Hindu Jyotishआपका ज्योतिष साथी HI
OnlineJyotish.com

संकष्ट चतुर्थी व्रत निर्णय

जून महीने में संकष्ट चतुर्थी: 3 तारीख को या 4 तारीख को? व्रत निर्णय के नियम

मुख्य अंश (Key Takeaways)

  • शास्त्रों के अनुसार, संकष्ट चतुर्थी का व्रत उसी दिन किया जाना चाहिए जिस दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि व्याप्त हो।
  • भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, 3 जून को रात 9:23 बजे तक बहुला तृतीया रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी शुरू होगी।
  • पूर्वी भारत में, 3 तारीख को चतुर्थी शुरू होने से पहले ही चंद्रोदय हो जाता है। इसलिए, वहां 4 जून को संकष्टी मनाई जाएगी।
  • पश्चिमी भारत में, चंद्रोदय देर से होता है, जिससे चतुर्थी तिथि चंद्रोदय के समय मिल जाती है। इसलिए, वहां 3 जून को ही व्रत रखा जाएगा।

हर महीने आने वाला संकटाहर चतुर्थी (संकष्ट चतुर्थी) व्रत भगवान गणेश के भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र दिन होता है। यह हमारे जीवन में आने वाली बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए विघ्नेश्वर से प्रार्थना करने का एक विशेष दिन है। हालाँकि, इस साल जून महीने में आने वाली संकष्ट चतुर्थी को लेकर कुछ दुविधा बनी हुई है। पूर्वी भारत में इसे 4 जून को और पश्चिमी भारत में 3 जून को मनाया जा रहा है। पूरे देश में एक ही कैलेंडर होने के बावजूद तारीखों में यह अंतर क्यों आ रहा है और शास्त्र के नियम क्या कहते हैं, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

संकष्ट चतुर्थी - शास्त्र के नियम क्या हैं?

धर्मसिंधु और व्रतनिर्णयकल्पवल्ली जैसे प्रामाणिक ग्रंथों के अनुसार, संकष्ट चतुर्थी व्रत के लिए सबसे प्रमुख नियम 'चंद्रोदय व्याप्ति' (चंद्रोदय के समय तिथि का होना) है।

  • ब्रह्म पुराण: व्रत उसी दिन किया जाना चाहिए जिस दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि हो।
  • अगर दो दिन व्याप्ति हो: यदि लगातार दो दिनों तक चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि हो, तो महर्षि मार्कंडेय के अनुसार दूसरे दिन (पर दिन) व्रत करना चाहिए। हालांकि, धर्मसिंधु के अनुसार कुछ विद्वान पहले दिन (तृतीया युक्त चतुर्थी) को भी स्वीकार करते हैं।

इस जून महीने में यह अंतर क्यों है?

भारतीय मानक समय के अनुसार, 3 जून को रात 9:23 बजे तक बहुला तृतीया रहेगी। इसके बाद ही चतुर्थी तिथि शुरू होगी। हालाँकि यह समय पूरे भारत में एक ही है, लेकिन चंद्रोदय का वास्तविक समय भौगोलिक स्थिति (स्थान) के अनुसार बदलता रहता है

पूर्वी भारत के क्षेत्रों (जैसे कोलकाता, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम) में, 3 तारीख को चतुर्थी तिथि शुरू होने (यानी रात 9:23 बजे) से पहले ही चंद्रोदय हो जाता है। चूँकि उस दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी नहीं होती है, इसलिए व्रत नहीं किया जा सकता। अगले दिन, यानी 4 जून को, चतुर्थी रात 11:32 बजे तक रहती है, जिसका अर्थ है कि चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि रहेगी। इसलिए पूर्वी क्षेत्रों में 4 जून को संकष्टी मनाई जानी चाहिए।

इसके विपरीत, पश्चिमी क्षेत्रों (जैसे मुंबई, गुजरात) में चंद्रोदय बहुत देर से होता है। वहां चंद्रोदय रात 9:23 बजे (चतुर्थी शुरू होने के बाद) होता है। चूँकि 3 जून को ही चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि मिल जाती है, इसलिए इन क्षेत्रों के भक्त 3 जून को ही संकष्ट चतुर्थी का व्रत रखेंगे।



आपके शहर में संकष्ट चतुर्थी कब है?

आप नीचे दी गई तालिकाओं का उपयोग करके अपने शहर में चंद्रोदय के समय के आधार पर यह आसानी से जान सकते हैं कि आपको किस दिन व्रत करना चाहिए।

अपने इलाके में संकष्टी की तारीख और चांद निकलने का समय जानने के लिए यहां क्लिक करें.

3 जून 2026 को संकष्ट चतुर्थी मनाने वाले शहर

शहर का नाम व्रत चंद्रोदय का समय
निज़ामाबाद, तेलंगाना, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:23
मुंबई, महाराष्ट्र, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:45
दिल्ली, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:47
गांधीनगर, गुजरात, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:54

4 जून 2026 को संकष्ट चतुर्थी मनाने वाले शहर

शहर का नाम व्रत चंद्रोदय का समय
कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 10:04
पटना, बिहार, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:50
विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:44
तिरुपति, आंध्र प्रदेश, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:54
चेन्नई, तमिलनाडु, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 09:49
हैदराबाद, तेलंगाना, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 10:04
धर्मपुरी, जगतियाल, तेलंगाना, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 10:04
बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 10:00
कोच्चि, केरल, भारत अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पिंगल महा गणपति रात 10:01

Vedic Astrology/ Vastu/ Hindu Culture Articles: A Comprehensive Library

Past event timings, year-specific festival guides and historical one-time articles are kept here for reference.

2026 and recent one-time articles

2025 and earlier one-time articles


Horoscope

Free Astrology

मन में कोई गहरा प्रश्न है? तुरंत उत्तर पाएं।

प्रश्न ज्योतिष के प्राचीन सिद्धांतों का उपयोग करके, करियर, प्रेम, या जीवन के बारे में अपने सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के लिए तत्काल दैवीय मार्गदर्शन प्राप्त करें।

तुरंत अपना उत्तर पाएं
Download Hindu Jyotish App now - - Free Multilingual Astrology AppHindu Jyotish App. Multilingual Android App. Available in 10 languages.

Free Daily panchang with day guide

Lord Ganesha writing PanchangAre you searching for a detailed Panchang or a daily guide with good and bad timings, do's, and don'ts? Our daily Panchang service is just what you need! Get extensive details such as Rahu Kaal, Gulika Kaal, Yamaganda Kaal, Choghadiya times, day divisions, Hora times, Lagna times, and Shubha, Ashubha, and Pushkaramsha times. You will also find information on Tarabalam, Chandrabalam, Ghata day, daily Puja/Havan details, journey guides, and much more.
This Panchang service is offered in 10 languages. Click on the names of the languages below to view the Panchang in your preferred language.  English,  Hindi,  Marathi,  Telugu,  Bengali,  Gujarati,  Tamil,  Malayalam,  Punjabi,  Kannada,  French,  Russian,  German, and  Japanese.
Click on the desired language name to get your free Daily Panchang.

Free KP Horoscope with predictions

Lord Ganesha writing JanmakundaliAre you interested in knowing your future and improving it with the help of KP (Krishnamurti Paddhati) Astrology? Here is a free service for you. Get your detailed KP birth chart with the information like likes and dislikes, good and bad, along with 100-year future predictions, KP Sublords, Significators, Planetary strengths and many more. Click below to get your free KP horoscope.
Get your KP Horoscope or KP kundali with detailed predictions in  English,  Hindi,  Marathi,  Telugu,  Bengali,  Gujarati,  Tamil,  Malayalam,  Punjabi,  Kannada,  French,  Russian,  German, and  Japanese.
Click on the desired language name to get your free KP horoscope.


जो लोग अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए OnlineJyotish.com Exclusive और Premium जन्मकुंडली प्रदान करता है। 400 से अधिक पृष्ठों वाली इस विस्तृत जन्मकुंडली में प्रत्येक भाव का विश्लेषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, संतान, नौकरी एवं करियर, भाग्य और जीवन के उद्देश्य से संबंधित विशेष विश्लेषण, योग, दोष एवं उनके उपायों का संपूर्ण विवरण, षड्वर्ग फल, ग्रह अवस्थाओं के फल, अष्टकवर्ग विश्लेषण एवं फल, विंशोपक बल और उनके परिणाम, 100 वर्षों के दशा, अंतर्दशा एवं प्रत्यंतरदशा फल, 100 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के गोचर की तिथियाँ तथा अगले 10 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के विस्तृत गोचर फल सहित अनेक विशेष जानकारियाँ सम्मिलित हैं। यह 400 से अधिक पृष्ठों वाली एक विस्तृत बृहत् जन्मकुंडली है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके कुछ ही क्षणों में अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें।

अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें
नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।