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ज्योतिष पाठ - ग्रह और रोग (Medical Astrology)


पिछले पाठ में हमने राशियों के द्वारा शरीर के अंगों के बारे में जाना था। अब हम ग्रहों के द्वारा होने वाले रोगों के बारे में जानेंगे। कुंडली में यदि कोई ग्रह 6, 8, या 12वें भाव में हो, नीच राशि में हो, या पाप ग्रहों के बीच (पाप कर्तरी) फंसा हो, तो उस ग्रह के कारकत्व से संबंधित रोग शरीर में उत्पन्न होते हैं।

ग्रह (Planet) कारक रोग (Diseases Caused)
सूर्य (Sun) हृदय रोग (Heart Disease), नेत्र विकार (Eye sight), हड्डियों की कमजोरी, तेज बुखार, सिरदर्द, और विटामिन डी की कमी।
चंद्रमा (Moon) मानसिक रोग (Depression/Anxiety), फेफड़ों की समस्याएं (Asthma/Cough), रक्ताल्पता (Anemia), अनिद्रा, और महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याएं।
मंगल (Mars) उच्च रक्तचाप (BP), दुर्घटनाएं (Accidents), चोट, ऑपरेशन, जलना, बवासीर (Piles), और रक्त विकार (Blood clotting issues)।
बुध (Mercury) त्वचा रोग (Skin allergies), नसों की कमजोरी (Nervous system), वाणी दोष (हकलाना), बहरापन, और याददाश्त की कमी।
गुरु (Jupiter) मधुमेह (Diabetes), लिवर की समस्याएं (Jaundice), मोटापा (Obesity), कोलेस्ट्रॉल, और कैंसर (कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि)।
शुक्र (Venus) किडनी की समस्याएं, गुप्त रोग (Reproductive issues), हार्मोनल असंतुलन, और मोतियाबिंद (Cataract)।
शनि (Saturn) दीर्घकालिक रोग (Chronic Diseases), जोड़ों का दर्द/गठिया (Arthritis), लकवा (Paralysis), दांतों की समस्याएं, और गैस/वात विकार।
राहु/केतु निदान न होने वाले रोग (Undiagnosed Diseases), वायरल बुखार, फूड पॉइजनिंग, कैंसर, और फोबिया (Phobias/अज्ञात भय)।



नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।