OnlineJyotish.com

ज्योतिष पाठ - गुरु मंगल योग (Guru Mangala Yoga)

मंगल (शक्ति/ऊर्जा) और गुरु (ज्ञान/धर्म) आपस में परम मित्र हैं। इनकी युति को ज्योतिष में "गुरु मंगल योग" के नाम से जाना जाता है। जब कोई व्यक्ति अपनी शक्ति और सामर्थ्य (Mars) का उपयोग धर्म और विवेक (Jupiter) के साथ करता है, तो उसे समाज में असाधारण सफलता और सम्मान मिलता है। यह नेतृत्व और आर्थिक समृद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ योगों में से एक है।

[Image: Guru Mangala Yoga representing ethical leadership and wealth - onlinejyotish]
क्षेत्र विश्लेषण एवं प्रभाव
शास्त्रीय फल (Classical)
  • जातक किसी नगर या समुदाय का प्रमुख या नेता होता है।
  • गुरुओं, ब्राह्मणों और विद्वानों का सम्मान करने वाला।
  • गणित, ज्योतिष या वेदों का विद्वान हो सकता है।
  • अत्यंत साहसी और धनी व्यक्तित्व।
आधुनिक विश्लेषण (Modern)
  • करियर: उच्च पुलिस अधिकारी (IPS), सेना प्रमुख, सरकारी अधिकारी, मंत्री या बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के CEO। ये अपनी शक्ति का उपयोग बुद्धिमानी से करते हैं।
  • स्वभाव: ये लोग अन्याय के विरुद्ध खड़े होते हैं और धर्म की रक्षा के लिए लड़ते हैं। इनका क्रोध अक्सर न्यायपूर्ण होता है।
  • आर्थिक: रियल एस्टेट, बैंकिंग या फाइनेंस के क्षेत्रों में ये अपार धन अर्जित करते हैं।
विशेष नोट यदि यह योग कर्काटक राशि (गुरु उच्च, मंगल नीच) में हो, तो "नीच भंग राजयोग" बनता है जो अत्यधिक शुभ है। वहीं मकर राशि (मंगल उच्च, गुरु नीच) में होने पर जातक अधिक आक्रामक या कठोर हो सकता है।

जो लोग अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए OnlineJyotish.com Exclusive और Premium जन्मकुंडली प्रदान करता है। 400 से अधिक पृष्ठों वाली इस विस्तृत जन्मकुंडली में प्रत्येक भाव का विश्लेषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, संतान, नौकरी एवं करियर, भाग्य और जीवन के उद्देश्य से संबंधित विशेष विश्लेषण, योग, दोष एवं उनके उपायों का संपूर्ण विवरण, षड्वर्ग फल, ग्रह अवस्थाओं के फल, अष्टकवर्ग विश्लेषण एवं फल, विंशोपक बल और उनके परिणाम, 100 वर्षों के दशा, अंतर्दशा एवं प्रत्यंतरदशा फल, 100 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के गोचर की तिथियाँ तथा अगले 10 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के विस्तृत गोचर फल सहित अनेक विशेष जानकारियाँ सम्मिलित हैं। यह 400 से अधिक पृष्ठों वाली एक विस्तृत बृहत् जन्मकुंडली है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके कुछ ही क्षणों में अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें।

अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें
नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।