रक्षाबंधन (राखी) किस समय करना चाहिए?
राखी कब बांधनी चाहिए।
रक्षाबंधन या राखी पर्व भारतीय परंपराओं में एक विशेष पर्व है। यह श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जिसमें भाई अपनी बहनों को राखी बांधते हैं और उनकी सुरक्षा, खुशी के लिए प्रार्थना करते हैं। इस पर्व को सही समय पर, शास्त्रों के अनुसार मनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए, राखी बांधने के सही समय को जानना आवश्यक है ताकि यह पर्व कब और किस समय मनाना चाहिए, इसका विस्तार से पता चल सके। 2024 के लिए, इस पर्व को मनाने के लिए अपराह्न और प्रदोष समय का विवरण यहां दिया गया है।
रक्षाबंधनम् - श्रावणपूर्णिमायां भद्रारहितायां त्रिमुहूर्ताधिकोदयव्यापिन्यामपराह्ने प्रदोषे वा कार्यम् । इदं ग्रहणसंक्रांतिदिनेपि कर्तव्यम् ।
शास्त्र वाक्य के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा के दिन अपराह्न या प्रदोष समय में राखी (रक्षाबंधन) बांधनी चाहिए। इसके लिए सूर्योदय के बाद छह घड़ी (2 घंटे 24 मिनट) से अधिक समय गुजर जाने पर, भद्रा करण के बिना पूर्णिमा का समय लेना चाहिए। उस दिन ग्रहण या संक्रांति होने पर भी रक्षाबंधन करने में कोई बाधा नहीं है।
इस वर्ष (2024) 19 अगस्त सोमवार को, श्रावण पूर्णिमा के दिन भद्रा करण दोपहर 01:33 बजे तक रहेगा। इसलिए ऊपर बताए गए नियम के अनुसार, अपराह्न का समय दोपहर 01:35 PM से 04:06 PM के बीच या प्रदोष का समय शाम 05:48 PM से 07:24 PM के बीच रक्षाबंधन कर सकते हैं। अपराह्न समय और प्रदोष काल स्थानीय सूर्योदय, अस्त के आधार पर निर्भर करते हैं, इसलिए आपके क्षेत्र में इन समयों को जानने के लिए https://www.onlinejyotish.com/hindi-astrology/hindi-panchang.php पर जाएं।


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