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आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल व शुभ समय

आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल व शुभ समय

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Columbus · 6 नवंबर 2026 · America/New_York

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Columbus · 6 नवंबर 2026 · America/New_York

समय कार्य शुरू करने के लिए हैं। कम से कम 15 मिनट की अवधि ही दिखाई गई है।

6 नवंबर, 17:41 – 6 नवंबर, 18:13

यह समय निम्न कार्यों के लिए अनुकूल है:

  • निर्माण के लिए भूमि खरीदना
  • व्यापार के लिए माल खरीदना
  • सामान्य यात्राएँ
  • बैठकें
  • बिक्री
पंचांग विवरण
तिथि
कृष्ण-त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त
वार
शुक्रवार
योग
प्रीति
करण
वणिज

6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18

यह समय निम्न कार्यों के लिए अनुकूल है:

  • पंजीकरण, दस्तावेज़ और हस्ताक्षर
  • निर्माण के लिए भूमि खरीदना
  • वाहन खरीदना
  • व्यापार के लिए माल खरीदना
  • सामान्य यात्राएँ
  • बैठकें
  • बिक्री
पंचांग विवरण
तिथि
कृष्ण-त्रयोदशी
नक्षत्र
चित्रा
वार
शुक्रवार
योग
प्रीति
करण
वणिज

दैनिक कार्यों के लिए सामान्य पंचांग मार्गदर्शन। विवाह, उपनयन, नींव रखने और विधिवत गृहप्रवेश के लिए अलग मुहूर्त चुनना चाहिए।

पंचांग विवरण
📅 6/11/2026 ॐ 📍 Columbus
स्वस्ति श्री पराभव संवत्सर, दक्षिणायन, शरद ऋतु, आश्विन मास
(पूर्णिमान्त: पराभव संवत्सर, शरद ऋतु, कार्तिक मास)
🌅 सूर्योदय सुबह 7:11 🌇 सूर्यास्त शाम 5:19
संकल्प तिथि
कृष्ण-त्रयोदशी
श्राद्ध तिथि
अमान्त: आश्विन कृष्ण-त्रयोदशी
पूर्णिमान्त: कार्तिक कृष्ण-त्रयोदशी
तिथि कृष्ण-त्रयोदशी (07) रात 12:18 तक फिर कृष्ण-चतुर्दशी
सप्ताह का दिन शुक्रवार (भृगुवासरः)
नक्षत्र हस्त आज (06) शाम 6:13 तक, फिर चित्रा
योग विष्कम्भ आज (06) शाम 5:40 तक, फिर प्रीति
करण तैतिल आज (06) रात 12:01 तक, फिर गरिज आज (06) दोपहर 12:06 तक
राशि कन्या राशि 04/11/2026, रात 11:04 से  07/11/2026, सुबह 6:45 तक
🚫 अशुभ समय
राहुकाल:
सुबह 10:59 से दोपहर 12:15 तक
दुर्मुहूर्त:
सुबह 9:13 से सुबह 9:53 और दोपहर 12:35 से दोपहर 1:16 तक
वर्ज्य:
(07) तड़के 2:36 से (07) सुबह 4:17 तक
✅ शुभ समय
अमृत घटी:
आज (06) दोपहर 12:01 से आज (06) दोपहर 1:40 तक
अभिजीत:
सुबह 11:55-दोपहर 12:35
ब्रह्म मुहूर्त:
सुबह 5:21-सुबह 6:17
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पंचांग विवरण 1
योग
विष्कम्भ आज (06) शाम 5:40 तक, फिर प्रीति
करण
तैतिल आज (06) रात 12:01 तक, फिर गरिज आज (06) दोपहर 12:06 तक
नक्षत्र पाद
हस्त-2 आज (06) सुबह 5:47 तक
हस्त-3 आज (06) सुबह 11:59 तक
हस्त-4 आज (06) शाम 6:13 तक
चित्रा-1 (07) रात 12:28 तक
सूर्य राशि
तुला राशि 17/10/2026, सुबह 10:21 से  16/11/2026, सुबह 9:13 तक
अशुभ समय
गुलिक काल
सुबह 8:27 से सुबह 9:43 तक
यमगण्ड काल
दोपहर 2:47 से शाम 4:03 तक
सूर्यचंद्र उदयास्त
सूर्य
सूर्योदय: सुबह 7:11
सूर्यास्त: शाम 5:19
चंद्र
चंद्रोदय: 04:20 AM
चंद्रास्त: 04:06 PM
दिन की अवधि : 10:07
अभिजीत : दोपहर 12:15
रात्रि प्रमाण : 13:53
प्रदोष समय (6 घटी) : शाम 5:19 से रात 7:43 तक
पूजा, होम और अभिषेक
अग्निवास : पृथ्वी (शुभ) आज (06) रात 12:01 तक
होमाहुति : केतु
शिव वास : भोजन (अशुभ)
यात्राओं के लिए...
दिशा शूल : पश्चिम
शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें। यदि जरूरी हो, तो दही या शक्कर खाकर निकलें।
ध्यान दें: जिस दिशा में दिशा शूल होता है, उस दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यह केवल लंबी यात्राओं या लंबे समय तक रहने के लिए लागू होता है, दैनिक यात्राओं पर नहीं।
त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प

त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प

त्रिसंध्या समय - नित्य संकल्प
प्रातः संध्या कालसुबह 6:17 से सुबह 7:12
मध्यान्ह संध्या कालसुबह 11:50 से दोपहर 12:40
सायं संध्या कालशाम 4:38 से शाम 5:19

आज का संकल्प

मम उपात्त, समस्त दुरित क्षय द्वारा श्री परमेश्वरमुद्दिश्य, श्री परमेश्वर प्रीत्यर्थं, शुभे शोभने मुहूर्ते - श्री महाविष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य आद्यब्रह्मणः द्वितीय परार्धे, श्वेतवराहकल्पे, वैवस्वतमन्वन्तरे कलियुगे प्रथमपादे, क्रौंच द्वीपे, रमणक वर्षे, ऐन्द्र खण्डे, मेरोः पश्चिम दिग्भागे, उत्तर अमेरिकायों, अटलांटिक पेसिफिक सागरयोर्मध्य प्रदेशे, राखी मेकिन्ली पर्वतयोर्मध्ये, मिसिसिपी मिसौरी इत्यादि षोडश जीव नदी प्रवाह प्रान्ते, राष्ट्रे, Columbus नगर स्थाने स्वस्थाने, शोभनगृहे (स्वगृहे / वसति गृहे), समस्त देवता ब्राह्मण हरिहर सन्निधौ, अस्मि न्वर्तमान व्यावहारिक, चान्द्रमानेन - प्रभवादि षष्टि संवत्सराणां मध्ये - पराभव नाम संवत्सर - दक्षिणायने - शरद ऋतौ - आश्विन मासे - कृष्ण पक्षे - त्रयोदशी तिथौ - भृगु वासरे - हस्त शुभ नक्षत्रे, विष्कम्भ शुभ योगे, गरिज शुभ करणे.

एवं गुण विशेषेण विशिष्टायाम् अस्याम् शुभ तिथौ श्रीमान् ----- गोत्रस्य ----- नामधेयस्य, (मम सहकुटुम्बस्य अस्माकं, सर्वेषां, सहकुटुम्बानां, क्षेम, स्थैर्य, विजय, अभय आयुर् आरोग्य, ऐश्वर्यादि अभिवृद्ध्यर्थं, मम गृहे महा लक्ष्मी नित्य निवास सिद्ध्यर्थं, मम इष्टकाम्य फल सिद्ध्यर्थं, मम व्यापार, व्यवहार, उद्योगादीनां दिनदिनाभिवृद्धि सिद्ध्यर्थं समस्त मंगला व्याप्तं, शरीरे वर्तमानकाल वर्तिष्यमान सकल रोग परिहार द्वार क्षिप्र आरोग्य सौख्य सिद्ध्यर्थं) - प्रातः/मध्याह्निक/सायं संध्यां, गायत्री जपं, अहं करिष्ये (या जो पूजा/व्रत कर रहे हैं उसका नाम बोलें)।
नोट: विवाहित लोग 'मम सहकुटुम्बस्य' से पहले 'धर्मपत्नी समेतस्य' जोड़ सकते हैं। रिक्त स्थान में अपना गोत्र और नाम बोलें।
दिन और रात के विभाजन

दिन-रात विभाजन

दिन विभाजन
अरुणोदय कालसुबह 5:35 से सुबह 7:11
प्रातः कालसुबह 7:11 से सुबह 9:13
संगव कालसुबह 9:13 से सुबह 11:14
मध्याह्न कालसुबह 11:14 से दोपहर 1:16
अपराह्न कालदोपहर 1:16 से दोपहर 3:17
सायं कालदोपहर 3:17 से शाम 5:19
प्रदोष समय (6 घटी)
प्रदोष समय (6 घटी)शाम 5:19 से रात 7:43 तक
रात्रि विभाजन
निशीथ कालरात 11:48 से रात 12:43
अर्धरात्रिरात 12:15
उषः कालसुबह 4:25 से सुबह 7:12
दिन-रात विभाजन (प्रहर)
दिन विभाजन
पूर्वाह्नसुबह 7:11 से सुबह 9:43 तक
मध्याह्न सुबह 9:43 से दोपहर 12:15 तक
अपराह्न दोपहर 12:15 से दोपहर 2:47 तक
सायाह्न दोपहर 2:47 से शाम 5:19 तक
रात्रि विभाजन (प्रहर)
रात्रि का प्रथम प्रहरशाम 5:19 से रात 8:47 तक
निशीथरात 8:47 से रात 12:15 तक
त्रियामारात 12:15 से तड़के 3:44 तक
उषः कालतड़के 3:44 से सुबह 7:12 तक
शुभ समय

शुभ समय

शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:21 से सुबह 6:17
विजय मुहूर्तदोपहर 1:56 से दोपहर 2:37
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:55 से दोपहर 12:35
गोधूलि मुहूर्तरात 7:06 से रात 7:18
आज के दुर्योग
आज कोई अशुभ या दुर्योग नहीं है।
गौरी पंचांग / चौघड़िया
गौरी पंचांग / चौघड़िया
दिन
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
चर-शुक्र (तटस्थ)सुबह 7:11 - सुबह 8:27
लाभ-बुध (अच्छा)सुबह 8:27 - सुबह 9:43
अमृत-चंद्र (अच्छा)सुबह 9:43 - सुबह 10:59
काल-शनि (खराब)सुबह 10:59 - दोपहर 12:15
शुभ-गुरु (अच्छा)दोपहर 12:15 - दोपहर 1:31
रोग-मंगल (खराब)दोपहर 1:31 - दोपहर 2:47
उद्वेग-सूर्य (खराब)दोपहर 2:47 - शाम 4:03
चर-शुक्र (तटस्थ)शाम 4:03 - शाम 5:19
रात्रि
नामसमय (प्रारंभ - अंत)
रोग-मंगल (खराब)शाम 5:19 - रात 7:03
काल-शनि (खराब)रात 7:03 - रात 8:47
लाभ-बुध (अच्छा)रात 8:47 - रात 10:31
उद्वेग-सूर्य (खराब)रात 10:31 - रात 12:15
शुभ-गुरु (अच्छा)रात 12:15 - तड़के 2:00
अमृत-चंद्र (अच्छा)तड़के 2:00 - तड़के 3:44
चर-शुक्र (तटस्थ)तड़के 3:44 - सुबह 5:28
रोग-मंगल (खराब)सुबह 5:28 - सुबह 7:12
ये चौघड़िया तिथि, वार या नक्षत्र की परवाह किए बिना किसी भी काम को शुरू करने, नौकरी में शामिल होने आदि के लिए अनुकूल होते हैं। शुभ चौघड़ियों में किए गए कार्य अनुकूल रहते हैं। औषधि सेवन के लिए अमृत घड़िया, यात्रा के लिए चर घड़िया, और व्यापार या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने के लिए लाभ घड़िया उत्तम होती हैं।
दिन/रात के मुहूर्त
दिन मुहूर्त
दिन
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
रुद्रसुबह 7:11 - सुबह 7:52
अहिसुबह 7:52 - सुबह 8:32
मित्रसुबह 8:32 - सुबह 9:13
पितृसुबह 9:13 - सुबह 9:53
वसुसुबह 9:53 - सुबह 10:34
अम्बुसुबह 10:34 - सुबह 11:14
विश्वदेवसुबह 11:14 - सुबह 11:55
अभिजितसुबह 11:55 - दोपहर 12:35
विधातादोपहर 12:35 - दोपहर 1:16
पुरुहूतदोपहर 1:16 - दोपहर 1:56
इन्द्राग्निदोपहर 1:56 - दोपहर 2:37
निरृतिदोपहर 2:37 - दोपहर 3:17
वरुणदोपहर 3:17 - दोपहर 3:58
आर्यमनदोपहर 3:58 - शाम 4:38
भगशाम 4:38 - शाम 5:19
रात्रि
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
गिरीशशाम 5:19 - शाम 6:14
आजपदशाम 6:14 - रात 7:10
आहिर्बुध्न्यरात 7:10 - रात 8:05
पूषनरात 8:05 - रात 9:01
अश्विरात 9:01 - रात 9:57
यमरात 9:57 - रात 10:52
अग्निरात 10:52 - रात 11:48
विधात्रीरात 11:48 - रात 12:43
छन्दरात 12:43 - रात 1:39
आदितिरात 1:39 - तड़के 2:34
जीवतड़के 2:34 - तड़के 3:30
विष्णुतड़के 3:30 - सुबह 4:25
अर्कसुबह 4:25 - सुबह 5:21
ब्रह्मासुबह 5:21 - सुबह 6:17
मारुतसुबह 6:17 - सुबह 7:12
होरा समय
होरा समय
अधिपतिसमय (प्रारंभ - अंत)
शुक्रसुबह 7:11 - सुबह 8:02
बुधसुबह 8:02 - सुबह 8:52
चंद्रसुबह 8:52 - सुबह 9:43
शनिसुबह 9:43 - सुबह 10:34
गुरुसुबह 10:34 - सुबह 11:24
मंगलसुबह 11:24 - दोपहर 12:15
सूर्यदोपहर 12:15 - दोपहर 1:06
शुक्रदोपहर 1:06 - दोपहर 1:56
बुधदोपहर 1:56 - दोपहर 2:47
चंद्रदोपहर 2:47 - दोपहर 3:37
शनिदोपहर 3:37 - शाम 4:28
गुरुशाम 4:28 - शाम 5:19
मंगलशाम 5:19 - शाम 6:28
सूर्यशाम 6:28 - रात 7:38
शुक्ररात 7:38 - रात 8:47
बुधरात 8:47 - रात 9:57
चंद्ररात 9:57 - रात 11:06
शनिरात 11:06 - रात 12:15
गुरुरात 12:15 - रात 1:25
मंगलरात 1:25 - तड़के 2:34
सूर्यतड़के 2:34 - तड़के 3:44
शुक्रतड़के 3:44 - सुबह 4:53
बुधसुबह 4:53 - सुबह 6:03
चंद्रसुबह 6:03 - सुबह 7:12
ताराबल / चंद्रबल
ताराबल/ चंद्रबल

ताराबल आज (06) शाम 6:13 तक

आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: आर्द్రా, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह सुख-सुविधा और खुशी प्रदान करता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: नैधन तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी मांगलिक कार्य के लिए यह अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक हानि और विवादों का भय उत्पन्न करता है। अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यदि नैधन तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले तिल के साथ स्वर्ण दान करें।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: प्रत्यक् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा चरण (पाद) पूरी तरह से प्रतिकूल है। यह दुर्घटनाओं और व्यावसायिक सौदों में हानि का संकेत देता है। यदि प्रत्यक् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: क्षेम तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। यात्राओं और चिकित्सा उपचार शुरू करने के लिए यह बहुत अच्छा है। यह सुख-शांति और कल्याण प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: विपत् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति पैदा करता है। शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यदि विपत् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: सम्पत् तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए यह बहुत अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में सफलता और अनुकूलता प्राप्त होती है।

ताराबल आज (06) शाम 6:13 से (07) रात 7:22 तक

आपका नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
ताराबल: जन्मतारा
फल, उपाय: यह बहुत अच्छा नहीं है। सूर्य इसका अधिपति है। यह मन पर प्रभाव डालता है जिससे समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तीसरा पाद अधिक हानिकारक लक्षण रखता है। जन्मतारा वाले दिन किसी काम या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पत्तेदार सब्जियों का दान करना चाहिए।
आपका नक्षत्र: आर्द్రా, स्वाति, शतभिषा
ताराबल: परम मित्र तारा
फल: यह अच्छा है, लेकिन थोड़े प्रयास से आपका काम पूरा हो जाएगा। अंत में आर्थिक लाभ होगा।
आपका नक्षत्र: पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वभाद्रपद
ताराबल: मित्र तारा
फल: शुभ। यह सुख-सुविधा और खुशी प्रदान करता है। सृजनात्मकता को बढ़ाता है और अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम लाता है।
आपका नक्षत्र: पुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
ताराबल: नैधन तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है, इसे पूरी तरह से टाल देना चाहिए। किसी भी मांगलिक कार्य के लिए यह अनुकूल नहीं है। यह आर्थिक हानि और विवादों का भय उत्पन्न करता है। अनावश्यक खर्च और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। यदि नैधन तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले तिल के साथ स्वर्ण दान करें।
आपका नक्षत्र: आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
ताराबल: साधना तारा
फल: शुभ। आप सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह कार्य सिद्धि प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: अश्विनी, मघा, मूल
ताराबल: प्रत्यक् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। चौथा चरण (पाद) पूरी तरह से प्रतिकूल है। यह दुर्घटनाओं और व्यावसायिक सौदों में हानि का संकेत देता है। यदि प्रत्यक् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले नमक का दान करें।
आपका नक्षत्र: भरणी, पूर्व फाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
ताराबल: क्षेम तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। यात्राओं और चिकित्सा उपचार शुरू करने के लिए यह बहुत अच्छा है। यह सुख-शांति और कल्याण प्रदान करता है।
आपका नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तर फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
ताराबल: विपत् तारा
फल, उपाय: यह शुभ नहीं है। राहु इसका अधिपति है। यह विवाद और असहमति पैदा करता है। शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यदि विपत् तारा के दिन कोई कार्य करना अनिवार्य हो, तो उसे शुरू करने से पहले गुड़ का दान करें।
आपका नक्षत्र: रोहिणी, हस्त, श्रवण
ताराबल: सम्पत् तारा
फल: यह अत्यंत शुभ तारा है। आर्थिक मामलों और व्यावसायिक लेन-देन के लिए यह बहुत अच्छा है। बुध इसका अधिपति है। कार्यों में सफलता और अनुकूलता प्राप्त होती है।

चंद्रबल
से 04/11/2026, रात 11:04 से  07/11/2026, सुबह 6:45 तक
मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों के पास चंद्रबल है।
कुंभ राशि वालों के लिए अष्टम (8वां) चंद्र।
मिथुन राशि वालों के लिए अर्धाष्टम (4था) चंद्र।
तुला राशि वालों के लिए द्वादश (12वां) चंद्र।
जब चंद्रमा 4वें, 8वें और 12वें घर में गोचर करता है, तो शुभ कार्य करना या लंबी यात्राओं पर जाना उचित नहीं होता।


घातवार

आज वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों के लिए घातवार है।
घात दिनों में नई वस्तुओं का उपयोग, नए वस्त्र पहनना, लंबी दूरी की यात्रा, गृह-प्रवेश, अधिकारियों से मिलना और अन्य महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
लग्न तालिका

लग्न तालिका

लग्नअंत समय
कर्क(06), 12:30 AM
सिंह(06), 03:00 AM
कन्या(06), 05:31 AM
तुला(06), 08:02 AM
वृश्चिक(06), 10:28 AM
धनु(06), 12:28 PM
मकर(06), 02:00 PM
कुंभ(06), 03:14 PM
मीन(06), 04:25 PM
मेष(06), 05:48 PM
वृषभ(06), 07:37 PM
मिथुन(06), 09:55 PM
लग्न शुभांश, पुष्करांश

लग्न शुभांश, पुष्करांश

राशि/विभाजनअंशअंत समय
कर्क/कुंभअशुभ(06), 12:13 AM
कर्क/मीनशुभ(06), 12:30 AM
सिंह/मेषअशुभ(06), 12:47 AM
सिंह/वृषभशुभ(06), 01:03 AM
सिंह/मिथुनशुभ(06), 01:20 AM
सिंह/कर्कशुभ(06), 01:37 AM
सिंह/सिंहवर्गोत्तम(06), 01:54 AM
सिंह/कन्याशुभ(06), 02:10 AM
सिंह/तुलापुष्कर(06), 02:27 AM
सिंह/वृश्चिकअशुभ(06), 02:44 AM
सिंह/धनुपुष्कर(06), 03:00 AM
कन्या/मकरअशुभ(06), 03:17 AM
कन्या/कुंभअशुभ(06), 03:34 AM
कन्या/मीनपुष्कर(06), 03:50 AM
कन्या/मेषअशुभ(06), 04:07 AM
कन्या/वृषभपुष्कर(06), 04:24 AM
कन्या/मिथुनशुभ(06), 04:40 AM
कन्या/कर्कशुभ(06), 04:57 AM
कन्या/सिंहअशुभ(06), 05:14 AM
कन्या/कन्यावर्गोत्तम(06), 05:31 AM
तुला/तुलावर्गोत्तम(06), 05:47 AM
तुला/वृश्चिकअशुभ(06), 06:04 AM
तुला/धनुशुभ(06), 06:21 AM
तुला/मकरअशुभ(06), 06:38 AM
तुला/कुंभअशुभ(06), 06:55 AM
तुला/मीनपुष्कर(06), 07:12 AM
तुला/मेषअशुभ(06), 07:29 AM
तुला/वृषभपुष्कर(06), 07:45 AM
तुला/मिथुनशुभ(06), 08:02 AM
वृश्चिक/कर्कपुष्कर(06), 08:19 AM
वृश्चिक/सिंहअशुभ(06), 08:36 AM
वृश्चिक/कन्यापुष्कर(06), 08:52 AM
वृश्चिक/तुलाशुभ(06), 09:09 AM
वृश्चिक/वृश्चिकवर्गोत्तम(06), 09:25 AM
वृश्चिक/धनुशुभ(06), 09:41 AM
वृश्चिक/मकरअशुभ(06), 09:57 AM
वृश्चिक/कुंभअशुभ(06), 10:12 AM
वृश्चिक/मीनशुभ(06), 10:28 AM
धनु/मेषअशुभ(06), 10:43 AM
धनु/वृषभशुभ(06), 10:57 AM
धनु/मिथुनशुभ(06), 11:11 AM
धनु/कर्कशुभ(06), 11:25 AM
धनु/सिंहअशुभ(06), 11:39 AM
धनु/कन्याशुभ(06), 11:52 AM
धनु/तुलापुष्कर(06), 12:04 PM
धनु/वृश्चिकअशुभ(06), 12:17 PM
धनु/धनुपुष्कर(06), 12:28 PM
मकर/मकरवर्गोत्तम(06), 12:40 PM
मकर/कुंभअशुभ(06), 12:51 PM
मकर/मीनपुष्कर(06), 01:02 PM
मकर/मेषअशुभ(06), 01:12 PM
मकर/वृषभपुष्कर(06), 01:22 PM
मकर/मिथुनअशुभ(06), 01:32 PM
मकर/कर्कशुभ(06), 01:42 PM
मकर/सिंहअशुभ(06), 01:51 PM
मकर/कन्याशुभ(06), 02:00 PM
कुंभ/तुलाशुभ(06), 02:09 PM
कुंभ/वृश्चिकअशुभ(06), 02:17 PM
कुंभ/धनुशुभ(06), 02:26 PM
कुंभ/मकरअशुभ(06), 02:34 PM
कुंभ/कुंभवर्गोत्तम(06), 02:42 PM
कुंभ/मीनपुष्कर(06), 02:50 PM
कुंभ/मेषअशुभ(06), 02:58 PM
कुंभ/वृषभपुष्कर(06), 03:06 PM
कुंभ/मिथुनशुभ(06), 03:14 PM
मीन/कर्कपुष्कर(06), 03:22 PM
मीन/सिंहअशुभ(06), 03:29 PM
मीन/कन्यापुष्कर(06), 03:37 PM
मीन/तुलाशुभ(06), 03:45 PM
मीन/वृश्चिकअशुभ(06), 03:53 PM
मीन/धनुशुभ(06), 04:01 PM
मीन/मकरअशुभ(06), 04:09 PM
मीन/कुंभअशुभ(06), 04:17 PM
मीन/मीनवर्गोत्तम(06), 04:25 PM
मेष/मेषवर्गोत्तम(06), 04:33 PM
मेष/वृषभशुभ(06), 04:42 PM
मेष/मिथुनशुभ(06), 04:51 PM
मेष/कर्कशुभ(06), 04:59 PM
मेष/सिंहअशुभ(06), 05:09 PM
मेष/कन्याशुभ(06), 05:18 PM
मेष/तुलापुष्कर(06), 05:28 PM
मेष/वृश्चिकअशुभ(06), 05:38 PM
मेष/धनुपुष्कर(06), 05:48 PM
वृषभ/मकरअशुभ(06), 05:59 PM
वृषभ/कुंभअशुभ(06), 06:09 PM
वृषभ/मीनपुष्कर(06), 06:21 PM
वृषभ/मेषअशुभ(06), 06:32 PM
वृषभ/वृषभपुष्कर(06), 06:45 PM
वृषभ/मिथुनशुभ(06), 06:57 PM
वृषभ/कर्कशुभ(06), 07:10 PM
वृषभ/सिंहअशुभ(06), 07:23 PM
वृषभ/कन्याशुभ(06), 07:37 PM
मिथुन/तुलाशुभ(06), 07:51 PM
मिथुन/वृश्चिकअशुभ(06), 08:05 PM
मिथुन/धनुशुभ(06), 08:20 PM
मिथुन/मकरअशुभ(06), 08:35 PM
मिथुन/कुंभअशुभ(06), 08:50 PM
मिथुन/मीनपुष्कर(06), 09:06 PM
मिथुन/मेषअशुभ(06), 09:22 PM
मिथुन/वृषभपुष्कर(06), 09:38 PM
मिथुन/मिथुनवर्गोत्तम(06), 09:55 PM
कर्क/कर्कपुष्कर(06), 10:11 PM
कर्क/सिंहअशुभ(06), 10:28 PM
कर्क/कन्यापुष्कर(06), 10:44 PM
कर्क/तुलाशुभ(06), 11:01 PM
कर्क/वृश्चिकअशुभ(06), 11:18 PM
कर्क/धनुशुभ(06), 11:35 PM
कर्क/मकरअशुभ(06), 11:52 PM
सूर्योदय के समय ग्रह स्थिति

सूर्योदय के समय ग्रह स्थिति

ग्रहवक्री/अस्तराशिअंश
लग्नतुला19:51:34
सूर्य-तुला19:51:34
चंद्रकन्या17:25:20
मंगलकर्क27:06:37
बुध(व)(अ)तुला15:31:24
गुरुसिंह00:43:20
शुक्र(व)कन्या29:46:46
शनि(व)मीन14:43:22
राहु(व)कुंभ01:32:51
केतु(व)सिंह01:32:51
(व)= वक्री ग्रह, (अ)= अस्त ग्रह

लग्न कुंडली (D-1)

लग्न कुंडली (D-1)

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पंचांग के पाँच अंग

तिथि

सूर्य और चंद्रमा के दीर्घांशों के अंतर से निकला पारंपरिक चंद्र-दिन।

वार

स्थानीय दिन और उससे संबंधित पारंपरिक ग्रह-अधिपति।

नक्षत्र

जन्म या वर्तमान समय में चंद्रमा जिस 27-विभागीय आकाश क्षेत्र में स्थित है।

योग

सूर्य और चंद्रमा के दीर्घांशों के योग से निकला पारंपरिक पंचांग अंग।

करण

तिथि का आधा भाग; एक दिन में एक से अधिक करण हो सकते हैं।

पंचांग का उपयोग करते समय ध्यान रखें

समाप्ति समय पढ़ें

तिथि या नक्षत्र दिन के बीच बदल सकता है। केवल तारीख देखकर यह न मानें कि वही स्थिति मध्यरात्रि तक रहेगी।

सूर्योदय की भूमिका

कई व्रत और पर्व-निर्णयों में सूर्योदय महत्वपूर्ण होता है। नागरिक तारीख और धार्मिक दिन-निर्णय अलग हो सकते हैं।

एक समय को अकेले न देखें

केवल राहुकाल, अभिजित या एक नक्षत्र के आधार पर विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़ा संस्कार तय न करें।

परंपरा और पद्धति

अयनांश, सूर्योदय नियम और क्षेत्रीय धर्मशास्त्रीय निर्णय के कारण दूसरे पंचांग से अंतर हो सकता है।

पंचांग धार्मिक और सांस्कृतिक समय-संदर्भ देता है। इसे चिकित्सा, यात्रा-सुरक्षा, कानूनी या वित्तीय निर्णय की गारंटी न मानें।

सामान्य प्रश्न

आज पंजीकरण, दस्तावेज़ और हस्ताक्षर के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

आज निर्माण के लिए भूमि खरीदना के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 17:41 – 6 नवंबर, 18:13; 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

आज वाहन खरीदना के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

आज व्यापार के लिए माल खरीदना के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 17:41 – 6 नवंबर, 18:13; 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

आज सामान्य यात्राएँ के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 17:41 – 6 नवंबर, 18:13; 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

आज बैठकें के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 17:41 – 6 नवंबर, 18:13; 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

आज बिक्री के लिए अनुकूल समय क्या हैं?

6 नवंबर 2026, Columbus (America/New_York): यह कार्य शुरू करने के लिए सुझाए गए समय: 6 नवंबर, 17:41 – 6 नवंबर, 18:13; 6 नवंबर, 18:14 – 7 नवंबर, 00:18।

अपने शहर का पंचांग देखना क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और स्थानीय घड़ी का समय स्थान के अनुसार बदलता है। राहुकाल, यमगंड, गुलिक, होरा और दिन के कई विभाजन स्थानीय सूर्योदय से निकाले जाते हैं।

क्या पंचांग का दिन मध्यरात्रि से शुरू होता है?

नागरिक तारीख मध्यरात्रि से बदलती है, लेकिन कई धार्मिक, व्रत और पर्व-निर्णयों में सूर्योदय महत्वपूर्ण दिन-सीमा होता है। परिणाम के साथ दिए गए नियम पढ़ें।

राहुकाल में क्या हर कार्य निषिद्ध है?

राहुकाल में नए महत्वपूर्ण कार्य का आरंभ टालने की परंपरा है, लेकिन पहले से चल रहे कार्य, दैनिक कर्तव्य और आपातकालीन काम के लिए इसे पूर्ण निषेध नहीं माना जाना चाहिए।

क्या केवल शुभ समय देखकर विवाह या गृह प्रवेश तय किया जा सकता है?

नहीं। विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन और अन्य संस्कारों के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, लग्न, ग्रह स्थिति और कार्य-विशेष मुहूर्त नियमों की अलग समीक्षा चाहिए।

दूसरे पंचांग में समय अलग क्यों हो सकता है?

स्थान निर्देशांक, समय क्षेत्र, सूर्योदय गणना, अयनांश, ग्रह-गणना के विकल्पों और क्षेत्रीय निर्णय नियमों के कारण अंतर हो सकता है।

क्या पंचांग चिकित्सा, यात्रा-सुरक्षा या आर्थिक निर्णय की गारंटी देता है?

नहीं। पंचांग धार्मिक और पारंपरिक समय-संदर्भ देता है। चिकित्सा, सुरक्षा, कानूनी और आर्थिक निर्णयों के लिए संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।