प्रदोष व्रत प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के अवसर पर दो बार आता है। व्रत की तिथि स्थानीय सूर्यास्त के समय त्रयोदशी की स्थिति देखकर चुनी जाती है। सूर्यास्त स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए नीचे अपना वास्तविक शहर चुनें।
कैलेंडर उपयोग करने से पहले
- सही स्थान चुनें: एक ही तारीख पर दो शहरों में सूर्यास्त अलग हो सकता है, इसलिए पूजा का समय भी बदल सकता है।
- तिथि का समय देखें: यदि त्रयोदशी दो संध्याओं को छूती है, तो इस सेवा में लागू पारंपरिक नियम के अनुसार मुख्य व्रत दिवस चुना जाता है।
- अपनी परंपरा का सम्मान करें: मंदिर, परिवार या क्षेत्रीय पंचांग की परंपरा अलग हो तो अपनी प्रचलित परंपरा का पालन करें।
वर्ष और स्थान चुनें
वार्षिक प्रदोष तिथियाँ 2036 (Mississauga)
जनवरी, 2036
फ़रवरी, 2036
मार्च, 2036
अप्रैल, 2036
मई, 2036
जून, 2036
जुलाई, 2036
अगस्त, 2036
सितंबर, 2036
अक्टूबर, 2036
नवंबर, 2036
दिसंबर, 2036
प्रदोष विवरण कैसे पढ़ें
- प्रदोष समय
- इस कैलेंडर में स्थानीय सूर्यास्त से छह घड़ी तक दिखाया गया व्यापक संध्या-अनुष्ठान काल।
- पूजा समय
- प्रदोष के भीतर मुख्य शिव पूजा के लिए स्थानीय सूर्यास्त से पहली तीन घड़ी का समय।
- त्रयोदशी तिथि
- चंद्र मास की तेरहवीं तिथि। संबंधित संध्या काल में इसकी उपस्थिति प्रदोष तिथि चुनने का मुख्य आधार है।
- वार के अनुसार नाम
- सोम, भौम या शनि प्रदोष जैसे नाम वार को बताते हैं; वे किसी व्यक्तिगत परिणाम की गारंटी नहीं देते।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
प्रदोष व्रत की तिथि कैसे चुनी जाती है?
स्थानीय सूर्यास्त और त्रयोदशी तिथि के संबंध की गणना की जाती है। यदि तिथि दो संध्याओं को छूती है तो इस सेवा में लागू पारंपरिक निर्णय नियम का उपयोग होता है।
मेरे मंदिर में दूसरी तारीख क्यों बताई गई है?
मंदिर अलग स्थान-निर्देशांक, पंचांग विधि या स्थानीय धार्मिक परंपरा का उपयोग कर सकता है। अलग तारीख का अर्थ यह नहीं कि कोई एक कैलेंडर अवश्य गलत है।
शनि प्रदोष का क्या महत्व है?
शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष शनि प्रदोष कहलाता है। कई भक्त इसे विशेष आध्यात्मिक महत्व देते हैं, पर इसे स्वास्थ्य, कर्ज या जन्मपत्री संबंधी समस्याओं के निश्चित उपचार के रूप में नहीं देखना चाहिए।
क्या सही शहर चुनना जरूरी है?
हाँ। गांव उपलब्ध न हो तो उसी समय क्षेत्र में निकटतम शहर चुनें, क्योंकि गणना सूर्यास्त पर निर्भर करती है।
इन गणनाओं के बारे में
तिथियां और स्थानीय समय खगोलीय गणना तथा इस सेवा में लागू प्रदोष-निर्णय नियमों से तैयार होते हैं। क्षेत्र, मंदिर और कुल परंपरा के अनुसार आचार में अंतर हो सकता है।