मंगल + गुरु की युति (Guru Mangala Yoga)
मंगल (शक्ति/ऊर्जा) और गुरु (ज्ञान/धर्म) आपस में परम मित्र हैं। इनकी युति को ज्योतिष में "गुरु मंगल योग" के नाम से जाना जाता है। जब कोई व्यक्ति अपनी शक्ति और सामर्थ्य (Mars) का उपयोग धर्म और विवेक (Jupiter) के साथ करता है, तो उसे समाज में असाधारण सफलता और सम्मान मिलता है। यह नेतृत्व और आर्थिक समृद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ योगों में से एक है।
[Image: Guru Mangala Yoga representing ethical leadership and wealth - onlinejyotish]| क्षेत्र | विश्लेषण एवं प्रभाव |
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| शास्त्रीय फल (Classical) |
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| आधुनिक विश्लेषण (Modern) |
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| विशेष नोट | यदि यह योग कर्काटक राशि (गुरु उच्च, मंगल नीच) में हो, तो "नीच भंग राजयोग" बनता है जो अत्यधिक शुभ है। वहीं मकर राशि (मंगल उच्च, गुरु नीच) में होने पर जातक अधिक आक्रामक या कठोर हो सकता है। |