onlinejyotish.com free Vedic astrology portal

ज्योतिष पाठ - भाव कारकत्वों का वर्गीकरण (Classified House Significations)


इस पाठ में हम बुद्धि के स्थान पंचम भाव और चुनौतियों के स्थान षष्ठ भाव के कारकत्वों को विस्तार से समझेंगे।

5. पंचम भाव (पंचम भाव) - "पुत्र/बुद्धि भाव"

स्वभाव: यह एक त्रिकोण भाव है और लक्ष्मी स्थान माना जाता है। यह पूर्व पुण्य को दर्शाता है।

श्रेणी कारकत्व
व्यक्तिगत (Personal) बुद्धि (Intellect), स्मरण शक्ति, रचनात्मकता (Creativity), दूरदर्शिता और प्रबंधन कौशल।
शारीरिक (Body) ऊपरी पेट (Upper Abdomen), यकृत (Liver), गर्भाशय और पाचन तंत्र।
सामाजिक (Society) संतान (Children), प्रेमी/प्रेमिका, शिष्य और अनुयायी।
आध्यात्मिक और अन्य मंत्र सिद्धि, ईश्वरीय कृपा, शेयर बाजार (Speculation) और मनोरंजन।

6. षष्ठ भाव (षष्ठ भाव) - "शत्रु/रोग भाव"

स्वभाव: यह एक दुस्थान और उपचय स्थान है। यह संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करता है।

श्रेणी कारकत्व
व्यक्तिगत (Personal) कमजोरियाँ, व्यसन, मानसिक चिंता, भय और प्रतिस्पर्धात्मकता (Competitiveness)।
शारीरिक (Body) पाचन तंत्र के निचले अंग, आंतें (Intestines), गुर्दे (Kidneys) और घाव।
सामाजिक (Society) शत्रु, प्रतिद्वंद्वी, मामा (Maternal Uncle) और पालतू जानवर।
अन्य ऋण (Debts), कानूनी विवाद, कोर्ट केस और सेवा (Service)।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।