OnlineJyotish.com

ज्योतिष पाठ - जन्म नाम की विशेषता और चयन

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जन्म के समय मौजूद नक्षत्र और उसका चरण व्यक्ति के व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालते हैं। हमारे ऋषियों ने प्रत्येक नक्षत्र चरण के लिए एक विशिष्ट ध्वनि या अक्षर निर्धारित किया है। इसी अक्षर से शुरू होने वाले नाम को जन्म नाम कहते हैं। यह केवल पुकारने का नाम नहीं है, बल्कि व्यक्ति की नक्षत्र ऊर्जा को प्रतिबिंबित करने वाली एक तरंग (Vibration) है।

जन्म नाम क्यों महत्वपूर्ण है?

प्राचीन काल में इस पद्धति का विकास इसलिए किया गया था ताकि व्यक्ति अपने नाम के माध्यम से अपनी राशि और नक्षत्र को याद रख सके। जन्म नाम के अक्षरों का रहस्य लघु ब्रह्मयामिळम् जैसे प्राचीन ग्रंथों में विस्तार से वर्णित है।

नक्षत्र चरणों के अनुसार नामाक्षर तालिका

अपने नक्षत्र और चरण के आधार पर सही अक्षर इस तालिका से चुनें:

नक्षत्र चरण 1 चरण 2 चरण 3 चरण 4
अश्विनीचुचेचोला
भरणीलीलूलेलो
कृत्तिकाआईऊए
रोहिणीओवावीवु
मृगशिरावेवोकाकी
आर्द्राकुघङछ
पुनर्वसुकेकोहाही
पुष्यहुहेहोडा
अश्लेषाडीडूडेडो
मघामामीमूमे
पूर्वाफाल्गुनीमोटाटीटू
उत्तराफाल्गुनीटेटोपापी
हस्तपूषणठ
चित्रापेपोरारी
स्वातीरूरेरोता
विशाखातीतूतेतो
अनुराधानानीनूने
ज्येष्ठानोयायीयू
मूलयेयोभाभी
पूर्वाषाढ़ाभूधाफाढा
उत्तराषाढ़ाभेभोजाजी
श्रवणखीखूखेखो
धनिष्ठागागीगूगे
शतभिषागोसासीसू
पूर्वाभाद्रपदसेसोदादी
उत्तराभाद्रपददूथझञ
रेवतीदेदोचाची

नोट: नामकरण करते समय केवल नक्षत्र अक्षर ही नहीं, बल्कि 'नाम बल' और ग्रहों की शुभता का विचार करना भी अत्यंत श्रेष्ठ होता है।

OnlineJyotish · PDF

विस्तृत जन्मकुंडली

अपनी जन्मकुंडली को गहराई से समझें। करियर, संबंधों, ग्रह दशाओं और पारंपरिक उपायों का विश्लेषण—आपके जन्म विवरण पर आधारित एक विस्तृत PDF में। यह स्वचालित रिपोर्ट है, व्यक्तिगत परामर्श नहीं।

जन्मकुंडली का नमूना और मूल्य देखें
नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।