धनु राशि - द्वादश भाव फल
धनु राशि एक अग्नि तत्व (Fire) और द्विस्वभाव (Dual) राशि है। इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) हैं। अतः धनु राशि जिस भाव में होती है, उस भाव से संबंधित विषयों में धर्म (Dharma), आशावाद (Optimism), उच्च शिक्षा, यात्राएं और कभी-कभी उपदेश देने की प्रवृत्ति (Preachy nature) देखी जाती है। ये लोग इन मामलों में बहुत ईमानदार रहते हैं।
नीचे दी गई तालिका में धनु राशि के 1 से 12 भावों में होने पर मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:
| भाव (House) | लग्न (Ascendant) | धनु राशि का प्रभाव (Results of Sagittarius) |
|---|---|---|
| 1ला भाव (लग्न) | धनु लग्न | जातक बहुत आशावादी (Optimistic) और ईमानदार होता है। अपनी बात मुक्कसूटी (Bluntly) कहता है। धर्म और परंपराओं के प्रति सम्मान रहता है। शरीर सुदृढ़ और लंबा होता है। |
| 2रा भाव (धन) | वृश्चिक लग्न | वाणी बहुत स्पष्ट और खरी होती है (जो कभी-कभी कड़वी लग सकती है)। परिवार में पारंपरिक मूल्यों को महत्व देते हैं। शिक्षण, कानून या परामर्श के माध्यम से धन अर्जित करते हैं। |
| 3రా भाव (भ्रातृ) | तुला लग्न | भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंध रहते हैं और वे विद्वान होते हैं। धर्म प्रचार या ज्ञान की प्राप्ति के लिए यात्राएं करते हैं। लेखन में न्याय और धर्म को प्राथमिकता देते हैं। |
| 4था भाव (मातृ) | कन्या लग्न | जातक चाहता है कि उसका घर विशाल हो। घर में आध्यात्मिक वातावरण रहता है। माता गुरु समान या गहरी धार्मिक आस्था वाली होती हैं। जातक को जन्मस्थान से दूर अधिक सुख मिलता है। |
| 5वाँ भाव (पुत्र) | सिंह लग्न | संतान बुद्धिमान और सुशिक्षित होती है। उच्च शिक्षा के प्रति गहरा लगाव रहता है। सृजनात्मक विचार बहुत ऊँचे स्तर के होते हैं और पूर्व पुण्य का अच्छा फल मिलता है। |
| 6ठा भाव (शत्रु) | कर्क लग्न | शत्रुओं का सामना कानूनी या धर्मपूर्ण तरीके से करते हैं। लीवर (Liver) या चर्बी (Fat) से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कानूनी सेवा क्षेत्रों में सफल होते हैं। |
| 7वाँ भाव (कलत्र) | मिथुन लग्न | जीवनसाथी बहुत बुद्धिमान, ज्ञानी और अच्छी सलाह देने वाला होता है। साथी किसी अलग संस्कृति या दूर स्थान का हो सकता है। दांपत्य में आपसी समझ महत्वपूर्ण होती है। |
| 8वाँ भाव (आयु) | वृषभ लग्न | अचानक संपत्ति प्राप्ति के योग बनते हैं। गुप्त विद्याओं, ज्योतिष या आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रहती है। मोटापे या पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। |
| 9वाँ भाव (भाग्य) | मेष लग्न | (स्वक्षेत्र) जातक अत्यंत भाग्यशाली होता है। पिता गुरु समान होते हैं। तीर्थयात्राएं और लंबी दूरी की यात्राएं अक्सर करते हैं। उच्च शिक्षा में बड़ी सफलता मिलती है। |
| 10वाँ भाव (राज्य) | मीन लग्न | (स्वक्षेत्र) करियर में बहुत सम्मान मिलता है। शिक्षण, न्यायाधीश, परामर्श या धार्मिक संस्थानों में उच्च पद प्राप्त करते हैं। कार्यस्थल पर धर्म और नैतिकता का पालन करते हैं। |
| 11वाँ भाव (लाभ) | कुंभ लग्न | मित्र विद्वान और सहायक होते हैं। बड़ों की सलाह से लाभ मिलता है। जीवन के लक्ष्य बहुत ऊँचे होते हैं। एनजीओ (NGO) या सेवा संस्थाओं से लाभ की संभावना। |
| 12वाँ भाव (व्यय) | मकर लग्न | धन का खर्च आश्रमों, मंदिरों या धार्मिक कार्यों पर होता है। मोक्ष प्राप्ति में रुचि रहती है। विदेश में पढ़ाई या नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। एकांत प्रिय होते हैं। |
महत्वपूर्ण नोट
धनु राशि के परिणाम बृहस्पति (Jupiter) की स्थिति पर निर्भर करते हैं। यदि गुरु प्रबल हो, तो अद्भुत ज्ञान और संपदा प्राप्त होती है। यदि गुरु दूषित हो, तो अति-विश्वास (Overconfidence) या धार्मिक कट्टरता (Fanaticism) की प्रवृत्ति हो सकती है।


Want to find a good partner? Not sure who is the right match? Try Vedic Astrology! Our Star Matching service helps you find the perfect partner. You don't need your birth details, just your Rashi and Nakshatra. Try our free Star Match service before you make this big decision!
We have this service in many languages:
The Hindu Jyotish app helps you understand your life using Vedic astrology. It's like having a personal astrologer on your phone!