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ज्योतिष पाठ - भाव कारकत्वों का वर्गीकरण


इस पाठ में हम भाग्य के स्थान नवम भाव और करियर के स्थान दशम भाव का अध्ययन करेंगे।

9. नवम भाव (नवम भाव) - "भाग्य/धर्म भाव"

स्वभाव: यह सबसे शक्तिशाली त्रिकोण भाव है। यह पिता, गुरु और ईश्वरीय सहायता को दर्शाता है।

श्रेणीकारकत्व
व्यक्तिगतईमानदारी (Honesty), दान, भक्ति और उच्च शिक्षा (Higher Education)।
शारीरिककूल्हे (Hips) और जांघें (Thighs)।
सामाजिकपिता, गुरु (Teachers) और सम्मानित व्यक्ति।
अन्यतीर्थयात्रा, न्याय और पिछले जन्म का भाग्य।

10. दशम भाव (दशम भाव) - "कर्म/राज्य भाव"

स्वभाव: यह सबसे मजबूत केंद्र और उपचय स्थान है। यह व्यक्ति के कर्म और प्रसिद्धि को दर्शाता है।

श्रेणीकारकत्व
व्यक्तिगतकौशल (Skills), प्रतिष्ठा, अधिकार (Authority) और सफलता।
करियरआजीविका, सरकारी नौकरी और प्रबंधन (Administration)।
शारीरिकघुटने (Knees) और जोड़ (Joints)।
सामाजिकपिता की स्थिति, उच्च अधिकारी और विदेश में निवास।

नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।