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ज्योतिष पाठ - गोचर (Planetary Transits)


जन्म के समय आकाश में ग्रहों की जो स्थिति होती है, उसे "जन्म कुंडली" (Natal Chart) कहते हैं। लेकिन ग्रह एक जगह स्थिर नहीं रहते, वे निरंतर भ्रमण करते रहते हैं। ग्रहों की इसी वर्तमान चाल को "गोचर" (Gochar) कहते हैं।

सुनहरा नियम (Golden Rule): विंशोत्तरी दशा आपकी "कार" (Car) की तरह है, और गोचर उस "सड़क" (Road) की तरह है जिस पर कार चलती है। यदि आपकी कार (दशा) बहुत अच्छी है, लेकिन सड़क (गोचर) टूटी-फूटी है, तो यात्रा में कठिनाई होगी और गति धीमी हो जाएगी। इसीलिए फलित ज्योतिष में गोचर का महत्व 30-40% माना जाता है।

महत्वपूर्ण नोट: गोचर को हमेशा "जन्म राशि" (चंद्रमा की स्थिति) से ही देखा जाना चाहिए, लग्न से नहीं।

कौन सा ग्रह कहाँ शुभ फल देता है? (गोचर फल)

ग्रह (Planet) शुभ भाव (चंद्रमा से) संचार अवधि (एक राशि में)
शनि (Saturn) 3, 6, 11 ढाई वर्ष (2.5 Years)
गुरु (Jupiter) 2, 5, 7, 9, 11 1 वर्ष
राहु/केतु 3, 6, 11 डेढ़ वर्ष (1.5 Years)
सूर्य (Sun) 3, 6, 10, 11 1 माह
शुक्र, बुध अधिकतर भावों में शुभ (कुछ अपवाद) लगभग 1 माह

मूर्ति निर्णय (Moorthi Nirnayam)

गोचर का सूक्ष्म विश्लेषण करने के लिए "मूर्ति निर्णय" का प्रयोग किया जाता है। जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, उस समय चंद्रमा आपकी जन्म राशि से किस भाव में है, इसके आधार पर यह तय होता है:

  • स्वर्ण मूर्ति (Gold): अत्यंत शुभ फल।
  • रजत मूर्ति (Silver): उत्तम/शुभ फल।
  • ताम्र मूर्ति (Copper): मध्यम/मिश्रित फल।
  • लौह मूर्ति (Iron): अशुभ या कष्टकारी फल।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।