22 सितंबर, 2025 का आंशिक सूर्य ग्रहण: शहर, समय और ज्योतिषीय जानकारी
एक आकर्षक खगोलीय घटना के लिए तैयार हो जाइए! सोमवार, 22 सितंबर, 2025 को, एक आंशिक सूर्य ग्रहण आकाश की शोभा बढ़ाएगा, जो दुनिया के कुछ विशेष हिस्सों में पर्यवेक्षकों के लिए एक शानदार दृश्य प्रस्तुत करेगा। वैदिक ज्योतिष में केतु ग्रस्त सूर्य ग्रहण के रूप में जानी जाने वाली यह घटना खगोलीय आश्चर्य और गहरे ज्योतिषीय महत्व दोनों को समेटे हुए है।
आंशिक सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, लेकिन तीनों पूरी तरह से एक सीध में नहीं होते हैं। नतीजतन, चंद्रमा सूर्य की डिस्क को केवल आंशिक रूप से अस्पष्ट करता है, जिससे ऐसा लगता है कि सूर्य का एक हिस्सा काट लिया गया है।
सितंबर 2025 सूर्य ग्रहण की दृश्यता और समय
यह खगोलीय घटना मुख्य रूप से अंटार्कटिका, न्यूज़ीलैंड, और दक्षिणी महासागर के कुछ हिस्सों से दिखाई देगी। (खगोलीय डेटा नासा और timeanddate.com जैसे आधिकारिक स्रोतों से लिया गया है)।
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में रहने वालों के लिए, यह ग्रहण सूर्योदय के ठीक बाद होने वाली एक बहुत ही संक्षिप्त घटना होगी। इसे देखने की अवधि बहुत कम है, इसलिए पर्यवेक्षकों को तैयार रहना चाहिए।
सिडनी के लिए समय:
- आंशिक ग्रहण शुरू: सुबह 5:44 बजे
- अधिकतम ग्रहण: सुबह 5:47 बजे
- आंशिक ग्रहण समाप्त: सुबह 5:50 बजे
- कुल अवधि: 6 मिनट
22 सितंबर, 2025 को सूर्य ग्रहण की दृश्यता (संशोधित समय)
महत्वपूर्ण सूचना: यह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।
नीचे दिए गए समय न्यूज़ीलैंड के प्रत्येक शहर के लिए स्थानीय समय (NZST) हैं। कृपया ध्यान दें कि यह घटना सूर्योदय के समय शुरू होती है।
स्थानीय समय और प्रभावित राशियों का विवरण जानने के लिए यहां क्लिक करें
न्यूज़ीलैंड में दृश्यमान शहर (संशोधित सुबह का समय)
| शहर | दृश्यमान प्रारंभ (सूर्योदय पर) | अधिकतम ग्रहण | ग्रहण समाप्त |
|---|---|---|---|
| Invercargill | सुबह 7:06 बजे | सुबह 7:12 बजे | सुबह 8:22 बजे |
| Dunedin | सुबह 7:02 बजे | सुबह 7:13 बजे | सुबह 8:21 बजे |
| Christchurch | सुबह 6:51 बजे | सुबह 7:15 बजे | सुबह 8:17 बजे |
| Wellington | सुबह 6:44 बजे | सुबह 7:18 बजे | सुबह 8:12 बजे |
महत्वपूर्ण सूचना: ग्रहण सूर्योदय के साथ ही शुरू होता है, इसलिए पूर्वी क्षितिज का एक स्पष्ट, अबाधित दृश्य आवश्यक है।
⚠️ सूर्य ग्रहण को सुरक्षित रूप से कैसे देखें
उचित नेत्र सुरक्षा के बिना सीधे सूर्य को कभी न देखें। एक विशेष-प्रयोजन वाले सौर फिल्टर के बिना कैमरे के लेंस, दूरबीन या टेलीस्कोप के माध्यम से सूर्य के किसी भी हिस्से को देखने से तुरंत आंखों में गंभीर चोट लग जाएगी।
- प्रमाणित ग्रहण चश्मे का उपयोग करें: सुनिश्चित करें कि आपके ग्रहण चश्मे या हैंडहेल्ड सौर दर्शक ISO 12312-2 अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानक को पूरा करते हैं। नियमित धूप के चश्मे, चाहे कितने भी गहरे क्यों न हों, सूर्य को देखने के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
- अप्रत्यक्ष अवलोकन: आप एक पिनहोल प्रोजेक्टर का उपयोग करके सूर्य की छवि को एक सतह पर प्रोजेक्ट कर सकते हैं। यह ग्रहण देखने का एक सुरक्षित और आसान तरीका है।
कन्या राशि में सूर्य ग्रहण का ज्योतिषीय महत्व
वैदिक ज्योतिष में, यह ग्रहण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कन्या राशि में और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के भीतर होता है। सूर्य ग्रहण को शक्तिशाली घटनाएं माना जाता है जो महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती हैं।
सूतक काल (अशुभ समय)
सूतक ग्रहण से पहले और उसके दौरान मनाया जाने वाला एक परहेज़ की अवधि है। इस दौरान महत्वपूर्ण गतिविधियों, खाना पकाने और खाने से बचने की सलाह दी जाती है।
सिडनी के लिए सूतक का समय:
- सूतक प्रारंभ: 21 सितंबर, 2025, शाम 5:44 बजे
- बच्चों, बीमारों और बुजुर्गों के लिए सूतक प्रारंभ: 22 सितंबर, 2025, सुबह 2:44 बजे
- सूतक समाप्त: 22 सितंबर, 2025, सुबह 5:50 बजे (ग्रहण के साथ)
राशियों पर प्रभाव
ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति की चंद्र राशि के आधार पर भिन्न होता है। यहाँ एक सामान्य विश्लेषण है:
- 👍 शुभ: मेष, कर्क, वृश्चिक, धनु।
- 😐 मध्यम: वृषभ, सिंह, मकर, मीन।
- 👎 अशुभ/कठिन: मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ।
ग्रहण के दौरान आध्यात्मिक अभ्यास
ग्रहण की अवधि को आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अत्यधिक शक्तिशाली माना जाता है। यह अनुशंसा की जाती है कि:
- गायत्री मंत्र या गुरु मंत्र जैसे मंत्रों का जाप करें।
- ध्यान और प्रार्थना में संलग्न हों।
- नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या सितंबर 2025 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
उत्तर: नहीं, 22 सितंबर, 2025 को यह आंशिक सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से न्यूज़ीलैंड और अंटार्कटिका से दिखाई देगा और भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए, भारत में पर्यवेक्षकों के लिए सूतक अनुष्ठानों की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्न 2: केतु ग्रस्त ग्रहण क्या है?
उत्तर: वैदिक ज्योतिष में, कहा जाता है कि जब सूर्य या चंद्रमा को छाया ग्रह राहु या केतु द्वारा ग्रस लिया जाता है तब ग्रहण होता है। जब ग्रहण चंद्र नोड केतु के साथ संरेखित होता है, तो इसे केतु ग्रस्त ग्रहण कहा जाता है, जिसका विशिष्ट कर्म और आध्यात्मिक प्रभाव हो सकता है।
अस्वीकरण: प्रदान की गई ज्योतिषीय जानकारी वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है और केवल मार्गदर्शन उद्देश्यों के लिए है। किसी व्यक्ति की पूरी जन्म कुंडली और व्यक्तिगत कर्म के आधार पर व्यक्तिगत परिणाम भिन्न हो सकते हैं। यह पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है।


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