Jersey City के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।
इस कैलेंडर का उपयोग कैसे करें?
- स्थान सही चुनें: सूर्योदय और तिथि की सीमा शहर के अनुसार बदलती है, इसलिए अलग-अलग देशों में त्योहार की तारीख अलग हो सकती है।
- तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
- अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।
महीने के अनुसार त्योहार खोजें
प्रमुख त्योहारों और व्रतों को देखने के लिए एक महीने और वर्ष का चयन करें।
सितंबर 2038 के हिन्दू त्योहार और व्रत
Jersey City के लिए सितंबर 2038 के त्योहार और व्रत की तिथियां:
- सामवेदी उपाकर्म — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- तामस मन्वादि — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- षोडशोमा व्रत — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- सुवर्ण गौरी व्रत — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- शिव चतुर्थी — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- गौरी पूजा — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- हरितालिका तीज (भाद्रपद मास) — बुधवार, 1 सितंबर 2038.
- गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)गणेश चतुर्थी पूजा का समय: 11:39 AM — गुरुवार, 2 सितंबर 2038. — यह बाधाओं को दूर करने वाले भगवान गणेश के जन्म के सम्मान में मनाया जाने वाला दस दिवसीय त्योहार है, जो गणेश की मूर्तियों की स्थापना के साथ शुरू होता है।
- मासिक विनायक चतुर्थी — गुरुवार, 2 सितंबर 2038.
- बौद्ध जयंती — शुक्रवार, 3 सितंबर 2038.
- ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास) — शुक्रवार, 3 सितंबर 2038.
- ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास) — शनिवार, 4 सितंबर 2038.
- सूर्य षष्ठी — शनिवार, 4 सितंबर 2038.
- स्कंद दर्शन — शनिवार, 4 सितंबर 2038.
- अमुक्ताभरण सप्तमी — शनिवार, 4 सितंबर 2038.
- चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास) — शनिवार, 4 सितंबर 2038.
- मासिक षष्ठी व्रत — शनिवार, 4 सितंबर 2038.
- ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास) — रविवार, 5 सितंबर 2038.
- राधा अष्टमी (भाद्रपद मास) — रविवार, 5 सितंबर 2038.
- दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है; दूर्वा नक्षत्र अपवाद नियम लागू है) — रविवार, 5 सितंबर 2038.
- भानु सप्तमी — रविवार, 5 सितंबर 2038.
- महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास) — सोमवार, 6 सितंबर 2038.
- ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास) — सोमवार, 6 सितंबर 2038.
- नंदा देवी पूजा — सोमवार, 6 सितंबर 2038.
- केदार व्रत — सोमवार, 6 सितंबर 2038.
- ज्येष्ठाष्टमी — सोमवार, 6 सितंबर 2038.
- पुत्री ज्येष्ठा व्रत — सोमवार, 6 सितंबर 2038.
- सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 7 सितंबर 2038.
- ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 7 सितंबर 2038.
- क्षीर व्रतारंभ — मंगलवार, 7 सितंबर 2038.
- स्मार्त परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी — बुधवार, 8 सितंबर 2038.
- परिवर्तन एकादशी — बुधवार, 8 सितंबर 2038.
- कट दान — बुधवार, 8 सितंबर 2038.
- गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- शक्र द्वादशी — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- शक्र ध्वजोत्थापन — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- विष्णु परिवर्तन महोत्सव — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- कल्कि द्वादशी — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- श्रवण द्वादशी — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- वैष्णव परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- परिवर्तन एकादशी — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- कट दान — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- वामन जयंती (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 9 सितंबर 2038.
- श्रवण द्वादशी पारण — शुक्रवार, 10 सितंबर 2038.
- अगस्त्यार्घ्य — शुक्रवार, 10 सितंबर 2038.
- भृगु प्रदोषम् (भाद्रपद मास) — शुक्रवार, 10 सितंबर 2038.
- शुक्ल त्रयोदशी उपवास — शुक्रवार, 10 सितंबर 2038.
- अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न) — शनिवार, 11 सितंबर 2038.
- कदली व्रत (भाद्रपद मास) — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- पूर्णिमा व्रत — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- लोकपाल पूजा — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास) — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास) — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास) — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- सत्यनारायण स्वामी व्रत — रविवार, 12 सितंबर 2038.
- उमा महेश्वर व्रत — सोमवार, 13 सितंबर 2038.
- उपांग ललिता गौरी व्रत — सोमवार, 13 सितंबर 2038.
- पितृपक्ष प्रारम्भ — सोमवार, 13 सितंबर 2038.
- अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 14 सितंबर 2038.
- बृहद्गौरी व्रत — बुधवार, 15 सितंबर 2038.
- कज्जली व्रत — बुधवार, 15 सितंबर 2038.
- विशालाक्षी यात्रा — बुधवार, 15 सितंबर 2038.
- कन्या संक्रमण (12:16 AM) — गुरुवार, 16 सितंबर 2038.
- संकष्टी चतुर्थी — गुरुवार, 16 सितंबर 2038.
- महा भरणी — शुक्रवार, 17 सितंबर 2038.
- चंद्र षष्ठी — शनिवार, 18 सितंबर 2038.
- कृत्तिका व्रत — रविवार, 19 सितंबर 2038.
- कालाष्टमी — सोमवार, 20 सितंबर 2038.
- रोहिणी व्रत — सोमवार, 20 सितंबर 2038.
- महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 21 सितंबर 2038.
- सूर्य सावर्णि मन्वादि — मंगलवार, 21 सितंबर 2038.
- मध्याष्टमी — मंगलवार, 21 सितंबर 2038.
- महालक्ष्मी व्रत — मंगलवार, 21 सितंबर 2038.
- आर्द्राष्टमी — मंगलवार, 21 सितंबर 2038.
- दुर्गा देवी उद्यापन — मंगलवार, 21 सितंबर 2038.
- अहीन नवमी — बुधवार, 22 सितंबर 2038.
- सर्वेषां इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — शुक्रवार, 24 सितंबर 2038.
- यति महालय — शनिवार, 25 सितंबर 2038.
- गजच्छाया — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- कलियुगादि — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- मघा त्रयोदशी श्राद्ध — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- मघा श्राद्ध — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- भानु प्रदोषम् (भाद्रपद मास) — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद मास) — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- कृष्ण त्रयोदशी उपवास — रविवार, 26 सितंबर 2038.
- शस्त्रहत महालय — सोमवार, 27 सितंबर 2038.
- गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास) — सोमवार, 27 सितंबर 2038.
- गजच्छाया अमावस्या (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- केदार गौरी व्रत (आश्विन मास) — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- दर्श श्राद्ध — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- मातामह श्राद्ध (आश्विन मास) — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- महालय अमावस्या — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- बथुकम्मा प्रारंभ — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- एंगिली पुला बथुकम्मा — मंगलवार, 28 सितंबर 2038.
- घटस्थापना (आश्विन मास)06:56 AM — बुधवार, 29 सितंबर 2038.
- शारदीय नवरात्रि आरम्भ — बुधवार, 29 सितंबर 2038.
- आश्विन मासारंभ — बुधवार, 29 सितंबर 2038.
- नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्री — बुधवार, 29 सितंबर 2038. — शैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री क…
- नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणी — गुरुवार, 30 सितंबर 2038. — दुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जी…
हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन
September 2038
| 01सितंबरबुधवार | शुक्ल तृतीया (समाप्ति रात 9:22) 🔔सामवेदी उपाकर्म 🔔तामस मन्वादि 🔔षोडशोमा व्रत 🔔सुवर्ण गौरी व्रत 🔔शिव चतुर्थी 🔔गौरी पूजा 🔔हरितालिका तीज (भाद्रपद मास) |
| 02सितंबरगुरुवार | शुक्ल चतुर्थी (समाप्ति शाम 6:20) 🔔गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास) गणेश चतुर्थी पूजा का समय: 11:39 AM - 02:12 PM मध्याह्न काल: सुबह 11:38 - दोपहर 2:12 🔔मासिक विनायक चतुर्थी |
| 03सितंबरशुक्रवार | शुक्ल पंचमी (समाप्ति दोपहर 3:30) 🔔बौद्ध जयंती 🔔ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास) |
| 04सितंबरशनिवार | शुक्ल षष्ठी (समाप्ति दोपहर 12:57) 🔔ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास) 🔔सूर्य षष्ठी 🔔स्कंद दर्शन 🔔अमुक्ताभरण सप्तमी 🔔चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास) 🔔मासिक षष्ठी व्रत |
| 05सितंबररविवार | शुक्ल सप्तमी (समाप्ति सुबह 10:46) 🔔ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास) 🔔राधा अष्टमी (भाद्रपद मास) 🔔दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है; दूर्वा नक्षत्र अपवाद नियम लागू है) 🔔भानु सप्तमी |
| 06सितंबरसोमवार | शुक्ल अष्टमी (समाप्ति सुबह 9:01) 🔔महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास) 🔔ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास) 🔔नंदा देवी पूजा 🔔केदार व्रत 🔔ज्येष्ठाष्टमी 🔔पुत्री ज्येष्ठा व्रत |
| 07सितंबरमंगलवार | शुक्ल नवमी (समाप्ति सुबह 7:42) 🔔सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास) 🔔ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास) 🔔क्षीर व्रतारंभ |
| 08सितंबरबुधवार | शुक्ल दशमी (समाप्ति सुबह 6:49) 🔔स्मार्त परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी 🔔परिवर्तन एकादशी 🔔कट दान |
| 09सितंबरगुरुवार | शुक्ल द्वादशी (समाप्ति (10th) सुबह 6:17) 🔔गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास) 🔔शक्र द्वादशी 🔔शक्र ध्वजोत्थापन 🔔विष्णु परिवर्तन महोत्सव 🔔कल्कि द्वादशी 🔔श्रवण द्वादशी 🔔वैष्णव परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — पारण (व्रत तोड़ना): शुक्रवार, 10 सितंबर 2038 06:36 AM - 06:51 AM 🔔परिवर्तन एकादशी 🔔कट दान 🔔वामन जयंती (भाद्रपद मास) |
| 10सितंबरशुक्रवार | शुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति (11th) सुबह 6:37) 🔔श्रवण द्वादशी पारण 🔔अगस्त्यार्घ्य 🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास — उपवास: शुक्रवार, 10 सितंबर 2038 06:36 AM - शनिवार, 11 सितंबर 2038 06:37 AM — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ शनिवार, 11 सितंबर 2038 06:37 AM |
| 11सितंबरशनिवार | शुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति (12th) सुबह 7:19) 🔔अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न) |
| 12सितंबररविवार | शुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति सुबह 7:19) 🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास) 🔔पूर्णिमा व्रत 🔔लोकपाल पूजा 🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास) 🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास) 🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास) 🔔सत्यनारायण स्वामी व्रत |
| 13सितंबरसोमवार | शुक्ल पूर्णिमा (समाप्ति सुबह 8:24) 🔔उमा महेश्वर व्रत 🔔उपांग ललिता गौरी व्रत 🔔पितृपक्ष प्रारम्भ |
| 14सितंबरमंगलवार | कृष्ण प्रतिपदा (समाप्ति सुबह 9:53) 🔔अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास) |
| 15सितंबरबुधवार | कृष्ण द्वितीया (समाप्ति सुबह 11:44) 🔔बृहद्गौरी व्रत 🔔कज्जली व्रत 🔔विशालाक्षी यात्रा |
| 16सितंबरगुरुवार | कृष्ण तृतीया (समाप्ति दोपहर 1:56) 🔔कन्या संक्रमण (12:16 AM) — पुण्यकाल: 12:34 PM - 06:58 PM 🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:31 PM |
| 17सितंबरशुक्रवार | कृष्ण चतुर्थी (समाप्ति शाम 4:23) 🔔महा भरणी |
| 18सितंबरशनिवार | कृष्ण पंचमी (समाप्ति शाम 6:57) 🔔चंद्र षष्ठी |
| 19सितंबररविवार | कृष्ण षष्ठी (समाप्ति रात 9:25) 🔔कृत्तिका व्रत |
| 20सितंबरसोमवार | कृष्ण सप्तमी (समाप्ति रात 11:34) 🔔कालाष्टमी 🔔रोहिणी व्रत |
| 21सितंबरमंगलवार | कृष्ण अष्टमी (समाप्ति (22nd) रात 1:10) 🔔महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास) 🔔सूर्य सावर्णि मन्वादि 🔔मध्याष्टमी 🔔महालक्ष्मी व्रत 🔔आर्द्राष्टमी 🔔दुर्गा देवी उद्यापन |
| 22सितंबरबुधवार | कृष्ण नवमी (समाप्ति (23rd) तड़के 2:03) 🔔अहीन नवमी |
| 24सितंबरशुक्रवार | कृष्ण एकादशी (समाप्ति (25th) रात 1:17) 🔔सर्वेषां इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — पारण (व्रत तोड़ना): शनिवार, 25 सितंबर 2038 06:53 AM - 11:04 AM |
| 25सितंबरशनिवार | कृष्ण द्वादशी (समाप्ति रात 11:38) 🔔यति महालय |
| 26सितंबररविवार | कृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति रात 9:16) 🔔गजच्छाया 🔔कलियुगादि 🔔मघा त्रयोदशी श्राद्ध 🔔मघा श्राद्ध 🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास — उपवास: रविवार, 26 सितंबर 2038 06:52 AM - सोमवार, 27 सितंबर 2038 06:53 AM — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ सोमवार, 27 सितंबर 2038 06:53 AM |
| 27सितंबरसोमवार | कृष्ण चतुर्दशी (समाप्ति शाम 6:19) 🔔शस्त्रहत महालय 🔔गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास) — प्रवेश समय: 05:39 AM (हस्त नक्षत्र प्रवेश) |
| 28सितंबरमंगलवार | अमावस्या (समाप्ति दोपहर 2:57) 🔔गजच्छाया अमावस्या (भाद्रपद मास) 🔔केदार गौरी व्रत (आश्विन मास) 🔔दर्श श्राद्ध 🔔मातामह श्राद्ध (आश्विन मास) 🔔महालय अमावस्या 🔔बथुकम्मा प्रारंभ 🔔एंगिली पुला बथुकम्मा |
| 29सितंबरबुधवार | शुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति सुबह 11:22) 🔔घटस्थापना (आश्विन मास) 06:56 AM - 10:00 AM 🔔शारदीय नवरात्रि आरम्भ 🔔आश्विन मासारंभ 🔔नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्रीशैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है और इन्हें देवी सती का पुनर्जन्म माना जाता है। इनके दो हाथ हैं, दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण किए हुए यह नंदी बैल पर विराजमान हैं। ब्रह्मा, विष्णु और शिव की সম্মিলিত शक्ति का प्रतीक होने के कारण, इनकी पूजा बल, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए की जाती है। |
| 30सितंबरगुरुवार | शुक्ल द्वितीया (समाप्ति सुबह 7:44) 🔔नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणीदुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जीवन का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे उनकी अपार भक्ति और आत्म-संयम का प्रदर्शन हुआ। भक्त समर्पण और अटूट विश्वास के लिए उनकी पूजा करते हैं। |
यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।
शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द
व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तिथि | एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है। |
| नक्षत्र | एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है। |
| पूर्णिमांत / अमावास्यांत | पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)। |
| स्मार्त बनाम वैष्णव | विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं। |
सामान्य प्रश्न (FAQ)
Frequently Asked Questions
तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।
शहर · वर्ष
Jersey City
2038 · सितंबर
America/New_York