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ज्योतिष पाठ - ग्रह स्वभाव और वर्गीकरण


फलादेश करते समय केवल राशि देखना काफी नहीं है। ग्रह का लिंग, वर्ण, गुण और उसकी दिशा जानना बहुत जरूरी है। विशेष रूप से 'प्रश्न ज्योतिष' में ये कारक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

1. ग्रहों का लिंग और वर्ण (जाति)

वर्गीकरणग्रह
पुरुष ग्रहसूर्य, मंगल, गुरु
स्त्री ग्रहचंद्र, शुक्र, राहु
नपुंसक ग्रहशनि, बुध, केतु
ग्रह वर्ण (Varna)
ब्राह्मण (ज्ञान)गुरु, शुक्र
क्षत्रिय (शासन)सूर्य, मंगल
वैश्य (व्यापार)चंद्र, बुध
शूद्र (सेवा)शनि

2. ग्रहों के गुण और दिशाएँ

त्रिगुण:
  • सत्वगुण: सूर्य, चंद्र, गुरु
  • रजोగుణ: बुध, शुक्र
  • तमोगुण: शनि, मंगल, राहु, केतु
दिशाएँ:
  • पूर्व: सूर्य | दक्षिण: मंगल
  • पश्चिम: शनि | उत्तर: बुध
  • ईशान (NE): गुरु | आग्नेय (SE): शुक्र


3. चिकित्सा ज्योतिष - शरीर पर प्रभाव

मेडिकल ज्योतिष: हमारे शरीर के विभिन्न अंगों का नियंत्रण ग्रहों के हाथ में होता है।
हड्डियाँ
सूर्य
रक्त
चंद्र
मज्जा
मंगल
त्वचा
बुध

नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।