सप्ताह का क्रम
- रवि, 6 सित॰ 00:00 GMT-4 → सोम, 7 सित॰ 03:08 GMT-4
अधिकारी या ग्राहक चल रहे काम की जानकारी माँग सकते हैं। पूरा और बाकी काम लिखकर रखें। देर होने की संभावना हो तो समय रहते बता दें।
- सोम, 7 सित॰ 03:08 GMT-4 → बुध, 9 सित॰ 05:44 GMT-4
मिलकर किए जाने वाले काम में उपयोगी परिचय हो सकता है। आपको किस मदद की जरूरत है, साफ बताएँ और अपनी जिम्मेदारी भी पूरी करें।
- बुध, 9 सित॰ 05:44 GMT-4 → शुक्र, 11 सित॰ 09:38 GMT-4
आने-जाने, राशन या भूले हुए छोटे भुगतान से खर्च बढ़ सकता है। छोटी रकम का हिसाब भी देखें। नई खरीदारी से पहले आगे की जरूरतों के लिए पैसा रखें।
- शुक्र, 11 सित॰ 09:38 GMT-4 → रवि, 13 सित॰ 00:00 GMT-4
जिस बात का निर्णय आप दूसरों पर छोड़ते आए हैं, उसमें अब खुद आगे आना पड़ सकता है। अपनी बात स्पष्ट रूप से रख पाएँगे। एक साथ कई काम शुरू करने के बजाय जरूरी काम पहले निपटाएँ।
नौकरी और व्यापार
इन बातों में सावधानी रखें
बीच में निर्देश बदलने से किए हुए काम का कुछ हिस्सा दोहराना पड़ सकता है। आपको क्या करना है, पूरी तरह समझ लें। दूसरे पर निर्भर काम के लिए जल्दबाजी में भरोसा न दिलाएँ।
आमदनी और खर्च
अनुकूल पक्ष
पुराने हिसाब या रुके भुगतान के बारे में की गई कोशिश का जवाब मिल सकता है। बकाया रकम के बारे में फिर बात करना ठीक रहेगा। पैसा आते ही पूरा खर्च करने के बजाय आगामी बिलों के लिए कुछ रखें।
परिवार और दांपत्य
अनुकूल पक्ष
परिवार के साथ भोजन या रिश्तेदारों से मुलाकात खुशी दे सकती है। शांत बातचीत से गलतफहमी दूर हो सकती है। जीवनसाथी के काम में हाथ बँटाने से अपनापन बढ़ेगा।
सेहत और आराम
इन बातों में सावधानी रखें
अतिरिक्त जिम्मेदारियों से एक दिन की थकान उतरे बिना अगला दिन शुरू हो सकता है। काम बाँटें और जो जिम्मेदारी अभी जरूरी नहीं है, उसे कम करें।
पढ़ाई
मिले-जुले संकेत
पढ़ते समय समझ आने पर भी बिना किताब देखे जवाब लिखने में रुक सकते हैं। नोट्स बंद करके अभ्यास करें, फिर छूटे हुए बिंदु दोहराएँ।