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ज्योतिष पाठ - गजकेसरी योग (Moon-Jupiter Conjunction)


वैदिक ज्योतिष में "गजकेसरी योग" को सबसे शुभ और शक्तिशाली योगों में से एक माना जाता है। यह योग तब बनता है जब चंद्रमा और गुरु एक साथ हों या एक-दूसरे से केंद्र (1, 4, 7, 10) में हों। 'गज' का अर्थ है हाथी और 'केसरी' का अर्थ है शेर; यह योग जातक को शेर जैसी शक्ति और हाथी जैसा वैभव प्रदान करता है।

प्रमुख प्रभाव विश्लेषण एवं फल
स्वभाव एवं व्यक्तित्व
  • जातक अत्यंत शांत और सकारात्मक विचारधारा वाला होता है।
  • इनका मन अनैतिक या बुरे कार्यों की ओर नहीं जाता (Strong Moral Compass)।
  • परोपकार और दूसरों की मदद करना इनके स्वभाव में होता है।
सामाजिक प्रतिष्ठा समाज में इनका बहुत सम्मान (Goodwill) होता है। ये लोग धन से अधिक अपनी प्रतिष्ठा और गरिमा को महत्व देते हैं।
योग की शर्तें इस योग के पूर्ण फल के लिए चंद्रमा क्षीण नहीं होना चाहिए और गुरु अपनी नीच राशि (मकर) में नहीं होना चाहिए। केंद्र भावों में यह योग सर्वाधिक शक्तिशाली परिणाम देता है।
करियर अध्यापन, न्याय विभाग, धार्मिक संस्थाओं, प्रशासनिक पदों या परामर्श (Consulting) के क्षेत्रों में ये लोग बहुत सफल होते हैं।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।