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ज्योतिष पाठ - भरणी नक्षत्र (The Star of Restraint)


राशि चक्र में यह दूसरा नक्षत्र (13°20' - 26°40' मेष) है। इसके स्वामी शुक्र हैं। इसका प्रतीक "योनि" (स्त्री जननांग) है, जो सृजन का द्वार है। इसके अधिदेवता यमराज (मृत्यु और धर्म के देवता) हैं। यह नक्षत्र जीवन (Birth) और मृत्यु (Death) के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। "भरणी" का अर्थ है "धारण करने वाला" (Bearer)।

मुख्य विशेषताएँ (Key Characteristics)

  • चरम सीमा (Extremes): ये लोग या तो किसी को बेहद प्यार करते हैं या नफरत करते हैं। इनके लिए बीच का कोई रास्ता नहीं होता।
  • सृजनात्मकता (Creativity): जिस प्रकार गर्भ धारण करना और जन्म देना एक कठिन प्रक्रिया है, उसी प्रकार नए विचारों को जन्म देना भी कठिन है। ये लोग महान कलाकार और रचनाकार होते हैं।
  • संयम (Restraint): यमराज धर्म और नियम के प्रतीक हैं। इसलिए ये लोग अपनी इच्छाओं को नियंत्रित करने के लिए निरंतर संघर्ष करते रहते हैं।

चरणों के अनुसार फल (Results by Padas)

चरण (Pada) नवांश राशि (Navamsa Sign) फल (Result)
1ला चरण सिंह (Sun) सृजनात्मकता, स्वाभिमान, और नेतृत्व क्षमता। ये लोग बहुत महत्वाकांक्षी होते हैं।
2रा चरण कन्या (Mercury) सेवा भाव, कठिन परिश्रम, और तर्क-वितर्क (Logic)। ये लोग हर चीज का विश्लेषण करते हैं।
3रा चरण तुला (Venus) अत्यंत भोगवादी। प्रेम, संबंध और विलासिता (Luxury) में रुचि। ये लोग लोगों को आकर्षित करने में माहिर होते हैं।
4था चरण वृश्चिक (Mars) गहन शोध (Research), तीव्र भावनाएं और रहस्य। यह चरण सर्जनों और गुप्त विद्याओं के लिए उत्तम है।

यदि ग्रह भरणी में हों तो?

  • सूर्य (Sun): यहाँ सूर्य उच्च (Exalted) होते हैं। सत्ता, अधिकार और प्रसिद्धि मिलती है। पिता से संपत्ति या गुण प्राप्त होते हैं।
  • चंद्रमा (Moon): मन हमेशा किसी न किसी द्वंद्व या संघर्ष में रहता है, लेकिन कला और सौंदर्य के प्रति गहरा लगाव होता है।
  • राहु (Rahu): इच्छाएं अनियंत्रित होती हैं। विदेशी संबंध और unconventional (अपरंपरागत) तरीके से सफलता मिलती है।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।