ग्रह मैत्री कूट विचार
ग्रहों की नैसर्गिक मैत्री
मित्राणि द्युमणेः कुजे ज्यशशिनः शुक्रार्कजौ वैरिणौ
सौम्यश्चास्य समो विघोर्बुधरवी मित्रे न चास्य द्विषत् ।
शेषाश्चास्य समाः कुजस्य सुहृदश्चन्द्रे ज्यसूर्या बुधः ।। २७ ।।
शत्रुः शुक्रशनी समौ च शशभृत्सूनोः सिताहस्करौ ।
मित्रे चास्य रिपुः शशी गुरुशनिक्ष्माजाः समा गीष्पते -
मित्राण्यर्कजेन्दवो बुधसितौ शत्रू समः सूर्यजः ।
मित्रे सौम्यशनी कवेः शशिरवी शत्रू कुजेज्यो समौ
मित्रे शुक्रबुधौ शनेः शशिरविक्ष्माजा द्विषोऽन्यः समः ।। २८ ।।
- ग्रह मैत्री के अधिकतम 5 गुण होते हैं।
- चंद्र राशि स्वामियों की मैत्री दंपति के बीच मानसिक सामंजस्य और भावनात्मक समझ को दर्शाती है।
- नवांश स्वामियों की मैत्री ग्रह मैत्री की कमी को घटा या समाप्त कर सकती है।
ग्रह मैत्री गुण तालिका
| वधू \ वर | सूर्य | चंद्रमा | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | 5 | 5 | 5 | 4 | 5 | 0 | 0 |
| चंद्रमा | 5 | 5 | 4 | 1 | 4 | 0.5 | 0.5 |
| मंगल | 5 | 4 | 5 | 0.5 | 5 | 3 | 0.5 |
| बुध | 4 | 1 | 0.5 | 5 | 0.5 | 5 | 4 |
| गुरु | 5 | 4 | 5 | 0.5 | 5 | 0.5 | 3 |
| शुक्र | 0 | 0.5 | 3 | 5 | 0.5 | 5 | 5 |
| शनि | 0 | 0.5 | 0.5 | 4 | 3 | 5 | 5 |
विषय-सूची
- 1. आश्लेषा आदि नक्षत्र दोष निवारण
- 2. विवाह मिलान में अष्टकूट — परिचय
- 3. 1. वर्ण कूट विचार
- 4. 2. वश्य कूट विचार
- 5. 3. तारा कूट विचार
- 6. 4. योनि कूट विचार
- 7. 5. ग्रह मैत्री कूट विचार
- 8. 6. गण कूट विचार
- 9. 7. भकूट विचार और दोष निवारण
- 10. 8. नाड़ी कूट विचार और दोष निवारण
- 11. वर्ग कूट और अन्य मिलान विचार
- 12. कुज दोष विचार और शास्त्रीय निवारण नियम

