM
धनु(21), 04:36 AM
मकर(21), 06:08 AM
कुंभ(21), 07:22 AM
मीन(21), 08:33 AM
मेष(21), 09:57 AM
वृषभ(21), 11:46 AM
मिथुन(21), 02:03 PM
कर्क(21), 04:34 PM
सिंह(21), 07:05 PM
कन्या(21), 09:35 PM

लग्न शुभांश, पुष्करांश

राशि/विभाजनअंशअंत समय
तुला/मिथुनशुभ(21), 12:10 AM
वृश्चिक/कर्कपुष्कर(21), 12:27 AM
वृश्चिक/सिंहअशुभ(21), 12:44 AM
वृश्चिक/कन्यपुष्कर(21), 01:00 AM
वृश्चिक/तुलाशुभ(21), 01:16 AM
वृश्चिक/वृश्चिकवर्गो(21), 01:33 AM
वृश्चिक/धनूशुभ(21), 01:49 AM
वृश्चिक/मकरअशुभ(21), 02:05 AM
वृश्चिक/कुंभअशुभ(21), 02:20 AM
वृश्चिक/मीनशुभ(21), 02:35 AM
धनू/मेषअशुभ(21), 02:50 AM
धनू/वृषभशुभ(21), 03:05 AM
धनू/मिथुनशुभ(21), 03:19 AM
धनू/कर्कशुभ(21), 03:33 AM
धनू/सिंहअशुभ(21), 03:46 AM
धनू/कन्यशुभ(21), 03:59 AM
धनू/तुलापुष्कर(21), 04:12 AM
धनू/वृश्चिकअशुभ(21), 04:24 AM
धनू/धनूपुष्कर(21), 04:36 AM
मकर/मकरवर्गो(21), 04:48 AM
मकर/कुंभअशुभ(21), 04:59 AM
मकर/मीनपुष्कर(21), 05:10 AM
मकर/मेषअशुभ(21), 05:20 AM
मकर/वृषभपुष्कर(21), 05:30 AM
मकर/मिथुनअशुभ(21), 05:40 AM
मकर/कर्कशुभ(21), 05:49 AM
मकर/सिंहअशुभ(21), 05:59 AM
मकर/कन्यशुभ(21), 06:08 AM
कुंभ/तुलाशुभ(21), 06:17 AM
कुंभ/वृश्चिकअशुभ(21), 06:25 AM
कुंभ/धनूशुभ(21), 06:34 AM
कुंभ/मकरअशुभ(21), 06:42 AM
कुंभ/कुंभवर्गो(21), 06:50 AM
कुंभ/मीनपुष्कर(21), 06:58 AM
कुंभ/मेषअशुभ(21), 07:06 AM
कुंभ/वृषभपुष्कर(21), 07:14 AM
कुंभ/मिथुनशुभ(21), 07:22 AM
मीन/कर्कपुष्कर(21), 07:30 AM
मीन/सिंहअशुभ(21), 07:38 AM
मीन/कन्यपुष्कर(21), 07:45 AM
मीन/तुलाशुभ(21), 07:53 AM
मीन/वृश्चिकअशुभ(21), 08:01 AM
मीन/धनूशुभ(21), 08:09 AM
मीन/मकरअशुभ(21), 08:17 AM
मीन/कुंभअशुभ(21), 08:25 AM
मीन/मीनवर्गो(21), 08:33 AM
मेष/मेषवर्गो(21), 08:42 AM
मेष/वृषभशुभ(21), 08:50 AM
मेष/मिथुनशुभ(21), 08:59 AM
मेष/कर्कशुभ(21), 09:08 AM
मेष/सिंहअशुभ(21), 09:17 AM
मेष/कन्यशुभ(21), 09:27 AM
मेष/तुलापुष्कर(21), 09:36 AM
मेष/वृश्चिकअशुभ(21), 09:46 AM
मेष/धनूपुष्कर(21), 09:57 AM
वृषभ/मकरअशुभ(21), 10:07 AM
वृषभ/कुंभअशुभ(21), 10:18 AM
वृषभ/मीनपुष्कर(21), 10:30 AM
वृषभ/मेषअशुभ(21), 10:41 AM
वृषभ/वृषभपुष्कर(21), 10:53 AM
वृषभ/मिथुनशुभ(21), 11:06 AM
वृषभ/कर्कशुभ(21), 11:19 AM
वृषभ/सिंहअशुभ(21), 11:32 AM
वृषभ/कन्यशुभ(21), 11:46 AM
मिथुन/तुलाशुभ(21), 12:00 PM
मिथुन/वृश्चिकअशुभ(21), 12:14 PM
मिथुन/धनूशुभ(21), 12:29 PM
मिथुन/मकरअशुभ(21), 12:44 PM
मिथुन/कुंभअशुभ(21), 12:59 PM
मिथुन/मीनपुष्कर(21), 01:15 PM
मिथुन/मेषअशुभ(21), 01:31 PM
मिथुन/वृषभपुष्कर(21), 01:47 PM
मिथुन/मिथुनवर्गो(21), 02:03 PM
कर्क/कर्कपुष्कर(21), 02:20 PM
कर्क/सिंहअशुभ(21), 02:36 PM
कर्क/कन्यपुष्कर(21), 02:53 PM
कर्क/तुलाशुभ(21), 03:10 PM
कर्क/वृश्चिकअशुभ(21), 03:27 PM
कर्क/धनूशुभ(21), 03:44 PM
कर्क/मकरअशुभ(21), 04:01 PM
कर्क/कुंभअशुभ(21), 04:17 PM
कर्क/मीनशुभ(21), 04:34 PM
सिंह/मेषअशुभ(21), 04:51 PM
सिंह/वृषभशुभ(21), 05:08 PM
सिंह/मिथुनशुभ(21), 05:25 PM
सिंह/कर्कशुभ(21), 05:41 PM
सिंह/सिंहवर्गो(21), 05:58 PM
सिंह/कन्यशुभ(21), 06:15 PM
सिंह/तुलापुष्कर(21), 06:32 PM
सिंह/वृश्चिकअशुभ(21), 06:48 PM
सिंह/धनूपुष्कर(21), 07:05 PM
कन्य/मकरअशुभ(21), 07:21 PM
कन्य/कुंभअशुभ(21), 07:38 PM
कन्य/मीनपुष्कर(21), 07:55 PM
कन्य/मेषअशुभ(21), 08:11 PM
कन्य/वृषभपुष्कर(21), 08:28 PM
कन्य/मिथुनशुभ(21), 08:45 PM
कन्य/कर्कशुभ(21), 09:01 PM
कन्य/सिंहअशुभ(21), 09:18 PM
कन्य/कन्यवर्गो(21), 09:35 PM
तुला/तुलावर्गो(21), 09:51 PM
तुला/वृश्चिकअशुभ(21), 10:08 PM
तुला/धनूशुभ(21), 10:25 PM
तुला/मकरअशुभ(21), 10:42 PM
तुला/कुंभअशुभ(21), 10:59 PM
तुला/मीनपुष्कर(21), 11:16 PM
तुला/मेषअशुभ(21), 11:33 PM
तुला/वृषभपुष्कर(21), 11:49 PM

सूर्योदय के समय ग्रह स्थिति

ग्रहवक्री/अस्तराशिअंश
लग्नमीन04:33:52
सूर्य-मीन06:38:08
चंद्रमेष08:45:53
मंगल(अ)कुंभ20:38:41
बुधकुंभ14:17:15
गुरुमिथुन21:02:06
शुक्रमीन24:25:54
शनि(अ)मीन10:00:37
राहु(व)कुंभ13:44:13
केतु(व)सिंह13:44:13
(व)= वक्री ग्रह, (अ)= अस्त ग्रह

सू शु *ल*
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चं
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2
गु
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मं बु (रा)
11

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(के)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

आज का दिन सामान्य कार्यों के लिए ठीक है।

आज का नक्षत्र अधिकांश दैनिक कार्यों के लिए अनुकूल है।

पंचांग पूरी तरह से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है, जो हर शहर के लिए अलग होता है। सही वैदिक समय का पालन करने के लिए अपने शहर का चयन करना आवश्यक है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल में नई यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बाधाएं आ सकती हैं।


पंचांग: पांच अंगों का महत्व

पंचांग केवल तारीखें नहीं हैं; यह खगोल विज्ञान और ज्योतिष का मिश्रण है। इसके पांच अंग होते हैं:

अंग अर्थ परिणाम / महत्व
1. तिथि सूर्य और चंद्रमा के बीच की दूरी धन और समृद्धि
2. वार (दिन) ग्रहों का अधिपति आयु (लंबी उम्र)
3. नक्षत्र तारामंडल पाप परिहार (मन की शांति)
4. योग सूर्य-चंद्रमा का योग स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता
5. करण तिथि का आधा भाग कार्य सिद्धि (सफलता)
श्री संतोष कुमार शर्मा

श्री संतोष कुमार शर्मा (वैदिक ज्योतिषी)

वैदिक ज्योतिष में 31 वर्षों से अधिक के शोध के साथ, उन्होंने प्राचीन सिद्धांतों को आधुनिक खगोलीय सटीकता के साथ मिलाकर इस पंचांग को तैयार किया है।

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