सप्ताह का क्रम
- रवि, 20 सित॰ 00:00 GMT-4 → सोम, 21 सित॰ 01:45 GMT-4
अधिकारी या ग्राहक चल रहे काम की जानकारी माँग सकते हैं। पूरा और बाकी काम लिखकर रखें। देर होने की संभावना हो तो समय रहते बता दें।
- सोम, 21 सित॰ 01:45 GMT-4 → बुध, 23 सित॰ 12:27 GMT-4
मिलकर किए जाने वाले काम में उपयोगी परिचय हो सकता है। जरूरत हो तो उनसे बात करें। मिलकर किए जाने वाले काम में सबकी जिम्मेदारी पहले तय कर लें।
- बुध, 23 सित॰ 12:27 GMT-4 → शुक्र, 25 सित॰ 20:03 GMT-4
आने-जाने, राशन या भूले हुए छोटे भुगतान से खर्च बढ़ सकता है। गैरजरूरी खरीदारी टालें। अधूरे काम की चिंता में देर रात तक जागने के बजाय आराम करें।
- शुक्र, 25 सित॰ 20:03 GMT-4 → रवि, 27 सित॰ 00:00 GMT-4
जिस बात का निर्णय आप दूसरों पर छोड़ते आए हैं, उसमें अब खुद आगे आना पड़ सकता है। अपनी बात स्पष्ट रूप से रख पाएँगे। एक साथ कई काम शुरू करने के बजाय जरूरी काम पहले निपटाएँ।
नौकरी और व्यापार
इन बातों में सावधानी रखें
बीच में निर्देश बदलने से किए हुए काम का कुछ हिस्सा दोहराना पड़ सकता है। आपको क्या करना है, पूरी तरह समझ लें। दूसरे पर निर्भर काम के लिए जल्दबाजी में भरोसा न दिलाएँ।
आमदनी और खर्च
मिले-जुले संकेत
रोज की खरीदारी और घरेलू भुगतान में उम्मीद से ज्यादा पैसा लग सकता है। आगे के खर्च लिख लें और कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी लेने से पहले घर में बात करें।
परिवार और दांपत्य
अनुकूल पक्ष
परिवार के साथ भोजन या रिश्तेदारों से मुलाकात खुशी दे सकती है। शांत बातचीत से गलतफहमी दूर हो सकती है। जीवनसाथी के काम में हाथ बँटाने से अपनापन बढ़ेगा।
सेहत और आराम
इन बातों में सावधानी रखें
अतिरिक्त जिम्मेदारियों से एक दिन की थकान उतरे बिना अगला दिन शुरू हो सकता है। जो काम रुक सकता है, उसे बाद में करें। सब कुछ अकेले करने के बजाय मदद लें और आराम का समय रखें।
पढ़ाई
अनुकूल पक्ष
कठिन लग रहा पाठ उदाहरण के साथ पढ़ने पर समझ में आ सकता है। कुछ सवाल खुद हल करें और जिस चरण में शंका हो, शिक्षक को दिखाकर पूछें।