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ज्योतिष पाठ - ग्रह कारकत्व (Planetary Significations)


वैदिक ज्योतिष में यदि 12 भाव 'खेत' हैं, तो 9 ग्रह उस खेत में उगने वाली 'फसल' को निर्धारित करने वाली शक्तियाँ हैं। नवग्रहों में सूर्य (राजा) और चंद्रमा (रानी) सबसे प्रमुख हैं। इस पाठ में हम उनके कारकत्वों का श्रेणीवार विश्लेषण करेंगे।

1. सूर्य (Sun/Ravi) - "आत्मा कारक"

स्वभाव: क्रूर ग्रह, पुरुष ग्रह, अग्नि तत्व। सूर्य आत्मा, पिता और शक्ति का प्रतीक है।

श्रेणी कारकत्व
व्यक्तिगत (Personal) आत्मा (Soul), आत्म-सम्मान, साहस, इच्छाशक्ति (Will Power), ईमानदारी, समय की पाबंदी, प्रसिद्धि और नेतृत्व गुण।
शारीरिक (Body) हड्डियाँ (Bones), दाहिनी आंख (पुरुषों में), बाईं आंख (स्त्रियों में), हृदय (Heart), पेट, सिर और पित्त।
सामाजिक और करियर पिता (Father), सरकार (Government), राजनीति, राजा/अधिकारी, चिकित्सा (Medicine) और प्रशासक।
वस्तुएं और अन्य तांबा (Copper), पूर्व दिशा, शिव आराधना, लाल वस्त्र, गेहूं और मंदिर।

2. चंद्रमा (Moon/Chandra) - "मनो कारक"

स्वभाव: सौम्य ग्रह, स्त्री ग्रह, जल तत्व। चंद्रमा मन, माता और भावनाओं का प्रतीक है।

श्रेणी कारकत्व
व्यक्तिगत (Personal) मन (Mind), भावनाएं (Emotions), विचार, शांति, नींद, स्मरण शक्ति और कल्पनाशीलता (Imagination)।
शारीरिक (Body) रक्त (Blood), शारीरिक तरल पदार्थ, बाईं आंख (पुरुषों में), दाहिनी आंख (स्त्रियों में), छाती और कफ।
सामाजिक और करियर माता (Mother), कृषि (Agriculture), तरल पदार्थों का व्यापार (Dairy), यात्रा और नाविक।
वस्तुएं और अन्य चांदी (Silver), मोती (Pearl), दूध, चावल, सफेद वस्त्र और उत्तर-पश्चिम दिशा।
नोट: कुंडली में यदि सूर्य कमजोर हो तो आत्मविश्वास की कमी होती है। यदि चंद्रमा कमजोर हो तो मानसिक चिंता (Anxiety) और अस्थिरता बढ़ती है।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।