उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (Uttara Phalguni)
राशि चक्र में उत्तरा फाल्गुनी 12वां नक्षत्र है। इसका विस्तार सिंह राशि के 26°40' से कन्या राशि के 10°00' तक है (प्रथम चरण सिंह में और शेष 3 चरण कन्या में)। इसके स्वामी सूर्य हैं। इसका प्रतीक "पलंग के पिछले दो पैर" है। इसके अधिदेवता आर्यमन (Aryaman) हैं - जो मित्रता, आतिथ्य और विवाह अनुबंधों के देवता माने जाते हैं।
मुख्य विशेषताएँ (Key Characteristics)
- मित्रता और निष्ठा (Friendship): इस नक्षत्र के जातक मित्रता निभाने के लिए प्राण दे सकते हैं। दूसरों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहना (Helpful nature) इनका विशेष गुण है। ये अत्यंत विश्वसनीय मित्र होते हैं।
- कार्यशीलता और उत्तरदायित्व (Responsibility): जहाँ पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र विश्राम का प्रतीक है, वहीं उत्तरा फाल्गुनी उस विश्राम के बाद कार्य (Work) की शुरुआत को दर्शाता है। ये जातक बहुत परिश्रमी (Hardworking) और अनुशासित होते हैं।
- दार्शनिक और परोपकारी (Charity): आर्यमन देव दान और संरक्षण के प्रतीक हैं। इसी कारण इन जातकों में समाज सेवा और दान-धर्म करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है।
नक्षत्र चरणों का फल (Results by Padas)
| चरण | राशि और नवांश | विशेषता |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | सिंह (धनु नवांश) | धर्म, न्याय, शिक्षण और उत्तम सलाहकार। जातक एक सम्मानित जीवन जीता है। |
| द्वितीय चरण | कन्या (मकर नवांश) | संगठनात्मक कौशल (Organization skills) और सरकारी सेवा। जातक बहुत व्यावहारिक और अनुशासित होता है। |
| तृतीय चरण | कन्या (कुंभ नवांश) | सेवा भाव, सामाजिक कार्य और जनसंपर्क (PR) में निपुणता। समाज के प्रति समर्पित। |
| चतुर्थ चरण | कन्या (मीन नवांश) | विश्लेषणात्मक बुद्धि, गणित और तर्क। हालांकि, कभी-कभी मानसिक द्वंद्व या भ्रम (Confusion) की स्थिति संभव है। |
उत्तरा फाल्गुनी में ग्रहों का प्रभाव
- सूर्य (Sun): अपने ही नक्षत्र में सूर्य जातक को महान दानी और उच्च सरकारी अधिकारी बनाता है। पिता की प्रतिष्ठा समाज में बहुत ऊँची होती है।
- चंद्रमा (Moon): मन स्थिर और व्यावहारिक होता है। जातक जमीन से जुड़ा रहता है और मित्रों के माध्यम से उसे विशेष लाभ प्राप्त होते हैं।
- बुध (Mercury): कन्या राशि में बुध यहाँ उच्च (Exalted) परिणाम देता है। अद्भुत बौद्धिक क्षमता, विश्लेषणात्मक कौशल और व्यापार में बड़ी सफलता।