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ज्योतिष पाठ - मकर राशि द्वादश भाव फल (Capricorn in 12 Houses)


मकर राशि एक पृथ्वी तत्व (Earth) और चर (Movable) राशि है। इसके स्वामी कर्मफलदाता शनि (Saturn) हैं। अतः मकर राशि जिस भाव में होती है, उस भाव से संबंधित विषयों में अनुशासन (Discipline), जिम्मेदारी, कठिन परिश्रम और विलंब (Delay) देखा जाता है। ये लोग भावनाओं के बजाय वास्तविकता (Reality) और उपयोगिता को अधिक महत्व देते हैं।

नीचे दी गई तालिका में मकर राशि के 1 से 12 भावों में होने पर मिलने वाले सामान्य परिणामों को देखें:

भाव (House) लग्न (Ascendant) मकर राशि का प्रभाव (Results of Capricorn)
1ला भाव (लग्न) मकर लग्न जातक बहुत महत्वाकांक्षी होता है। जीवन में कम उम्र में ही जिम्मेदारियां आ जाती हैं। शरीर छरहरा और चेहरा गंभीर होता है। बहुत संघर्ष के बाद सफलता पाते हैं और अत्यंत धैर्यवान होते हैं।
2रा भाव (धन) धनु लग्न धन का खर्च बहुत सोच-समझकर और बचत के साथ करते हैं। पारिवारिक संपत्ति की रक्षा करते हैं। वाणी थोड़ी कठोर या गंभीर हो सकती है। खान-पान में नियमों का पालन करते हैं।
3रा भाव (भ्रातृ) वृश्चिक लग्न भाई-बहनों के साथ संबंध जिम्मेदारी भरे होते हैं, लेकिन अधिक आत्मीयता की कमी हो सकती है। संवाद बहुत व्यावहारिक और नपा-तुला होता है। कार्यवश छोटी यात्राएं अधिक होती हैं।
4था भाव (मातृ) तुला लग्न घर पुराना या बहुत व्यवस्थित (Organized) होता है। माता बहुत अनुशासित और सख्त हो सकती हैं। घर में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। भूमि-भवन से लाभ मिलता है।
5वाँ भाव (पुत्र) कन्या लग्न बच्चों की परवरिश को लेकर बहुत सख्त होते हैं। संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है या बच्चे बहुत परिपक्व (Mature) होते हैं। विचार बहुत तार्किक और उपयोगी होते हैं।
6ठा भाव (शत्रु) सिंह लग्न शत्रुओं पर अपने धैर्य से विजय प्राप्त करते हैं। जोड़ों के दर्द (Arthritis), चर्म रोग या हड्डियों की समस्या हो सकती है। ये लोग काम के प्रति जुनूनी (Workaholic) होते हैं।
7वाँ भाव (कलत्र) कर्क लग्न जीवनसाथी जातक से उम्र में बड़ा या बहुत परिपक्व स्वभाव का होता है। दांपत्य में रोमांस से अधिक जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है। विवाह में देरी संभव है और साथी अपने काम को प्राथमिकता देता है।
8वाँ भाव (आयु) मिथुन लग्न पुरानी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। जीवन में बड़े बदलाव बहुत धीमी गति से आते हैं। बीमा या टैक्स के मामलों में देरी का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना आवश्यक है।
9वाँ भाव (भाग्य) वृषभ लग्न पिता परंपरावादी और बहुत परिश्रमी होते हैं। उच्च शिक्षा में अक्सर व्यावहारिक विषय (इंजीनियरिंग, कृषि) चुनते हैं। धार्मिक विश्वास बहुत गहरे और अडिग होते हैं।
10वाँ भाव (राज्य) मेष लग्न (उच्च राशि प्रभाव) करियर में शिखर तक पहुँचते हैं। सरकार, प्रशासन या बड़े संगठनों में उच्च पद प्राप्त करते हैं। काम को ही ईश्वर मानते हैं, लेकिन काम का भारी दबाव रहता है।
11वाँ भाव (लाभ) मीन लग्न मित्र उम्र में बड़े या बहुत अनुभवी होते हैं। यहाँ शार्ट-कट काम नहीं आते, कठिन परिश्रम से ही लाभ मिलता है। आय के स्रोत स्थायी होते हैं और बड़ों की सलाह से लाभ होता है।
12वाँ भाव (व्यय) कुंभ लग्न खर्चों पर नियंत्रण रहता है। अकेले काम करना या पर्दे के पीछे (Behind the scenes) काम करना पसंद करते हैं। विदेश में कठिन परिश्रम वाले कार्यों में सफलता। नींद की कमी हो सकती है।

महत्वपूर्ण नोट

मकर राशि के परिणाम शनि (Saturn) की स्थिति पर निर्भर करते हैं। यदि शनि प्रबल हो (स्वराशि/उच्च), तो व्यक्ति धैर्य से सफलता प्राप्त करता है। यदि शनि कमजोर हो, तो जीवन के हर कार्य में देरी और निराशा का सामना करना पड़ सकता है।




नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।