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ज्योतिष पाठ - वृश्चिक राशि द्वादश भाव फल (Scorpio in 12 Houses)


वृश्चिक राशि एक जल तत्व (Water) और स्थिर (Fixed) राशि है। इसके स्वामी मंगल (Mars) हैं। राशि चक्र में इसे सबसे रहस्यमयी (Mysterious) राशि माना जाता है। वृश्चिक राशि जिस भाव में होती है, उस भाव से संबंधित विषयों में तीव्रता (Intensity), गोपनीयता (Secrecy), आकस्मिक परिवर्तन (Transformation) और शोध (Research) की प्रवृत्ति देखी जाती है। ये लोग बाहर से शांत दिखते हैं, पर मन में गहरे भाव छुपाए रखते हैं।

नीचे दी गई तालिका में वृश्चिक राशि के 1 से 12 भावों में होने पर मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:

भाव (House) लग्न (Ascendant) वृश्चिक राशि का प्रभाव (Results of Scorpio)
1ला भाव (लग्न) वृश्चिक लग्न जातक का व्यक्तित्व बहुत गंभीर और आकर्षक होता है। इन्हें समझना आसान नहीं है। मनोबल (Willpower) बहुत मजबूत होता है और इनमें बदला लेने की प्रवृत्ति हो सकती है।
2रा भाव (धन) तुला लग्न वाणी कभी-कभी कठोर या व्यंग्यात्मक (Sarcastic) हो सकती है। धन के मामलों को गुप्त रखते हैं। परिवार में अचानक विवाद या बड़े बदलाव आ सकते हैं। रिसर्च के माध्यम से धन लाभ।
3रा भाव (भ्रातृ) कन्या लग्न संवाद में गहराई (Depth) होती है। आलोचनात्मक शैली में बात करते हैं। भाई-बहनों के साथ संबंध सामान्य रहते हैं। साहसी होते हैं और खोजी लेखन में रुचि रखते हैं।
4था भाव (मातृ) सिंह लग्न घर के वातावरण में शांति की कमी महसूस हो सकती है। माता कठोर या रहस्यमयी स्वभाव की हो सकती हैं। घर की बातों को गुप्त रखते हैं और पुरानी इमारतों में रुचि रहती है।
5वाँ भाव (पुत्र) कर्क लग्न प्रेम संबंधों में बहुत अधिक पजेसिव (Possessive) होते हैं। संतान को लेकर चिंता रहती है या संतान जिद्दी हो सकती है। तंत्र-मंत्र या गुप्त विद्याओं में रुचि रहती है।
6ठा भाव (शత్రు) मिथुन लग्न शत्रु शक्तिशाली होते हैं, लेकिन जातक उन्हें परास्त करने की क्षमता रखता है। जननांग या उत्सर्जन अंगों से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। प्रतिस्पर्धा की भावना प्रबल होती।
7वाँ भाव (कलत्र) वृषभ लग्न जीवनसाथी बहुत भावुक और गहन (Intense) स्वभाव का होता है। दांपत्य जीवन में कुछ रहस्य या संदेह हो सकते हैं। साथी के कारण जीवन में बड़े रूपांतरण (Transformation) आते हैं।
8वाँ भाव (आयु) मेष लग्न जीवन में अचानक होने वाली घटनाएं अधिक होती हैं। दुर्घटनाओं (अग्नि/शस्त्र) के प्रति सतर्क रहना चाहिए। विरासत या बीमा के माध्यम से धन लाभ के योग बनते हैं।
9वाँ भाव (भाग्य) मीन लग्न पिता का जीवन संघर्षपूर्ण या रहस्यों से भरा हो सकता है। धर्म को आंख मूंदकर नहीं मानते, बल्कि उनकी जड़ों को खोजते हैं। तीर्थयात्राओं में अनोखे अनुभव होते हैं।
10वाँ भाव (राज्य) कुंभ लग्न करियर में अचानक उतार-चढ़ाव (Ups and Downs) आते हैं। सर्जन, बीमा, माइनिंग, रिसर्च या जासूसी जैसे क्षेत्रों में सफल होते हैं। कार्यस्थल पर राजनीति का सामना करना पड़ सकता है।
11वाँ भाव (लाभ) मकर लग्न मित्र कम होते हैं लेकिन प्रभावशाली होते हैं। गुप्त माध्यमों से धन लाभ हो सकता है। इच्छाएं बहुत तीव्र होती हैं और जातक उन्हें पाने के लिए जी-जान लगा देता है।
12वाँ भाव (व्यయ) धनु लग्न अनिद्रा की समस्या हो सकती है (Overthinking के कारण)। विदेश या एकांत स्थानों में रहना पसंद करते हैं। गुप्त शत्रु हो सकते हैं। आध्यात्मिक और कामुक प्रवृत्तियां दोनों तीव्र होती हैं।

महत्वपूर्ण नोट

वृश्चिक राशि के परिणाम मंगल की स्थिति (Position of Mars) पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं। यदि मंगल प्रबल हो, तो शोध और कार्यक्षमता उत्तम रहती है। यदि मंगल दूषित हो, तो प्रतिशोध की भावना और बीमारियां परेशान कर सकती हैं।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।