सूर्य के एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करने पर नई कार्तें आरंभ होती है। पारंपरिक पंचांगों में इन्हें ऋतु, वर्षा और कृषि संकेतों से जोड़ा जाता है। नीचे दिए समय खगोलीय गणना हैं; वाहन और वर्षा संबंधी अर्थ पारंपरिक संकेत हैं, मौसम विभाग की भविष्यवाणी नहीं।
इस कैलेंडर का उपयोग कैसे करें
- प्रवेश समय देखें: तालिका बताती है कि सूर्य कब अगले नक्षत्र में प्रवेश करता है.
- वाहन को प्रतीकात्मक मानें: वाहन का अर्थ पंचांग परंपरा का भाग है, वैज्ञानिक मौसम पूर्वानुमान नहीं.
- स्थान का सीमित प्रभाव: प्रवेश का क्षण विश्वभर में एक होता है; स्थानीय तारीख और घड़ी का समय समय क्षेत्र से बदलता है.
वर्ष और स्थान चुनें
कार्ते प्रवेश तिथि, समय
Bengaluru — 2030
| कार्ते नाम | तिथि और समय | क्या यह विष्णु करण है? |
|---|---|---|
| उत्तराषाढ़ा |
11 जनवरी 2030
सुबह 09:03
|
— |
| श्रवण |
24 जनवरी 2030
सुबह 11:26
|
हाँ |
| धनिष्ठा |
06 फरवरी 2030
दोपहर 02:32
|
— |
| शतभिषा |
19 फरवरी 2030
शाम 07:06
|
— |
| पूर्वभाद्रपद |
05 मार्च 2030
भोर 01:24
|
— |
| उत्तरभाद्रपद |
18 मार्च 2030
सुबह 09:50
|
— |
| रेवती |
31 मार्च 2030
रात 08:41
|
हाँ |
| अश्विनी |
14 अप्रैल 2030
सुबह 09:57
|
— |
| भरणी |
28 अप्रैल 2030
भोर 01:50
|
— |
| कृत्तिका |
11 मई 2030
शाम 07:54
|
— |
| रोहिणी |
25 मई 2030
शाम 04:10
|
— |
| मृगशिरा |
08 जून 2030
दोपहर 01:56
|
— |
| आर्द्रा |
22 जून 2030
दोपहर 01:01
|
— |
| पुनर्वसु |
06 जुलाई 2030
दोपहर 12:30
|
हाँ |
| पुष्य |
20 जुलाई 2030
दोपहर 12:07
|
हाँ |
| आश्लेषा |
03 अगस्त 2030
सुबह 10:56
|
— |
| मघा |
17 अगस्त 2030
सुबह 08:41
|
— |
| पूर्व फाल्गुनी |
31 अगस्त 2030
सुबह 04:37
|
— |
| उत्तर फाल्गुनी |
13 सितंबर 2030
रात 10:32
|
— |
| हस्त |
27 सितंबर 2030
दोपहर 02:02
|
— |
| चित्रा |
11 अक्टूबर 2030
भोर 03:03
|
— |
| स्वाति |
24 अक्टूबर 2030
दोपहर 01:36
|
हाँ |
| विशाखा |
06 नवंबर 2030
रात 09:42
|
हाँ |
| अनुराधा |
20 नवंबर 2030
भोर 03:49
|
— |
| ज्येष्ठा |
03 दिसंबर 2030
सुबह 08:02
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— |
| मूल |
16 दिसंबर 2030
सुबह 11:08
|
— |
| पूर्वाषाढ़ा |
29 दिसंबर 2030
दोपहर 01:17
|
— |
कार्तें कैलेंडर में प्रयुक्त शब्द
| कार्तें | वह अवधि जिसमें सूर्य एक नक्षत्र से होकर गुजरता है। पूर्ण चक्र में 27 सौर नक्षत्र अवधियां होती हैं. |
|---|---|
| वाहन | पारंपरिक पंचांग व्याख्या में दिया गया प्रतीकात्मक वाहन। यह सांस्कृतिक संकेत है, वैज्ञानिक वर्षा-माप नहीं. |
| प्रवेश समय | सूर्य के अगले नक्षत्र में प्रवेश का गणना किया गया क्षण। स्थानीय समय समय क्षेत्र से बदलता है. |
सामान्य प्रश्न
कार्तें का उपयोग किसलिए होता है?
इनका उपयोग सूर्य के 27 नक्षत्र मार्ग को विभाजित करने और पारंपरिक ऋतु तथा कृषि संकेतों पर चर्चा करने के लिए किया जाता है.
क्या वाहन से वर्षा की सटीक भविष्यवाणी होती है?
वाहन संबंधी अर्थ पारंपरिक मान्यताएं हैं। इन्हें मौसम विभाग के पूर्वानुमान के स्थान पर उपयोग नहीं करना चाहिए.
देश बदलने पर तारीख क्यों बदल सकती है?
खगोलीय प्रवेश एक ही क्षण पर होता है, लेकिन स्थानीय तारीख और समय समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं.
गणना के बारे में
प्रवेश समय सूर्य के खगोलीय देशांतर से निकाला जाता है। वाहन और वर्षा के अर्थ क्षेत्र तथा पंचांग स्रोत के अनुसार बदल सकते हैं.