OnlineJyotish.com

ज्योतिष पाठ - हस्त नक्षत्र (The Golden Handed Star)

राशि चक्र में हस्त 13वां नक्षत्र है (10°00' - 23°20' कन्या राशि)। यह पूरी तरह से कन्या राशि के भीतर आता है। इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं। इसका प्रतीक "हथेली" या "बंद मुट्ठी" (Hand/Fist) है। इसके अधिदेवता सविता (Savitur) हैं - जो उगते हुए सूर्य का स्वरूप हैं (प्रसिद्ध गायत्री मंत्र इन्हीं को समर्पित है)। "हस्त" का शाब्दिक अर्थ 'हाथ' होता है, जो क्रियाशक्ति और कौशल को दर्शाता है।

मुख्य विशेषताएँ (Key Characteristics)

  • हस्त लाघव (Dexterity): इन जातकों के हाथों में गजब का जादू और कौशल होता है। ये हस्तशिल्प, चित्रकारी, सर्जरी, जादूगरी या किसी भी सूक्ष्म कार्य (Fine arts) में निपुण होते हैं। इनका "हाथ" जिस काम में लगता है, वह सफल होता है।
  • हास्य-विनोद (Humor): ये स्वभाव से बहुत हँसमुख और मिलनसार होते हैं। कठिन से कठिन परिस्थिति को अपनी हाजिरजवाबी से हल्का कर देते हैं। कई प्रसिद्ध मिमिक्री कलाकार और कॉमेडियन इसी नक्षत्र में जन्मे होते हैं।
  • समय की पाबंदी (Punctuality): सविता देव (सूर्य) के प्रभाव के कारण, ये जातक अनुशासन और समय के बहुत पक्के होते हैं। ये हर काम योजनाबद्ध तरीके से करना पसंद करते हैं।

नक्षत्र चरणों का फल (Results by Padas)

चरण नवांश राशि विशेषता
प्रथम चरण मेष (मंगल) अत्यधिक ऊर्जावान, शल्य चिकित्सक (Surgeons) या मैकेनिक्स। इनके हाथों में शक्ति और साहस होता है।
द्वितीय चरण वृषभ (शुक्र) कलात्मक रुचि, पेंटिंग, और सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics)। ये जातक अपने हाथों से सुंदरता का सृजन करते हैं।
तृतीय चरण मिथुन (बुध) लेखन, पत्रकारिता और व्यापार। इनकी बुद्धि बहुत तेज होती है और ये चतुर व्यवसायी बनते हैं।
चतुर्थ चरण कर्क (चंद्रमा) सेवा भाव, चिकित्सा (Healing) और परिवार के प्रति प्रेम। ये जातक बहुत भावुक और संवेदनशील होते हैं।

हस्त में ग्रहों का प्रभाव

  • चंद्रमा (Moon): यह चंद्रमा का अपना नक्षत्र है। जातक का मन बहुत सक्रिय और जागरूक होता है। ये लोग कभी खाली बैठना पसंद नहीं करते।
  • बुध (Mercury): कन्या राशि में बुध यहाँ उच्च (Exalted) फल देता है। व्यापारिक निपुणता, शेयर बाजार, ट्रेडिंग और ज्योतिष के लिए यह एक सर्वोत्तम स्थिति है।
  • मंगल (Mars): जातक उन व्यवसायों में सफल होता है जहाँ औजारों या शस्त्रों का प्रयोग हो (जैसे- सर्जन, मैकेनिक या कलाकार)।

जो लोग अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए OnlineJyotish.com Exclusive और Premium जन्मकुंडली प्रदान करता है। 400 से अधिक पृष्ठों वाली इस विस्तृत जन्मकुंडली में प्रत्येक भाव का विश्लेषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, संतान, नौकरी एवं करियर, भाग्य और जीवन के उद्देश्य से संबंधित विशेष विश्लेषण, योग, दोष एवं उनके उपायों का संपूर्ण विवरण, षड्वर्ग फल, ग्रह अवस्थाओं के फल, अष्टकवर्ग विश्लेषण एवं फल, विंशोपक बल और उनके परिणाम, 100 वर्षों के दशा, अंतर्दशा एवं प्रत्यंतरदशा फल, 100 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के गोचर की तिथियाँ तथा अगले 10 वर्षों के गुरु, शनि, राहु और केतु के विस्तृत गोचर फल सहित अनेक विशेष जानकारियाँ सम्मिलित हैं। यह 400 से अधिक पृष्ठों वाली एक विस्तृत बृहत् जन्मकुंडली है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके कुछ ही क्षणों में अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें।

अपनी संपूर्ण जन्मकुंडली प्राप्त करें
नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।