कन्या राशि (Kanya Rashi) - फरवरी 2026 राशिफल
अवलोकन: समस्याओं का समाधान और पेशेवर ऊंचाइयां
फरवरी 2026 वह महीना है जहाँ आपके स्वाभाविक विश्लेषणात्मक कौशल की भारी मांग होगी। ग्रहों का केंद्र आपके 6ठे भाव (कुंभ राशि) पर है, जो सेवा, शत्रुओं और बाधाओं का भाव है। कन्या राशि वालों के लिए, यह अपनी दक्षता साबित करने का समय है। आप खुद को उलझनों को सुलझाते हुए पाएंगे—चाहे वह काम पर हो या व्यक्तिगत जीवन में—और इसमें आपको शानदार सफलता मिलेगी।
साथ ही, शुभ ग्रह बृहस्पति आपके 10वें भाव (मिथुन राशि) में गोचर कर रहे हैं। यह पेशेवर उन्नति का एक क्लासिक संकेत है। जहाँ 7वें भाव के शनि आपकी साझेदारियों की परीक्षा लेंगे, वहीं 6ठे और 10वें भाव की संयुक्त ऊर्जा बताती है कि आपका कार्य जीवन व्यक्तिगत जीवन की तुलना में अधिक फलदायी रहेगा।
महत्वपूर्ण गोचर विश्लेषण - कन्या राशि
| ग्रह | गोचर स्थिति | प्रभाव का क्षेत्र |
|---|---|---|
| ☿ बुध (राशि स्वामी) | 6ठे भाव (कुंभ) में | जटिल समस्याओं का हल और स्वास्थ्य |
| ♃ बृहस्पति | 10वें भाव (मिथुन) में | करियर में पहचान और विस्तार |
| ♄ शनि | 7वें भाव (मीन) में | विवाह और बिजनेस डील में परीक्षा |
| ♂ मंगल | 5वें भाव से 6ठे भाव में | तकनीकी कौशल और शत्रुओं पर विजय |
| ☉ सूर्य | 6ठे भाव (कुंभ) में | कानूनी लड़ाई में जीत और सेवा कार्य |
करियर और व्यवसाय
यह महीना आपके करियर के लिए शानदार है। 10वें भाव का बृहस्पति एक मजबूत "हंस योग" जैसा प्रभाव पैदा करता है, जो आपको ज्ञान, अधिकार और वरिष्ठों से सम्मान दिलाता है। यदि आप शिक्षण, परामर्श या संचार की भूमिकाओं में हैं, तो आप चमकेंगे। 6ठे भाव की भारी सक्रियता का मतलब है कि आप अविश्वसनीय रूप से उत्पादक होंगे। आप पुराने लंबित कार्यों को पूरा करेंगे और अव्यवस्थित परियोजनाओं को व्यवस्थित करेंगे।
जो लोग ऑफिस की राजनीति या कानूनी मुद्दों का सामना कर रहे हैं, उनके लिए 23 फरवरी को मंगल का छठे भाव में गोचर पासा पलटने वाला होगा। छठे भाव में मंगल 'दिग्बल' प्राप्त करता है, जिससे आपको प्रतिद्वंद्वियों को कुचलने और मुकदमेबाजी जीतने की शक्ति मिलती है। हालांकि, 7वें भाव के शनि व्यापारियों को साझेदारों के साथ सतर्क रहने की चेतावनी देते हैं।
धन और वित्त
आर्थिक रूप से स्थिति स्थिर और सकारात्मक दिशा में है। 10वें भाव में बैठा गुरु आपके दूसरे भाव (तुला राशि) पर अपनी शुभ दृष्टि डाल रहा है। यह आय के निरंतर प्रवाह और पारिवारिक सहयोग को सुनिश्चित करता है। आपकी कड़ी मेहनत के कारण वेतन वृद्धि या बोनस मिल सकता है।
हालाँकि, धन के स्वामी शुक्र के छठे भाव में जाने से स्वास्थ्य, पालतू जानवरों या पुराने कर्ज को चुकाने से संबंधित खर्च आ सकते हैं। यह नए कर्ज लेने के बजाय पुराने कर्ज चुकाने का अच्छा समय है। यदि आप किसी मुकदमे में शामिल हैं, तो कानूनी शुल्क पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहने की संभावना है।
स्वास्थ्य
चूंकि आपके राशि स्वामी (बुध) और कई अन्य ग्रह 6ठे भाव (रोग स्थान) में हैं, इसलिए स्वास्थ्य आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कुंभ राशि में 'वात' (वायु तत्व) की अधिकता से घबराहट, अनिद्रा या पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
महीने के अंत में 6ठे भाव में मंगल-राहु की युति सूजन या छोटी दुर्घटनाओं का जोखिम बताती है। रसोई में नुकीली चीजों या कार्यस्थल पर औजारों के साथ सावधानी बरतें। पेट के स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें; ताजा घर का बना खाना ही स्वास्थ्य की रक्षा का सबसे अच्छा तरीका है।
परिवार और संबंध
रिश्तों में इस महीने धैर्य की आवश्यकता है। शनि पिछले कुछ समय से आपके 7वें भाव में गोचर कर रहे हैं, जो विवाह में दूरी या नीरसता पैदा कर सकते हैं। आपके जीवनसाथी को लग सकता है कि उन्हें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है क्योंकि आप काम या दैनिक समस्याओं को सुलझाने में बहुत व्यस्त हैं।
चौथे भाव का स्वामी (गुरु) 10वें भाव में है, जो यह भी दर्शाता है कि आपका ध्यान घर से हटकर सार्वजनिक जीवन की ओर है। आप ऑफिस का तनाव घर ला सकते हैं, जिससे परिवार के सदस्य चिढ़ सकते हैं। सिंगल लोगों के लिए नया रिश्ता ढूंढना अभी 'काम' जैसा महसूस हो सकता है। इस दौरान रिश्तों के पीछे भागने के बजाय आत्म-सुधार पर ध्यान देना बेहतर है।
फरवरी 2026 के वैदिक उपाय
6ठे भाव की उच्च ऊर्जा को प्रबंधित करने और सफलता सुनिश्चित करने के लिए ये उपाय करें:
- विष्णु सहस्रनाम: बुध आपके राशि स्वामी हैं। बुधवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना आपके मन को शांत और केंद्रित रखने का सबसे अचूक उपाय है।
- भीगी हुई मूंग का दान: बुधवार को पक्षियों या गाय को भीगी हुई हरी मूंग खिलाएं। इससे बुध मजबूत होगा और स्वास्थ्य में सुधार होगा।
- शनि देव का दीप: चूंकि शनि 7वें भाव में है, इसलिए शनिवार शाम को पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं ताकि जीवनसाथी के साथ विवाद कम हो।
- रोगियों की सेवा: चूंकि 6ठा भाव सक्रिय है, इसलिए रोगियों को दवा दान करना या बीमारों की मदद करना आपके अपने शरीर में बीमारी को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।