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ज्योतिष पाठ - भाव कारकत्वों का वर्गीकरण (Classified House Significations)


पिछले पाठ में हमने लग्न और द्वितीय भाव के वर्गीकरण को देखा। इस पाठ में हम अपने प्रयासों के केंद्र तृतीय भाव और मानसिक शांति के स्थान चतुर्थ भाव के कारकत्वों को श्रेणियों (Category-wise) में समझेंगे। यह विश्लेषण आपको कुंडली देखने में बहुत सहायता करेगा।

3. तृतीय भाव (तृतीय भाव) - "सहज भाव"

स्वभाव: यह एक उपचय स्थान (Growth House) है। यहाँ पाप ग्रहों का होना भी शुभ परिणाम देता है।

श्रेणी कारकत्व
व्यक्तिगत (Personal) स्व-प्रयास (Self-effort), साहस, धैर्य, भोलापन, नेतृत्व क्षमता (Leadership) और आध्यात्मिक प्रेरणा।
शारीरिक (Body) कान (विशेषकर दायां कान), गला (Throat), गर्दन, कंधे (Shoulders), हाथ और ऊपरी फेफड़े।
सामाजिक (Society) छोटे भाई-बहन, पड़ोसी, सहकर्मी (Colleagues) और सेवक।
अन्य छोटी यात्राएँ, संचार (Communication), लेखन कार्य और सूचनाओं का आदान-प्रदान।

4. चतुर्थ भाव (चतुर्थ भाव) - "सुख/मातृ भाव"

स्वभाव: यह एक केंद्र स्थान है और मोक्ष त्रिकोण का पहला भाव है। यह मन की शांति को दर्शाता है।

श्रेणी कारकत्व
व्यक्तिगत (Personal) आंतरिक जीवन, मन, सुख (Happiness), भावनाएं और गुप्त बातें।
शारीरिक (Body) छाती (Chest), हृदय (Heart), फेफड़े और पसलियाँ।
सामाजिक (Society) माता (Mother), ननिहाल के रिश्तेदार, करीबी मित्र और शिक्षण संस्थान।
संपत्ति और अन्य स्वदेश, अपना घर, अचल संपत्ति (Real Estate), वाहन और कृषि भूमि।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।