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सितंबर 2026 मासिक शिवरात्रि तिथि और पूजा समय — Columbus

मासिक शिवरात्रि प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मनाई जाती है। यह पृष्ठ आपके चुने हुए स्थान के लिए मासिक तिथियां और स्थानीय निशिता काल पूजा समय दिखाता है। तिथि और निशिता काल समय क्षेत्र के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए अपना वास्तविक शहर चुनें।

इस कैलेंडर में क्या देख सकते हैं

  • मासिक व्रत तिथि: मासिक शिवरात्रि के लिए चुनी गई कृष्ण पक्ष चतुर्दशी.
  • स्थानीय निशिता काल: चुने हुए स्थान के लिए मध्यरात्रि पूजा का समय.
  • व्रत की जानकारी: गणना में उपलब्ध होने पर अगले दिन का पारण समय भी परिणाम में दिखाया जाता है.

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि एक नहीं हैं

मासिक शिवरात्रि हर चंद्र मास में आती है। महाशिवरात्रि क्षेत्रीय मास परंपरा के अनुसार फाल्गुन या माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी से जुड़ा मुख्य वार्षिक पर्व है। नीचे की प्रत्येक मासिक तिथि महाशिवरात्रि नहीं है।

वर्ष और स्थान चुनें

वार्षिक शिवरात्रि तिथियाँ 2026 (Columbus)

जनवरी, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (पौष मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
00:12 से 01:10

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
17 जनवरी | 07:55 से 13:34
फ़रवरी, 2026 1 दिनांक
★ महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि रविवार को आती है, जो बहुत शुभ है
OnlineJyotish Shiva महाशिवरात्रि (माघ मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
00:18 से 01:12
लिंगोद्भव काल
00:36 से 00:54

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
16 फ़रवरी | 07:27 +
मार्च, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (फाल्गुन मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
01:15 से 02:04

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
17 मार्च | 07:44 से 22:55
अप्रैल, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (चैत्र मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
01:09 से 01:53

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
16 अप्रैल | 06:57 से 10:41
मई, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (वैशाख मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
01:08 से 01:47

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
15 मई | 06:21 से 19:41
जून, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि ((अधिक) ज्येष्ठ मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
01:13 से 01:50

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
14 जून | 06:07 +
जुलाई, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (ज्येष्ठ मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
01:19 से 01:56

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
13 जुलाई | 06:19 से 09:20
अगस्त, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (आषाढ़ मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
01:17 से 01:57

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
11 अगस्त | 06:44 से 16:23
अक्टूबर, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (भाद्रपद मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
00:54 से 01:45

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
9 अक्टूबर | 07:40 से 12:06
नवंबर, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (आश्विन मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
23:48 से 00:43

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
8 नवंबर | 07:13 +
दिसंबर, 2026 1 दिनांक
OnlineJyotish Shiva मास शिवरात्रि (कार्तिक मास)
निशिता काल (मध्यरात्रि)
23:54 से 00:52

पारण (व्रत तोड़ने का समय)
7 दिसंबर | 07:45 से 17:43

शिवरात्रि व्रत के नियम और पूजा विधि

उपवास के नियम: शिवरात्रि का व्रत अत्यंत फलदायी होता है। भक्तों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान (तिल के साथ) करना चाहिए और शुद्ध मन से व्रत का संकल्प लेना चाहिए। यह व्रत आमतौर पर निर्जला रखा जाता है, लेकिन अन्य लोग फल और दूध का सेवन कर सकते हैं।

पूजा विधि: रात को चार प्रहरों में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक प्रहर में अलग-अलग सामग्री से पूजा करनी चाहिए:

  • प्रथम प्रहर (शाम): दूध से अभिषेक।
  • द्वितीय प्रहर (मध्यरात्रि): दही से अभिषेक।
  • तृतीय प्रहर (देर रात): घी से अभिषेक।
  • चतुर्थ प्रहर (तड़के): शहद से अभिषेक।

जागरण (पूरी रात जागने) के दौरान निरंतर "ओम नमः शिवाय" का जाप करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं।

बिल्व पत्र (बेलपत्र) अर्पण मंत्र

"त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्,
त्रिजन्म पाप संहारं एक बिल्वं शिवार्पणम्।"
भगवान शिव को एक तीन पत्तों वाला बेलपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

शिवरात्रि विवरण कैसे पढ़ें

मासिक शिवरात्रि
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी से जुड़ा मासिक शिव-उपासना दिवस.
चतुर्दशी तिथि
चंद्र मास की चौदहवीं तिथि। रात्रि और निशिता काल से इसका संबंध दिन चयन में महत्वपूर्ण है.
निशिता काल
मुख्य रात्रि पूजा के लिए स्थानीय मध्यरात्रि काल। यह तारीख और स्थान से बदलता है.
पारण
अगले दिन व्रत समाप्त करने की परंपरा। स्थानीय समय और अपने परिवार या मंदिर की परंपरा का पालन करें.

भक्तों के सामान्य प्रश्न

मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे चुनी जाती है?

चुने हुए स्थान के लिए कृष्ण पक्ष चतुर्दशी का रात्रि और निशिता काल से संबंध देखा जाता है.

भारत और विदेश में तिथि अलग क्यों हो सकती है?

तिथि का आरंभ और अंत स्थानीय समय में बदलता है, और देशांतर व समय क्षेत्र से निशिता काल भी अलग होता है.

क्या हर मासिक शिवरात्रि महाशिवरात्रि है?

नहीं। मासिक शिवरात्रि हर महीने आती है; महाशिवरात्रि मुख्य वार्षिक पर्व है.

क्या सभी को एक ही प्रकार का व्रत करना चाहिए?

नहीं। निराहार, फलाहार, रात्रि जागरण और मंदिर पूजा स्वास्थ्य तथा पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करते हैं। आवश्यक भोजन या दवा न रोकें.

मेरे मंदिर में दूसरी तारीख क्यों है?

मंदिर अलग स्थान, पंचांग विधि या क्षेत्रीय मास परंपरा का उपयोग कर सकता है। अपनी प्रचलित मंदिर या कुल परंपरा का पालन करें.

इन तिथियों के बारे में

यह कैलेंडर खगोलीय गणना और इस सेवा में लागू शिवरात्रि चयन नियमों का उपयोग करता है। क्षेत्र, मंदिर और परिवार के अनुसार आचार में अंतर हो सकता है.

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।