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चंद्र ग्रहण 2026: तिथियां और प्रभाव

चंद्र ग्रहण 2026: तिथियां और प्रभाव

खगोलीय घटना के साक्षी बनें। Columbus के लिए चंद्र ग्रहण की सटीक दृश्यता, स्पर्श समय और सूतक की अवधि ज्ञात करें।

त्वरित सारांश (मुख्य बातें)

  • सिद्धांत: यह तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के ठीक बीच से गुजरती है।
  • सूतक नियम: आमतौर पर ग्रहण (स्पर्श) से 9 घंटे (3 प्रहर) पहले शुरू होता है।
  • अपवाद: शास्त्रों के अनुसार मांद्य चंद्र ग्रहण (Penumbral) के लिए सूतक नियम लागू नहीं होते हैं।
  • क्या करें और क्या न करें: खाने, पकाने और सोने से बचें। शिव मंत्रों का जाप करें।

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वैदिक शब्दावली: ग्रहण के शब्दों को समझना

समय को सही ढंग से समझने के लिए, पंचांग में प्रयुक्त इन संस्कृत शब्दों को समझें।

शब्द अर्थ
स्पर्श पहला संपर्क। वह क्षण जब ग्रहण शुरू होता है।
मध्य अधिकतम ग्रहण।
मोक्ष मुक्ति। वह क्षण जब ग्रहण समाप्त होता है।
सूतक अशुद्धता की अवधि। चंद्र ग्रहण के लिए स्पर्श से 9 घंटे पहले शुरू होता है।
मांद्य ग्रहण जब चंद्रमा पृथ्वी की बाहरी छाया से गुजरता है। इसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए नहीं माना जाता है।

आपकी राशि पर ज्योतिषीय प्रभाव

चंद्र ग्रहण मन (मानस) और माता को गहराई से प्रभावित करता है।

  • पहला भाव (स्वयं): मानसिक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं। उपाय: शिव पंचाक्षरी का जाप करें।
  • दूसरा भाव (धन): आर्थिक नुकसान। उपाय: चावल या दूध का दान करें।
  • तीसरा भाव (भाई-बहन): सफलता, साहस। (अच्छा)
  • चौथा भाव (सुख): माता को स्वास्थ्य समस्याएं, घरेलू अशांति।

  • पांचवां भाव (संतान): बच्चों की चिंता, मानसिक भ्रम।
  • छठा भाव (शत्रु): ऋण और रोगों पर विजय। (अच्छा)
  • सातवां भाव (जीवनसाथी): वैवाहिक कलह।
  • आठवां भाव (आयु): अनावश्यक डर, दुर्घटनाएं। (बहुत बुरा)

  • नौवां भाव (भाग्य): दुर्भाग्य, यात्रा में देरी।
  • दसवां भाव (करियर): नौकरी में तनाव।
  • ग्यारहवां भाव (लाभ): अप्रत्याशित मुनाफा। (अच्छा)
  • बारहवां भाव (हानि): अधिक खर्च, नींद की बीमारी।

Frequently Asked Questions

सूतक चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होने वाली एक अशुभ अवधि है।

नहीं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यदि ग्रहण नंगी आंखों को दिखाई देता है तभी सूतक लागू होता है।

डेटा सटीकता: गणना स्विस एफेमेरिस पर आधारित है, जिसे श्री संतोष कुमार शर्मा द्वारा सत्यापित किया गया है।

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।