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आज का अशुभ समय (राहुकाल और यमगंड)

आज का अशुभ समय (राहुकाल और यमगंड)

हर दिन छाया ग्रहों राहु और केतु द्वारा शासित विशिष्ट समय होते हैं, जिन्हें नई शुरुआत के लिए अत्यधिक प्रतिकूल माना जाता है। अपने दिन की सुरक्षित योजना बनाने के लिए अपने स्थानीय सूर्योदय के आधार पर राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल का सटीक समय खोजें।

त्वरित सारांश: 3 दैनिक काल

  • राहुकाल: दिन का सबसे अशुभ समय। भ्रम, देरी और असफलता का कारण बनता है। कुछ भी नया शुरू न करें।
  • यमगंड: 'मृत्यु का समय'। इस दौरान शुरू किए गए कार्य विफल होते हैं।
  • गुलिक काल: 'दोहराव' का समय। घर खरीदने के लिए अच्छा है (यह दोहराता है), लेकिन ऋण लेने या अंतिम संस्कार के लिए बुरा है।

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राहुकाल और यमगंड के नियम

राहुकाल के नियम:

  • यात्रा: कभी भी नई यात्रा शुरू न करें। यदि यात्रा करना आवश्यक है, तो राहुकाल शुरू होने से पहले घर से निकलें।
  • व्यापार: अनुबंधों पर हस्ताक्षर न करें, बड़ी खरीदारी न करें, या नए उद्यम शुरू न करें।
  • शुभ कार्य: विवाह, गृह प्रवेश या पूजा से सख्ती से बचें।

यमगंड के नियम:

  • विफलता: यहां शुरू की गई गतिविधियां विफल हो जाती हैं या बीच में ही रुक जाती हैं।
  • चिकित्सा: उपचार के समय के लिए डॉक्टर की सलाह मानें। यमगंड के कारण जरूरी या आपातकालीन चिकित्सा में देरी न करें।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

Frequently Asked Questions

राहुकाल हर दिन लगभग 1.5 घंटे की अशुभ अवधि है, जो छाया ग्रह राहु द्वारा शासित होती है। शुभ कार्यों के लिए इससे सख्ती से बचा जाता है।

हाँ, नियमित काम जारी रह सकते हैं। आपको केवल इस अवधि के दौरान *नए* या अत्यधिक महत्वपूर्ण कार्यों को शुरू करने से बचने की आवश्यकता है।

नहीं। गुलिक की प्रकृति 'दोहराव' है। इसलिए, अच्छी चीजें शुरू करना (जैसे सोना खरीदना) ठीक है, लेकिन कर्ज लेना टालना चाहिए।
Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।