नक्षत्र - परिचय (Nakshatras Introduction)
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, आकाश (360 डिग्री) को 12 राशियों में विभाजित किया गया है। लेकिन यदि और गहराई में जाएं, तो उसी आकाश को 27 सूक्ष्म भागों में बांटा गया है। इनमें से प्रत्येक भाग को
"नक्षत्र" कहते हैं। राशियाँ "शरीर" हैं, तो नक्षत्र "मन" हैं।
गणित: 360 डिग्री / 27 नक्षत्र =
13 डिग्री 20 मिनट (13°20')। अर्थात एक नक्षत्र की लंबाई 13°20' होती है। चंद्रमा एक दिन में लगभग एक नक्षत्र पार कर लेता है।
27 नक्षत्र और उनके स्वामी (Nakshatras & Lords)
विंशोत्तरी दशा पद्धति के अनुसार प्रत्येक नक्षत्र का एक ग्रह स्वामी होता है। यह क्रम शाश्वत है और कभी नहीं बदलता।
| स्वामी ग्रह (Planet/Lord) | नक्षत्र (Stars) |
|---|---|
| केतु (Ketu) | अश्विनी (1), मघा (10), मूल (19) |
| शुक्र (Venus) | भरणी (2), पूर्वा फाल्गुनी (11), पूर्वाषाढ़ा (20) |
| सूर्य (Sun) | कृत्तिका (3), उत्तरा फाल्गुनी (12), उत्तराषाढ़ा (21) |
| चंद्रमा (Moon) | रोहिणी (4), हस्त (13), श्रवण (22) |
| मंगल (Mars) | मृगशिरा (5), चित्रा (14), धनिष्ठा (23) |
| राहु (Rahu) | आर्द्रा (6), स्वाति (15), शतभिषा (24) |
| गुरु (Jupiter) | पुनर्वसु (7), विशाखा (16), पूर्वा भाद्रपद (25) |
| शनि (Saturn) | पुष्य (8), अनुराधा (17), उत्तरा भाद्रपद (26) |
| बुध (Mercury) | आश्लेषा (9), ज्येष्ठा (18), रेवती (27) |