OnlineJyotish.com

सितंबर प्रदोष व्रत तिथि और पूजा समय — Columbus

प्रदोष व्रत प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के अवसर पर दो बार आता है। व्रत की तिथि स्थानीय सूर्यास्त के समय त्रयोदशी की स्थिति देखकर चुनी जाती है। सूर्यास्त स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए नीचे अपना वास्तविक शहर चुनें।

कैलेंडर उपयोग करने से पहले

  • सही स्थान चुनें: एक ही तारीख पर दो शहरों में सूर्यास्त अलग हो सकता है, इसलिए पूजा का समय भी बदल सकता है।
  • तिथि का समय देखें: यदि त्रयोदशी दो संध्याओं को छूती है, तो इस सेवा में लागू पारंपरिक नियम के अनुसार मुख्य व्रत दिवस चुना जाता है।
  • अपनी परंपरा का सम्मान करें: मंदिर, परिवार या क्षेत्रीय पंचांग की परंपरा अलग हो तो अपनी प्रचलित परंपरा का पालन करें।

वर्ष और स्थान चुनें

वार्षिक प्रदोष तिथियाँ 2026 (Columbus)

प्रदोष समय: 6 घड़ी (2 घंटे 24 मिनट) • पूजा समय: 3 घड़ी (1 घंटा 12 मिनट)
जनवरी, 2026 2 दिनांक
Shiva
गुरु प्रदोष पौष, कृष्ण पक्ष
गुरुवार
🌇 प्रदोष समय 05:26 PM to 07:50 PM
🪔 पूजा समय 05:26 PM to 06:38 PM
Shiva
भृगु प्रदोष माघ, शुक्ल पक्ष
शुक्रवार
🌇 प्रदोष समय 05:44 PM to 08:08 PM
🪔 पूजा समय 05:44 PM to 06:56 PM
फ़रवरी, 2026 2 दिनांक
Shiva
शनि प्रदोष माघ, कृष्ण पक्ष ✨ शनि प्रदोष
शनिवार
🌇 प्रदोष समय 06:02 PM to 08:26 PM
🪔 पूजा समय 06:02 PM to 07:14 PM
Shiva
शनि प्रदोष फाल्गुन, शुक्ल पक्ष ✨ शनि प्रदोष
शनिवार
🌇 प्रदोष समय 06:18 PM to 08:42 PM
🪔 पूजा समय 06:18 PM to 07:30 PM
मार्च, 2026 2 दिनांक
Shiva
सोम प्रदोष फाल्गुन, कृष्ण पक्ष ✨ सोम प्रदोष
सोमवार
🌇 प्रदोष समय 07:35 PM to 09:59 PM
🪔 पूजा समय 07:35 PM to 08:47 PM
Shiva
सोम प्रदोष चैत्र, शुक्ल पक्ष ✨ सोम प्रदोष
सोमवार
🌇 प्रदोष समय 07:49 PM to 10:13 PM
🪔 पूजा समय 07:49 PM to 09:01 PM
अप्रैल, 2026 2 दिनांक
Shiva
भौम प्रदोष चैत्र, कृष्ण पक्ष
मंगलवार
🌇 प्रदोष समय 08:05 PM to 10:29 PM
🪔 पूजा समय 08:05 PM to 09:17 PM
Shiva
भौम प्रदोष वैशाख, शुक्ल पक्ष
मंगलवार
🌇 प्रदोष समय 08:19 PM to 10:43 PM
🪔 पूजा समय 08:19 PM to 09:31 PM
मई, 2026 2 दिनांक
Shiva
गुरु प्रदोष वैशाख, कृष्ण पक्ष
गुरुवार
🌇 प्रदोष समय 08:34 PM to 10:58 PM
🪔 पूजा समय 08:34 PM to 09:46 PM
Shiva
गुरु प्रदोष ज्येष्ठ (अधिक), शुक्ल पक्ष
गुरुवार
🌇 प्रदोष समय 08:46 PM to 11:10 PM
🪔 पूजा समय 08:46 PM to 09:58 PM
जून, 2026 2 दिनांक
Shiva
भृगु प्रदोष ज्येष्ठ (अधिक), कृष्ण पक्ष
शुक्रवार
🌇 प्रदोष समय 08:56 PM to 11:20 PM
🪔 पूजा समय 08:56 PM to 10:08 PM
Shiva
भृगु प्रदोष ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष
शुक्रवार
🌇 प्रदोष समय 08:59 PM to 11:23 PM
🪔 पूजा समय 08:59 PM to 10:11 PM
जुलाई, 2026 2 दिनांक
Shiva
शनि प्रदोष ज्येष्ठ, कृष्ण पक्ष ✨ शनि प्रदोष
शनिवार
🌇 प्रदोष समय 08:56 PM to 11:20 PM
🪔 पूजा समय 08:56 PM to 10:08 PM
Shiva
भानु प्रदोष आषाढ़, शुक्ल पक्ष
रविवार
🌇 प्रदोष समय 08:46 PM to 11:10 PM
🪔 पूजा समय 08:46 PM to 09:58 PM
अगस्त, 2026 1 दिनांक
Shiva
भौम प्रदोष श्रावण, शुक्ल पक्ष
मंगलवार
🌇 प्रदोष समय 08:09 PM to 10:33 PM
🪔 पूजा समय 08:09 PM to 09:21 PM
सितंबर, 2026 2 दिनांक
Shiva
भौम प्रदोष श्रावण, कृष्ण पक्ष
मंगलवार
🌇 प्रदोष समय 07:47 PM to 10:11 PM
🪔 पूजा समय 07:47 PM to 08:59 PM
Shiva
सौम्य प्रदोष भाद्रपद, शुक्ल पक्ष
बुधवार
🌇 प्रदोष समय 07:22 PM to 09:46 PM
🪔 पूजा समय 07:22 PM to 08:34 PM
अक्टूबर, 2026 2 दिनांक
Shiva
सौम्य प्रदोष भाद्रपद, कृष्ण पक्ष
बुधवार
🌇 प्रदोष समय 07:00 PM to 09:24 PM
🪔 पूजा समय 07:00 PM to 08:12 PM
Shiva
भृगु प्रदोष अश्विन, शुक्ल पक्ष
शुक्रवार
🌇 प्रदोष समय 06:36 PM to 09:00 PM
🪔 पूजा समय 06:36 PM to 07:48 PM
नवंबर, 2026 1 दिनांक
Shiva
भृगु प्रदोष अश्विन, कृष्ण पक्ष
शुक्रवार
🌇 प्रदोष समय 05:19 PM to 07:43 PM
🪔 पूजा समय 05:19 PM to 06:31 PM
दिसंबर, 2026 2 दिनांक
Shiva
शनि प्रदोष कार्तिक, कृष्ण पक्ष ✨ शनि प्रदोष
शनिवार
🌇 प्रदोष समय 05:01 PM to 07:25 PM
🪔 पूजा समय 05:01 PM to 06:13 PM
Shiva
सोम प्रदोष मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष ✨ सोम प्रदोष
सोमवार
🌇 प्रदोष समय 05:05 PM to 07:29 PM
🪔 पूजा समय 05:05 PM to 06:17 PM

प्रदोष विवरण कैसे पढ़ें

प्रदोष समय
इस कैलेंडर में स्थानीय सूर्यास्त से छह घड़ी तक दिखाया गया व्यापक संध्या-अनुष्ठान काल।
पूजा समय
प्रदोष के भीतर मुख्य शिव पूजा के लिए स्थानीय सूर्यास्त से पहली तीन घड़ी का समय।
त्रयोदशी तिथि
चंद्र मास की तेरहवीं तिथि। संबंधित संध्या काल में इसकी उपस्थिति प्रदोष तिथि चुनने का मुख्य आधार है।
वार के अनुसार नाम
सोम, भौम या शनि प्रदोष जैसे नाम वार को बताते हैं; वे किसी व्यक्तिगत परिणाम की गारंटी नहीं देते।

भक्तों के सामान्य प्रश्न

प्रदोष व्रत की तिथि कैसे चुनी जाती है?

स्थानीय सूर्यास्त और त्रयोदशी तिथि के संबंध की गणना की जाती है। यदि तिथि दो संध्याओं को छूती है तो इस सेवा में लागू पारंपरिक निर्णय नियम का उपयोग होता है।

मेरे मंदिर में दूसरी तारीख क्यों बताई गई है?

मंदिर अलग स्थान-निर्देशांक, पंचांग विधि या स्थानीय धार्मिक परंपरा का उपयोग कर सकता है। अलग तारीख का अर्थ यह नहीं कि कोई एक कैलेंडर अवश्य गलत है।

शनि प्रदोष का क्या महत्व है?

शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष शनि प्रदोष कहलाता है। कई भक्त इसे विशेष आध्यात्मिक महत्व देते हैं, पर इसे स्वास्थ्य, कर्ज या जन्मपत्री संबंधी समस्याओं के निश्चित उपचार के रूप में नहीं देखना चाहिए।

क्या सही शहर चुनना जरूरी है?

हाँ। गांव उपलब्ध न हो तो उसी समय क्षेत्र में निकटतम शहर चुनें, क्योंकि गणना सूर्यास्त पर निर्भर करती है।

इन गणनाओं के बारे में

तिथियां और स्थानीय समय खगोलीय गणना तथा इस सेवा में लागू प्रदोष-निर्णय नियमों से तैयार होते हैं। क्षेत्र, मंदिर और कुल परंपरा के अनुसार आचार में अंतर हो सकता है।

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

जो लोग अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए OnlineJyotish.com Exclusive और Premium जन्मकुंडली प्रदान करता है। 400 से अधिक पृष्ठों वाली इस विस्तृत जन्मकुंडली में प्रत्येक भाव का विश्लेषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, संतान, नौकरी एवं करियर, भाग्य और जीवन के उद्देश्य से संबंधित विशेष विश्लेषण, योग, दोष एवं उनके उपायों का संपूर्ण विवरण, षड्वर्ग फल, ग्रह अवस्थाओं के फल, अष्टकवर्ग विश्लेषण एवं फल, विंशोपक बल और उनके परिणाम, 100 वर्षों के दशा, अंतर्दशा एवं प्रत्यंतरदशा फल, 100 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के गोचर की तिथियाँ तथा अगले 10 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के विस्तृत गोचर फल सहित अनेक विशेष जानकारियाँ सम्मिलित हैं। यह 400 से अधिक पृष्ठों वाली एक विस्तृत बृहत् जन्मकुंडली है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके कुछ ही क्षणों में अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें।

अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें
नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।