अष्टकवर्ग - परिचय (Ashtakavarga)
ज्योतिष की अन्य विधियाँ जहाँ "अनुमान" या "विश्लेषण" पर आधारित होती हैं, वहीं अष्टकवर्ग (Ashtakavarga) पूरी तरह से गणित (Mathematics) पर आधारित है। इसमें 7 ग्रह और लग्न मिलकर, कुंडली की प्रत्येक राशि को कुछ अंक (Bindus/Points) प्रदान करते हैं। इससे यह आसानी से और सटीकता से पता चल जाता है कि कौन सी राशि मजबूत है और कौन सी कमजोर।
सर्वाष्टकवर्ग (SAV) - स्कोरिंग विधि
पूरी कुंडली की 12 राशियों के लिए कुल मिलाकर 337 अंक (Points) होते हैं। किसी भी राशि में कितने अंक हैं, इसी आधार पर उसका फल निर्धारित होता है।
| अंक/बिंदु (Points/Bindus) | परिणाम (Result) |
|---|---|
| 30 से अधिक | अति उत्तम (Excellent)। जब कोई ग्रह (भले ही वह पाप ग्रह हो) इस राशि में गोचर करता है, तो बहुत शुभ फल मिलते हैं। |
| 25 - 30 | मध्यम (Average)। सामान्य मिश्रित फल प्राप्त होते हैं। |
| 25 से कम | कमजोर (Weak)। इस राशि में ग्रहों का गोचर कष्टकारी होता है। स्वास्थ्य और धन की हानि हो सकती है। |
गोचर में इसका उपयोग
गोचर (Transits) का सटीक फल जानने के लिए अष्टकवर्ग अनिवार्य है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि गोचर में शनि "मेष राशि" में भ्रमण कर रहे हैं:
- यदि आपके अष्टकवर्ग चार्ट में मेष राशि में 35 अंक हैं, तो शनि आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, बल्कि लाभ और वृद्धि देंगे।
- लेकिन यदि उसी मेष राशि में केवल 19 अंक हैं, तो शनि का गोचर आपको गंभीर कष्ट, मानसिक तनाव और संघर्ष देगा।