इस समय विधि में नक्षत्र की अवधि को चार बराबर भागों में बाँटना एक अनुमान है। पद 3°20′ का समान कोणीय भाग है; चंद्रमा की गति पूरी तरह स्थिर नहीं रहती। सीमा के पास जन्म हो तो चुनी हुई अयनांश पद्धति और ग्रह-सारणी से चंद्रमा का देशांतर जाँचें। उदाहरण के समय अभ्यास के लिए माने गए हैं।
पिछले पाठ में हमने सीखा कि राशि और नक्षत्र की पहचान कैसे करें। ज्योतिष शास्त्र में केवल नक्षत्र जानना ही काफी नहीं है, यह जानना भी अनिवार्य है कि आप उस नक्षत्र के किस चरण (पद) में पैदा हुए हैं। प्रत्येक नक्षत्र के चार चरण होते हैं और हर चरण का फल तथा नामाक्षर अलग होता है।
याद रखें: आकाश मंडल के 27 नक्षत्र कुल 108 चरणों में विभाजित हैं (27 × 4 = 108)। प्रत्येक राशि में 9 नक्षत्र चरण होते हैं।
नक्षत्र चरण की गणना का सूत्र
नक्षत्र पद की गणना के लिए हमें नक्षत्र की कुल अवधि (जिसे 'रुक्षाद्यंत' कहते हैं) जाननी होती है। इसके लिए निम्न सूत्र देखें:
नक्षत्र की कुल अवधि = नक्षत्र समाप्ति समय - नक्षत्र प्रारंभ समय
एक चरण की अवधि = नक्षत्र की कुल अवधि ÷ 4
उदाहरण के साथ समझें
मान लीजिए किसी का जन्म 05-04-2026 को सुबह 10:00 बजे हुआ है।
विवरण
समय
हस्त नक्षत्र प्रारंभ (पिछले दिन)
रात्रि 08:04
हस्त नक्षत्र अंत (जन्म का दिन)
शाम 06:39
नक्षत्र की कुल अवधि
22 घंटे 35 मिनट
गणितीय प्रक्रिया:
कुल समय मिनटों में: (22 × 60) + 35 = 1355 मिनट।
एक चरण की अवधि: 1355 ÷ 4 = 338.75 मिनट (लगभग 5 घंटे 39 मिनट)।
प्रारंभ से जन्म समय तक बीता समय: 13 घंटे 56 मिनट।
इसे चरण अवधि से भाग देने पर: दो चरण पूरे हो चुके हैं और तीसरा चरण चल रहा है।
अतः जातक का जन्म हस्त नक्षत्र के तीसरे चरण में हुआ है।
महत्वपूर्ण सुझाव:
नक्षत्र चरण की गणना में थोड़ी सी चूक से जन्म नाम बदल सकता है। इसलिए गणना के लिए हमेशा दृग्गणित पंचांग का ही उपयोग करें।
अपनी जन्मकुंडली को गहराई से समझें। करियर, संबंधों, ग्रह दशाओं और पारंपरिक उपायों का विश्लेषण—आपके जन्म विवरण पर आधारित एक विस्तृत PDF में। यह स्वचालित रिपोर्ट है, व्यक्तिगत परामर्श नहीं।
नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।