भाव कारकत्वों का वर्गीकरण - भाग 3
इस पाठ में हम बुद्धि के स्थान पंचम भाव और चुनौतियों के स्थान षष्ठ भाव के कारकत्वों को विस्तार से समझेंगे।
5. पंचम भाव (पंचम भाव) - "पुत्र/बुद्धि भाव"
स्वभाव: यह एक त्रिकोण भाव है और लक्ष्मी स्थान माना जाता है। यह पूर्व पुण्य को दर्शाता है।
| श्रेणी | कारकत्व |
|---|---|
| व्यक्तिगत (Personal) | बुद्धि (Intellect), स्मरण शक्ति, रचनात्मकता (Creativity), दूरदर्शिता और प्रबंधन कौशल। |
| शारीरिक (Body) | ऊपरी पेट (Upper Abdomen), यकृत (Liver), गर्भाशय और पाचन तंत्र। |
| सामाजिक (Society) | संतान (Children), प्रेमी/प्रेमिका, शिष्य और अनुयायी। |
| आध्यात्मिक और अन्य | मंत्र सिद्धि, ईश्वरीय कृपा, शेयर बाजार (Speculation) और मनोरंजन। |
6. षष्ठ भाव (षष्ठ भाव) - "शत्रु/रोग भाव"
स्वभाव: यह एक दुस्थान और उपचय स्थान है। यह संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करता है।
| श्रेणी | कारकत्व |
|---|---|
| व्यक्तिगत (Personal) | कमजोरियाँ, व्यसन, मानसिक चिंता, भय और प्रतिस्पर्धात्मकता (Competitiveness)। |
| शारीरिक (Body) | पाचन तंत्र के निचले अंग, आंतें (Intestines), गुर्दे (Kidneys) और घाव। |
| सामाजिक (Society) | शत्रु, प्रतिद्वंद्वी, मामा (Maternal Uncle) और पालतू जानवर। |
| अन्य | ऋण (Debts), कानूनी विवाद, कोर्ट केस और सेवा (Service)। |