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ज्योतिष पाठ - केमद्रुम और शकट योग (Lunar Challenges)


चंद्रमा हमारे मन का कारक है। जब कुंडली में चंद्रमा अकेला या कमजोर होता है, तो वह कुछ कठिन योगों का निर्माण करता है जो जातक को मानसिक और आर्थिक रूप से संघर्ष की स्थिति में डालते हैं।

योग का नाम विश्लेषण एवं प्रभाव
केमद्रुम योग स्थिति: यदि चंद्रमा के आगे और पीछे के भावों में कोई ग्रह न हो (राहु-केतु, सूर्य को छोड़कर)।
फल: जातक भीतर से मानसिक अकेलापन महसूस करता है। सब कुछ होने के बाद भी उसे संतुष्टि नहीं मिलती। धन की हानि संभव है।
शकट योग स्थिति: चंद्रमा से गुरु 6, 8 या 12वें भाव में हो।
फल: "शकट" का अर्थ है पहिया। ऐसे व्यक्ति का जीवन पहिए की तरह ऊपर-नीचे होता रहता है। धन और सफलता में स्थिरता की भारी कमी रहती है।
उपाय (Hindi Context) पूर्णिमा का व्रत, चंद्रमा को अर्घ्य देना और भगवान शिव की नियमित आराधना करने से इन योगों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।