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Leicester · 1955: हिंदू त्योहार और व्रत: तिथियाँ व स्थानीय समय

Leicester के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।

इस कैलेंडर का उपयोग कैसे करें?

  • स्थान सही चुनें: सूर्योदय और तिथि की सीमा शहर के अनुसार बदलती है, इसलिए अलग-अलग देशों में त्योहार की तारीख अलग हो सकती है।
  • तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
  • अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।

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सितंबर 1955 के हिन्दू त्योहार और व्रत

Leicester के लिए सितंबर 1955 के त्योहार और व्रत की तिथियां:

  • संकष्टी चतुर्थी — सोमवार, 5 सितंबर 1955.
  • कृत्तिका व्रत✓ — गुरुवार, 8 सितंबर 1955.
  • अगस्त्यार्घ्य✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 1955.
  • रोहिणी व्रत✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 1955.
  • सर्वेषां परमा एकादशी (भाद्रपद (अधिक) कृष्ण)✓ संपन्न — सोमवार, 12 सितंबर 1955.
  • मघा त्रयोदशी श्राद्ध (अधिक भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 13 सितंबर 1955.
  • भौम प्रदोषम् (अधिक भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 13 सितंबर 1955.
  • मासिक शिवरात्रि (अधिक भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 14 सितंबर 1955.
  • कृष्ण त्रयोदशी उपवास — बुधवार, 14 सितंबर 1955.
  • कन्या संक्रमण (10:47 PM) — शुक्रवार, 16 सितंबर 1955.
  • शैव मौन व्रत✓ — शुक्रवार, 16 सितंबर 1955.
  • महात्यम व्रत✓ — शुक्रवार, 16 सितंबर 1955.
  • कल्कि जयंती✓ — शनिवार, 17 सितंबर 1955.
  • भाद्रपद मासारंभ✓ — शनिवार, 17 सितंबर 1955.
  • तामस मन्वादि✓ — रविवार, 18 सितंबर 1955.
  • षोडशोमा व्रत✓ — रविवार, 18 सितंबर 1955.
  • सुवर्ण गौरी व्रत✓ — रविवार, 18 सितंबर 1955.
  • हरितालिका तीज (भाद्रपद मास)✓ — रविवार, 18 सितंबर 1955.
  • शिव चतुर्थी✓ — सोमवार, 19 सितंबर 1955.
  • गौरी पूजा✓ — सोमवार, 19 सितंबर 1955.
  • गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)गणेश चतुर्थी पूजा का समय: उपयुक्त पूजा समय उपलब्ध नहीं✓ — सोमवार, 19 सितंबर 1955. — यह बाधाओं को दूर करने वाले भगवान गणेश के जन्म के सम्मान में मनाया जाने वाला दस दिवसीय त्योहार है, जो गणेश की मूर्तियों की स्थापना के साथ शुरू होता है।
  • ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 20 सितंबर 1955.
  • ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 21 सितंबर 1955.
  • ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 21 सितंबर 1955.
  • बौद्ध जयंती✓ — बुधवार, 21 सितंबर 1955.
  • सूर्य षष्ठी✓ — गुरुवार, 22 सितंबर 1955.
  • स्कंद दर्शन✓ — गुरुवार, 22 सितंबर 1955.
  • अमुक्ताभरण सप्तमी✓ — गुरुवार, 22 सितंबर 1955.
  • चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास)✓ — गुरुवार, 22 सितंबर 1955.
  • ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 1955.
  • ज्येष्ठाष्टमी✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 1955.
  • पुत्री ज्येष्ठा व्रत✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 1955.
  • महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास)✓ — शनिवार, 24 सितंबर 1955.
  • ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ — शनिवार, 24 सितंबर 1955.
  • नंदा देवी पूजा✓ — शनिवार, 24 सितंबर 1955.
  • सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास)✓ — रविवार, 25 सितंबर 1955.
  • केदार व्रत✓ — रविवार, 25 सितंबर 1955.
  • क्षीर व्रतारंभ✓ — सोमवार, 26 सितंबर 1955.
  • श्रवण द्वादशी✓ — मंगलवार, 27 सितंबर 1955.
  • सर्वेषां परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)✓ संपन्न — मंगलवार, 27 सितंबर 1955.
  • परिवर्तन एकादशी✓ — मंगलवार, 27 सितंबर 1955.
  • कट दान✓ — मंगलवार, 27 सितंबर 1955.
  • गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 27 सितंबर 1955.
  • गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • शक्र द्वादशी✓ — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • शक्र ध्वजोत्थापन✓ — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • विष्णु परिवर्तन महोत्सव✓ — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • कल्कि द्वादशी✓ — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • शुक्ल त्रयोदशी उपवास — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • वामन जयंती (भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 28 सितंबर 1955.
  • श्रवण द्वादशी पारण✓ — गुरुवार, 29 सितंबर 1955.
  • गुरु प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ — गुरुवार, 29 सितंबर 1955.
  • कदली व्रत (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 1955.
  • अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 1955.
  • अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 1955.
  • गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 1955.
  • अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न)✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 1955.

हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन

शहर: Leicester (52.6369, -1.1398) | समय क्षेत्र: Europe/London

September 1955

05सितंबरसोमवारकृष्ण चतुर्थी (समाप्ति (6th) तड़के 3:53)
🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:51 PM✓ संपन्न
08सितंबरगुरुवारकृष्ण सप्तमी (समाप्ति रात 10:01)
🔔कृत्तिका व्रत✓ संपन्न
09सितंबरशुक्रवारकृष्ण अष्टमी (समाप्ति रात 7:56)
🔔अगस्त्यार्घ्य✓ संपन्न
🔔रोहिणी व्रत✓ संपन्न
12सितंबरसोमवारकृष्ण एकादशी (समाप्ति दोपहर 1:41)
🔔सर्वेषां परमा एकादशी (भाद्रपद (अधिक) कृष्ण)✓ संपन्न
— पारण (व्रत तोड़ना): मंगलवार, 13 सितंबर 1955 06:34 AM - 07:51 AM✓ संपन्न
13सितंबरमंगलवारकृष्ण द्वादशी (समाप्ति सुबह 11:44)
🔔मघा त्रयोदशी श्राद्ध (अधिक भाद्रपद मास)✓ संपन्न
14सितंबरबुधवारकृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति सुबह 9:57)
🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास
— उपवास: बुधवार, 14 सितंबर 1955 06:35 AM - गुरुवार, 15 सितंबर 1955 06:37 AM✓ संपन्न
— पारण (व्रत तोड़ना): ≥ गुरुवार, 15 सितंबर 1955 06:37 AM
16सितंबरशुक्रवारअमावस्या (समाप्ति सुबह 7:19)
🔔कन्या संक्रमण (10:47 PM) — पुण्यकाल: 12:56 PM - 07:20 PM✓ संपन्न
🔔शैव मौन व्रत✓ संपन्न
🔔महात्यम व्रत✓ संपन्न
17सितंबरशनिवारशुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति सुबह 6:41)
🔔कल्कि जयंती✓ संपन्न
🔔भाद्रपद मासारंभ✓ संपन्न
18सितंबररविवारशुक्ल तृतीया (समाप्ति (19th) सुबह 7:15)
🔔तामस मन्वादि✓ संपन्न
🔔षोडशोमा व्रत✓ संपन्न
🔔सुवर्ण गौरी व्रत✓ संपन्न
🔔हरितालिका तीज (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
19सितंबरसोमवारशुक्ल तृतीया (समाप्ति सुबह 7:15)
🔔शिव चतुर्थी✓ संपन्न
🔔गौरी पूजा✓ संपन्न
🔔गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)
गणेश चतुर्थी पूजा का समय: उपयुक्त पूजा समय उपलब्ध नहीं✓ संपन्न
20सितंबरमंगलवारशुक्ल चतुर्थी (समाप्ति सुबह 8:32)
🔔ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
21सितंबरबुधवारशुक्ल पंचमी (समाप्ति सुबह 10:25)
🔔ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔बौद्ध जयंती✓ संपन्न
22सितंबरगुरुवारशुक्ल षष्ठी (समाप्ति दोपहर 12:46)
🔔सूर्य षष्ठी✓ संपन्न
🔔स्कंद दर्शन✓ संपन्न
🔔अमुक्ताभरण सप्तमी✓ संपन्न
🔔चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
23सितंबरशुक्रवारशुक्ल सप्तमी (समाप्ति दोपहर 3:22)
🔔ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔ज्येष्ठाष्टमी✓ संपन्न
🔔पुत्री ज्येष्ठा व्रत✓ संपन्न
24सितंबरशनिवारशुक्ल अष्टमी (समाप्ति शाम 5:56)
🔔महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔नंदा देवी पूजा✓ संपन्न
25सितंबररविवारशुक्ल नवमी (समाप्ति रात 8:13)
🔔सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔केदार व्रत✓ संपन्न
26सितंबरसोमवारशुक्ल दशमी (समाप्ति रात 9:58)
🔔क्षीर व्रतारंभ✓ संपन्न
27सितंबरमंगलवारशुक्ल एकादशी (समाप्ति रात 11:03)
🔔श्रवण द्वादशी✓ संपन्न
🔔सर्वेषां परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)✓ संपन्न
— पारण (व्रत तोड़ना): बुधवार, 28 सितंबर 1955 06:59 AM - 11:05 AM✓ संपन्न
🔔परिवर्तन एकादशी✓ संपन्न
🔔कट दान✓ संपन्न
🔔गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास)
— प्रवेश समय: 04:07 AM (हस्त नक्षत्र प्रवेश)✓ संपन्न
28सितंबरबुधवारशुक्ल द्वादशी (समाप्ति रात 11:23)
🔔गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔शक्र द्वादशी✓ संपन्न
🔔शक्र ध्वजोत्थापन✓ संपन्न
🔔विष्णु परिवर्तन महोत्सव✓ संपन्न
🔔कल्कि द्वादशी✓ संपन्न
🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास
— उपवास: बुधवार, 28 सितंबर 1955 06:59 AM - गुरुवार, 29 सितंबर 1955 10:58 PM✓ संपन्न
— पारण (व्रत तोड़ना): ≥ गुरुवार, 29 सितंबर 1955 10:58 PM
🔔वामन जयंती (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
29सितंबरगुरुवारशुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति रात 10:58)
🔔श्रवण द्वादशी पारण✓ संपन्न
30सितंबरशुक्रवारशुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति रात 9:54)
🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न
🔔अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न)✓ संपन्न

यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।


शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द

व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:

शब्द अर्थ
तिथि एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है।
नक्षत्र एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है।
पूर्णिमांत / अमावास्यांत पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)।
स्मार्त बनाम वैष्णव विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

Frequently Asked Questions

त्योहार इस बात पर निर्भर करते हैं कि सूर्योदय के समय कौन सी तिथि सक्रिय है। आपका स्थानीय मंदिर एक अलग गणना पद्धति (सूर्य सिद्धांत बनाम दृग्गणित) का उपयोग कर सकता है।

स्मार्त उस दिन उपवास करते हैं जब सूर्योदय के समय एकादशी मौजूद होती है। वैष्णव कड़ाई से मांग करते हैं कि दिन सूर्योदय के समय दशमी ओवरलैप से मुक्त हो।

यदि त्योहार के दिन ग्रहण होता है, तो अनुष्ठान, पूजा और उपवास के समय को बदलना पड़ता है।

तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।