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ज्योतिष पाठ - नीच भंग राजयोग (Rags to Riches)

अक्सर लोग कुंडली में नीच का ग्रह (Debilitated Planet) देखकर डर जाते हैं। लेकिन यदि उस ग्रह की नीचता भंग हो जाए, तो वह सामान्य ग्रह से भी अधिक शक्तिशाली परिणाम देता है। इसे ही "नीच भंग राजयोग" कहते हैं। यह योग जातक को जमीन से उठाकर आसमान की बुलंदियों तक ले जाता है।

जीवन के चरण राजयोग का प्रभाव
प्रारंभिक जीवन जातक का शुरुआती जीवन बहुत ही कठिन होता है। इन्हें गरीबी, अपमान या असफलताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसा लगता है मानो भाग्य इनके विरुद्ध है।
परिवर्तन काल प्रायः 30 से 35 वर्ष की आयु के बाद इनकी किस्मत चमकती है। जो लोग पहले इनका उपहास उड़ाते थे, वे ही इनका सम्मान करने लगते हैं।
नीच भंग की शर्तें नीच ग्रह का स्वामी (Sign Lord) केंद्र में हो, या नीच ग्रह जिस राशि में उच्च का होता है उसका स्वामी केंद्र में हो, या नीच ग्रह पर उसके स्वामी की दृष्टि हो। इनमें से कोई भी स्थिति होने पर नीचता भंग हो जाती है।
विश्व प्रसिद्ध उदाहरण भगवान श्री राम, अब्राहम लिंकन, बराक ओबामा और अमिताभ बच्चन जैसे महान व्यक्तित्वों की कुंडली में यह योग स्पष्ट रूप से देखा गया है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।