|| शनैश्चर स्तवराज ||
Shani Stava RajaH
यहाँ प्रस्तुत "शनैश्चर स्तवराज" भविष्य पुराण का एक प्रसिद्ध स्तोत्र है, जिसमें नवग्रहों में से शनि देव की स्तुति की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि युधिष्ठिर ने इस स्तोत्र का पाठ कर शनि की कृपा पाई थी। इसलिए इसे शनि स्तोत्रों में "राज" कहा जाता है। शनि को कठोर ग्रह माना जाता है, लेकिन यह स्तोत्र उनकी कृपा, दया और दिव्यता का भी वर्णन करता है।
इस स्तोत्र में शनि देव को "भास्करि", "छायासुत", "कोटराक्ष", "शिखिकंठनिभ", "कृष्ण", "नीलोत्पलनिभ", "कालदृष्टि" आदि नामों से पुकारा गया है, जो उनकी शक्ति, करुणा और महिमा दर्शाते हैं।
इस स्तोत्र का पाठ करने से शनि की कृपा प्राप्त होती है, आयु, स्वास्थ्य, धन और संतान में वृद्धि होती है, भय, दुःख, रोग दूर होते हैं। विशेषकर शनिवार को या जब कुंडली में शनि कमजोर या पीड़ित हों, तब इस स्तोत्र का पाठ अत्यंत शुभ फलदायक है।
श्री गणेशाय नमः॥
नारद उवाच॥
ध्यात्वा गणपति को राजा धर्मराज युधिष्ठिरः।
धीरः शनैश्चरस्येमं चकार स्तवमुत्तमम्॥ 1 ॥
शिरो मे भास्करिः पातु भालं छायासुतोऽवतुः।
कोटराक्षो दृशौ पातु शिखिकंठनिभः श्रुती॥ 2 ॥
घ्राणं मे भीषणः पातु मुखं बलिमुखोऽवतुः।
स्कन्धौ संवर्तकः पातु भुजौ मे भयदोऽवतुः॥ 3 ॥
सौरिर्मे हृदयं पातु नाभिं शनैश्चरःऽवतुः।
ग्रहराजः कटिं पातु सर्वतो रविनंदनः॥ 4 ॥
पादौ मंदगतिः पातु कृष्णः पात्वखिलं वपुः।
रक्षामेतां पठेन्नित्यं सौरेरनामबलैर्युताम्॥ 5 ॥
सुखी पुत्री चिरायुश्च स भवेनात्र संशयः।
सौरिः शनैश्चरः कृष्णो नीलोत्पलनिभः शनिः॥ 6 ॥
शुष्कोदरो विशालाक्षोर्दुनिरीक्ष्यो विभीषणः।
शिखिकंठनिभो नीलश्छायाहृदयनंदनः॥ 7 ॥
कालदृष्टिः कोटराक्षः स्थूलरोमावलीमुखः।
दीर्घो निर्मांसगात्रस्तु शुष्को घोरो भयानकः॥ 8 ॥
नीलांशुः क्रोधनो रौद्रो दीर्घशमश्रुर्जटाधरः।
मंदो मंदगतिः खंजो तृप्तः संवर्तको यमः॥ 9 ॥
ग्रहराजः कराली च सूर्यपुत्रो रविः शशी।
कुजो बुधो गुरुः काव्यो भानुजः सिंहिकासुतः॥ 10 ॥
केतुर्देवपतिर्बाहुः कृतान्तो ऐरितस्तथा।
शशी मरुत्कुबेरश्च ईशानः सुर आत्मभूः॥ 11 ॥
विष्णुर्हरो गणपतिः कुमारः काम ईश्वरः।
कर्ता हर्ता पालयिता राज्यभुग् राज्यदायकः॥ 12 ॥
छायासुतः श्यामलांगो धनहर्ता धनप्रदः।
क्रूरकर्मविधाता च सर्वकर्मावरोधकः॥ 13 ॥
तुष्टो रूष्टः कामरूपः कामदो रविनंदनः।
ग्रहपीड़ाहरः शांतः नक्षत्रेशो ग्रहेश्वरः॥ 14 ॥
स्थिरासनः स्थिरगतिरमहाकायो महाबलः।
महाप्रभो महाकालः कालात्मा कालकालकः॥ 15 ॥
आदित्यभयदाता च मृत्युुरादित्यनंदनः।
शतभिद्रुक्षदयिता त्रयोदशीतिथिप्रियः॥ 16 ॥
तिथ्यात्मा तिथिगणनो नक्षत्रगणनायकः।
योगराशिर्मुहूर्तात्मा कर्ता दिनपति प्रभुः॥ 17 ॥
शमीपुष्पप्रियः श्यामस्त्रैलोक्याभयदायकः।
नीलवासाः क्रियासिन्धुर्नीलांजनचयच्छविः॥ 18 ॥
सर्वरोगहरो देवः सिद्धो देवगणस्तुतः।
अष्टोत्तरशतनाम्नां सौरश्छायासुतस्य यः॥ 19 ॥
पठेन्नित्यं तस्य पीडा समस्ता नश्यति ध्रुवम्।
कृत्वा पूजां पठेन्मर्त्यो भक्तिमान्यः स्तवं सदा॥ 20 ॥
विशेषतः शनिदिने पीडा तस्य विनश्यति।
जन्मलग्ने स्थितिर्वापि गोचरे क्रूरराशिगे॥ 21 ॥
दशासु च गते सौरि तदा स्तवमिमं पठेत्।
पूजयेद्यः शनिं भक्त्या शमीपुष्पाक्षतात्बरैः॥ 22 ॥
विधाय लोहप्रतिमा नरो दुःखाद्विमुच्यते।
वाद्या या अन्यग्रहाणां च यः पठेत्तस्य नश्यति॥ 23 ॥
भीतो भयाद्विमुच्येत बद्धो मुच्येत बन्धनात्।
रोगी रोगाद्विमुच्येत नरोऽयं स्तवमिमं पठेत्॥ 24 ॥
पुत्रवान् धनवान् श्रीमान् जायते नात्र संशयः॥ 25 ॥
नारद उवाच॥
स्तवं निशम्य पार्थस्य प्रत्यक्षोऽभूच्छनैश्चरः।
दत्वा राज्ञे वरं कामं शनिश्चान्तर्दधे तदा॥ 26 ॥
|| इति श्री भविष्यपुराणे शनैश्चरस्तवराजः सम्पूर्णः ||
शनि दोष, साढ़ेसाती, अष्टम शनि, या जन्मपत्रिका में शनि कमजोर होने पर, प्रतिदिन इस शनि स्तवराज का पाठ करने से शनि के प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं और अनुकूल फल प्राप्त होते हैं।
Free Astrology
आपका दैवीय उत्तर बस एक पल की दूरी पर है
अपने मन को शांत करें और एक स्पष्ट प्रश्न पर ध्यान केंद्रित करें जो आप ब्रह्मांड से पूछना चाहते हैं। जब आप तैयार हों, तो नीचे दिया गया बटन दबाएं।
तुरंत अपना उत्तर पाएं
Hindu Jyotish App. Multilingual Android App. Available in 10 languages.Newborn Astrology, Rashi, Nakshatra, Name letters
Are you confused about the name of your newborn? Want to know which letters are good for the child? Here is a solution for you. Our website offers a unique free online service specifically for those who want to know about their newborn's astrological details, naming letters based on horoscope, doshas and remedies for the child. With this service, you will receive a detailed astrological report for your newborn.
This newborn Astrology service is available in
English,
Hindi,
Telugu,
Kannada,
Marathi,
Gujarati,
Tamil,
Malayalam,
Bengali, and
Punjabi,
French,
Russian,
German, and
Japanese. Languages. Click on the desired language name to get your child's horoscope.
Free KP Horoscope with predictions
Are you interested in knowing your future and improving it with the help of KP (Krishnamurti Paddhati) Astrology? Here is a free service for you. Get your detailed KP birth chart with the information like likes and dislikes, good and bad, along with 100-year future predictions, KP Sublords, Significators, Planetary strengths and many more. Click below to get your free KP horoscope.
Get your KP Horoscope or KP kundali with detailed predictions in
English,
Hindi,
Marathi,
Telugu,
Bengali,
Gujarati,
Tamil,
Malayalam,
Punjabi,
Kannada,
French,
Russian,
German, and
Japanese.
Click on the desired language name to get your free KP horoscope.
Random Articles
- Original vs. Fake Rudraksha: A Complete Identification Guide
- नवरात्रि तीसरा दिन — चंद्रघंटा देवी अलंकार, महत्व और पूजा विधि
- সম্পূর্ণ চন্দ্রগ্রহণ মার্চ ২০২৬: গ্রহণের সময়, ১২ রাশির রাশিফল এবং মন্দিরের নিয়মকানুন New
- October 2025 Festivals and Important days Celebrations in India, USA, and Australia
- Shukra Moudhyami 2025-2026 Dates: Dos and Don'ts during Venus Combustion New
- Geocentric vs Topocentric Calculations in Astrology | జ్యోతిష్య గణనల్లో తేడాలుNew