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ज्योतिष पाठ - ज्योतिष शब्दावली (Astrology Terminology)


ज्योतिष सीखने वाले विद्यार्थियों के लिए केवल राशि चक्र को देख लेना पर्याप्त नहीं है; उन्हें फलादेश में उपयोग होने वाले पारिभाषिक शब्दों (Terminologies) की पूरी समझ होनी चाहिए। जब हम किसी कुंडली का विश्लेषण करते हैं, तो राशि के स्वभाव, उसके उदय होने के प्रकार और उसके वर्ण के आधार पर ही परिणामों की तीव्रता तय होती है। इन शब्दों को याद रखने से विश्लेषण सटीक और तेज हो जाता है।

1. ह्रस्व, सम और दीर्घ राशियाँ

राशियों के आकार (परिमाण) के आधार पर उन्हें तीन भागों में बांटा गया है। यह विशेष रूप से मुहूर्त और प्रश्न कुंडली में उपयोगी होता है।

वर्गराशियाँ
ह्रस्व राशियाँ (Short)मेष, वृषभ, कुंभ
सम राशियाँ (Medium)मकर, मिथुन, कर्क, धनु, मीन
दीर्घ राशियाँ (Long)सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक

2. शीर्षादय और पृष्ठोदय राशियाँ

आकाश में राशियों के उदय होने की दिशा के आधार पर यह वर्गीकरण किया गया है। यह कार्य सिद्धि की सफलता को दर्शाता है।

  • शीर्षादय राशियाँ: मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और कुंभ।
  • पृष्ठोदय राशियाँ: मेष, वृषभ, कर्क, धनु और मकर।
  • उभयोदय राशि: मीन राशि (यह दोनों तरह से उदय होती है)।

3. धातु, मूल और जीव स्वभाव

राशियों का आंतरिक स्वभाव:
  • धातु प्रधान: मेष, कर्क, तुला, मकर (चर राशियाँ)।
  • मूल प्रधान: वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ (स्थिर राशियाँ)।
  • जीव प्रधान: मिथुन, कन्या, धनु, मीन (द्विस्वभाव राशियाँ)।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।