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Jersey City · 2034: हिंदू त्योहार और व्रत: तिथियाँ व स्थानीय समय

Jersey City के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।

इस कैलेंडर का उपयोग कैसे करें?

  • स्थान सही चुनें: सूर्योदय और तिथि की सीमा शहर के अनुसार बदलती है, इसलिए अलग-अलग देशों में त्योहार की तारीख अलग हो सकती है।
  • तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
  • अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।

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सितंबर 2034 के हिन्दू त्योहार और व्रत

Jersey City के लिए सितंबर 2034 के त्योहार और व्रत की तिथियां:

  • संकष्टी चतुर्थी — शुक्रवार, 1 सितंबर 2034.
  • शीतला सप्तमी (श्रावण मास) — सोमवार, 4 सितंबर 2034.
  • दशफल व्रत (श्रावण मास) — सोमवार, 4 सितंबर 2034.
  • श्रावण सोमवार व्रत — सोमवार, 4 सितंबर 2034.
  • कृष्ण जन्माष्टमी (श्रावण मास) — सोमवार, 4 सितंबर 2034. — यह विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है, जिसे भक्ति गीतों और उपवास के साथ मनाया जाता है।
  • श्री कृष्ण जयंती (श्रावण मास) — सोमवार, 4 सितंबर 2034.
  • कालाष्टमी — सोमवार, 4 सितंबर 2034.
  • कृत्तिका व्रत — सोमवार, 4 सितंबर 2034.
  • मंगला गौरी व्रत — मंगलवार, 5 सितंबर 2034.
  • दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है) — मंगलवार, 5 सितंबर 2034.
  • वैष्णव कृष्ण जयंती (श्रावण मास) — मंगलवार, 5 सितंबर 2034.
  • रोहिणी व्रत — मंगलवार, 5 सितंबर 2034.
  • कौमारी देवी पूजा (श्रावण मास) — बुधवार, 6 सितंबर 2034.
  • सर्वेषां अजा एकादशी (श्रावण कृष्ण) — शुक्रवार, 8 सितंबर 2034.
  • अगस्त्यार्घ्य — शनिवार, 9 सितंबर 2034.
  • शनि प्रदोषम् (श्रावण मास) — शनिवार, 9 सितंबर 2034.
  • मासिक शिवरात्रि (श्रावण मास) — रविवार, 10 सितंबर 2034.
  • कृष्ण त्रयोदशी उपवास — रविवार, 10 सितंबर 2034.
  • पिठोरी व्रत (श्रावण मास) — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • पिठोरी अमावस्या (श्रावण मास) — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • श्रावण सोमवार व्रत — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • रुद्र सावर्णि मन्वादि (श्रावण मास) — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • दर्भ संग्रहण (श्रावण मास) — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • दर्श श्राद्ध — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • कुश ग्रहण (श्रावण मास) — सोमवार, 11 सितंबर 2034.
  • मंगला गौरी व्रत — मंगलवार, 12 सितंबर 2034.
  • शैव मौन व्रत — मंगलवार, 12 सितंबर 2034.
  • महात्यम व्रत — मंगलवार, 12 सितंबर 2034.
  • भाद्रपद मासारंभ — बुधवार, 13 सितंबर 2034.
  • कल्कि जयंती — गुरुवार, 14 सितंबर 2034.
  • तामस मन्वादि — शुक्रवार, 15 सितंबर 2034.
  • षोडशोमा व्रत — शुक्रवार, 15 सितंबर 2034.
  • सुवर्ण गौरी व्रत — शुक्रवार, 15 सितंबर 2034.
  • शिव चतुर्थी — शुक्रवार, 15 सितंबर 2034.
  • गौरी पूजा — शुक्रवार, 15 सितंबर 2034.
  • हरितालिका तीज (भाद्रपद मास) — शुक्रवार, 15 सितंबर 2034.
  • कन्या संक्रमण (11:39 PM) — शनिवार, 16 सितंबर 2034.
  • गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)गणेश चतुर्थी पूजा का समय: 11:37 AM — शनिवार, 16 सितंबर 2034. — यह बाधाओं को दूर करने वाले भगवान गणेश के जन्म के सम्मान में मनाया जाने वाला दस दिवसीय त्योहार है, जो गणेश की मूर्तियों की स्थापना के साथ शुरू होता है।
  • मासिक विनायक चतुर्थी — शनिवार, 16 सितंबर 2034.
  • ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास) — रविवार, 17 सितंबर 2034.
  • ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास) — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास) — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • सूर्य षष्ठी — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • स्कंद दर्शन — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • बौद्ध जयंती — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • अमुक्ताभरण सप्तमी — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास) — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • मासिक षष्ठी व्रत — सोमवार, 18 सितंबर 2034.
  • ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 19 सितंबर 2034.
  • ज्येष्ठाष्टमी — मंगलवार, 19 सितंबर 2034.
  • पुत्री ज्येष्ठा व्रत — मंगलवार, 19 सितंबर 2034.
  • महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास) — बुधवार, 20 सितंबर 2034.
  • ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास) — बुधवार, 20 सितंबर 2034.
  • राधा अष्टमी (भाद्रपद मास) — बुधवार, 20 सितंबर 2034.
  • नंदा देवी पूजा — बुधवार, 20 सितंबर 2034.
  • सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 21 सितंबर 2034.
  • केदार व्रत — गुरुवार, 21 सितंबर 2034.
  • क्षीर व्रतारंभ — शुक्रवार, 22 सितंबर 2034.
  • स्मार्त परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी — शनिवार, 23 सितंबर 2034.
  • परिवर्तन एकादशी — शनिवार, 23 सितंबर 2034.
  • कट दान — शनिवार, 23 सितंबर 2034.
  • गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास) — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • शक्र द्वादशी — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • शक्र ध्वजोत्थापन — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • विष्णु परिवर्तन महोत्सव — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • कल्कि द्वादशी — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • श्रवण द्वादशी — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • वैष्णव परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • परिवर्तन एकादशी — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • कट दान — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • वामन जयंती (भाद्रपद मास) — रविवार, 24 सितंबर 2034.
  • श्रवण द्वादशी पारण — सोमवार, 25 सितंबर 2034.
  • सोम प्रदोषम् (भाद्रपद मास) — सोमवार, 25 सितंबर 2034.
  • शुक्ल त्रयोदशी उपवास — सोमवार, 25 सितंबर 2034.
  • कदली व्रत (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 26 सितंबर 2034.
  • अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 26 सितंबर 2034.
  • अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 26 सितंबर 2034.
  • गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 26 सितंबर 2034.
  • अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न) — मंगलवार, 26 सितंबर 2034.
  • पूर्णिमा व्रत — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • उमा महेश्वर व्रत — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • उपांग ललिता गौरी व्रत — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • लोकपाल पूजा — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • चंद्र ग्रहण — केतुग्रस्त आंशिक • स्थानीय रूप से दृश्यमान — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास) — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • सत्यनारायण स्वामी व्रत — बुधवार, 27 सितंबर 2034.
  • पितृपक्ष प्रारम्भ — गुरुवार, 28 सितंबर 2034.
  • बृहद्गौरी व्रत — शुक्रवार, 29 सितंबर 2034.
  • कज्जली व्रत — शुक्रवार, 29 सितंबर 2034.
  • विशालाक्षी यात्रा — शुक्रवार, 29 सितंबर 2034.
  • महा भरणी — शनिवार, 30 सितंबर 2034.
  • संकष्टी चतुर्थी — शनिवार, 30 सितंबर 2034.

हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन

शहर: Jersey City (40.7178, -74.0431) | समय क्षेत्र: America/New_York

September 2034

01सितंबरशुक्रवारकृष्ण तृतीया (समाप्ति सुबह 6:34)
🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 09:06 PM
04सितंबरसोमवारकृष्ण सप्तमी (समाप्ति रात 8:48)
🔔शीतला सप्तमी (श्रावण मास)
🔔दशफल व्रत (श्रावण मास)
🔔श्रावण सोमवार व्रत
🔔कृष्ण जन्माष्टमी (श्रावण मास)यह विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है, जिसे भक्ति गीतों और उपवास के साथ मनाया जाता है।
🔔श्री कृष्ण जयंती (श्रावण मास)
🔔कालाष्टमी
🔔कृत्तिका व्रत
05सितंबरमंगलवारकृष्ण अष्टमी (समाप्ति शाम 6:37)
🔔मंगला गौरी व्रत
🔔दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है)
🔔वैष्णव कृष्ण जयंती (श्रावण मास)
🔔रोहिणी व्रत
06सितंबरबुधवारकृष्ण नवमी (समाप्ति शाम 4:40)
🔔कौमारी देवी पूजा (श्रावण मास)
08सितंबरशुक्रवारकृष्ण एकादशी (समाप्ति दोपहर 1:37)
🔔सर्वेषां अजा एकादशी (श्रावण कृष्ण)
— पारण (व्रत तोड़ना): शनिवार, 09 सितंबर 2034 06:35 AM - 08:06 AM
09सितंबरशनिवारकृष्ण द्वादशी (समाप्ति दोपहर 12:37)
🔔अगस्त्यार्घ्य
10सितंबररविवारकृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति दोपहर 12:02)
🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास
— उपवास: रविवार, 10 सितंबर 2034 06:36 AM - सोमवार, 11 सितंबर 2034 06:37 AM
— पारण (व्रत तोड़ना): ≥ सोमवार, 11 सितंबर 2034 06:37 AM
11सितंबरसोमवारकृष्ण चतुर्दशी (समाप्ति सुबह 11:53)
🔔पिठोरी व्रत (श्रावण मास)
🔔पिठोरी अमावस्या (श्रावण मास)
🔔श्रावण सोमवार व्रत
🔔रुद्र सावर्णि मन्वादि (श्रावण मास)
🔔दर्भ संग्रहण (श्रावण मास)
🔔दर्श श्राद्ध
🔔कुश ग्रहण (श्रावण मास)
12सितंबरमंगलवारअमावस्या (समाप्ति दोपहर 12:13)
🔔मंगला गौरी व्रत
🔔शैव मौन व्रत
🔔महात्यम व्रत
13सितंबरबुधवारशुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति दोपहर 1:04)
🔔भाद्रपद मासारंभ
14सितंबरगुरुवारशुक्ल द्वितीया (समाप्ति दोपहर 2:25)
🔔कल्कि जयंती
15सितंबरशुक्रवारशुक्ल तृतीया (समाप्ति शाम 4:13)
🔔तामस मन्वादि
🔔षोडशोमा व्रत
🔔सुवर्ण गौरी व्रत
🔔शिव चतुर्थी
🔔गौरी पूजा
🔔हरितालिका तीज (भाद्रपद मास)
16सितंबरशनिवारशुक्ल चतुर्थी (समाप्ति शाम 6:24)
🔔कन्या संक्रमण (11:39 PM) — पुण्यकाल: 12:34 PM - 06:58 PM
🔔गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)
गणेश चतुर्थी पूजा का समय: 11:37 AM - 02:04 PM
मध्याह्न काल: सुबह 11:36 - दोपहर 2:04
🔔मासिक विनायक चतुर्थी
17सितंबररविवारशुक्ल पंचमी (समाप्ति रात 8:49)
🔔ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास)
18सितंबरसोमवारशुक्ल षष्ठी (समाप्ति रात 11:17)
🔔ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास)
🔔ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास)
🔔सूर्य षष्ठी
🔔स्कंद दर्शन
🔔बौद्ध जयंती
🔔अमुक्ताभरण सप्तमी
🔔चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास)
🔔मासिक षष्ठी व्रत
19सितंबरमंगलवारशुक्ल सप्तमी (समाप्ति (20th) रात 1:37)
🔔ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास)
🔔ज्येष्ठाष्टमी
🔔पुत्री ज्येष्ठा व्रत
20सितंबरबुधवारशुक्ल अष्टमी (समाप्ति (21st) तड़के 3:34)
🔔महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास)
🔔ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास)
🔔राधा अष्टमी (भाद्रपद मास)
🔔नंदा देवी पूजा
21सितंबरगुरुवारशुक्ल नवमी (समाप्ति (22nd) सुबह 5:00)
🔔सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास)
🔔केदार व्रत
22सितंबरशुक्रवारशुक्ल दशमी (समाप्ति (23rd) सुबह 5:45)
🔔क्षीर व्रतारंभ
23सितंबरशनिवारशुक्ल एकादशी (समाप्ति (24th) सुबह 5:45)
🔔स्मार्त परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)
— श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी
🔔परिवर्तन एकादशी
🔔कट दान
24सितंबररविवारशुक्ल द्वादशी (समाप्ति (25th) सुबह 5:00)
🔔गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास)
🔔शक्र द्वादशी
🔔शक्र ध्वजोत्थापन
🔔विष्णु परिवर्तन महोत्सव
🔔कल्कि द्वादशी
🔔श्रवण द्वादशी
🔔वैष्णव परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)
— पारण (व्रत तोड़ना): सोमवार, 25 सितंबर 2034 06:51 AM - 07:06 AM
🔔परिवर्तन एकादशी
🔔कट दान
🔔वामन जयंती (भाद्रपद मास)
25सितंबरसोमवारशुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति (26th) तड़के 3:33)
🔔श्रवण द्वादशी पारण
🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास
— उपवास: सोमवार, 25 सितंबर 2034 06:51 AM - मंगलवार, 26 सितंबर 2034 06:52 AM
— पारण (व्रत तोड़ना): ≥ मंगलवार, 26 सितंबर 2034 06:52 AM
26सितंबरमंगलवारशुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति (27th) रात 1:29)
🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास)
🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)
🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)
🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)
🔔अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न)
27सितंबरबुधवारशुक्ल पूर्णिमा (समाप्ति रात 10:56)
🔔पूर्णिमा व्रत
🔔उमा महेश्वर व्रत
🔔उपांग ललिता गौरी व्रत
🔔लोकपाल पूजा
🔔चंद्र ग्रहण — केतुग्रस्त आंशिक • स्थानीय रूप से दृश्यमान — प्रारंभ समय: 22:32 • समाप्ति समय: 23:00 (27 Sep 2034) (भाद्रपद मास)
🔔गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास)
— प्रवेश समय: 05:04 AM (हस्त नक्षत्र प्रवेश)
🔔सत्यनारायण स्वामी व्रत
28सितंबरगुरुवारकृष्ण प्रतिपदा (समाप्ति रात 8:02)
🔔पितृपक्ष प्रारम्भ
29सितंबरशुक्रवारकृष्ण द्वितीया (समाप्ति शाम 4:55)
🔔बृहद्गौरी व्रत
🔔कज्जली व्रत
🔔विशालाक्षी यात्रा
30सितंबरशनिवारकृष्ण तृतीया (समाप्ति दोपहर 1:44)
🔔महा भरणी
🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:16 PM

यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।


शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द

व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:

शब्द अर्थ
तिथि एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है।
नक्षत्र एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है।
पूर्णिमांत / अमावास्यांत पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)।
स्मार्त बनाम वैष्णव विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

Frequently Asked Questions

त्योहार इस बात पर निर्भर करते हैं कि सूर्योदय के समय कौन सी तिथि सक्रिय है। आपका स्थानीय मंदिर एक अलग गणना पद्धति (सूर्य सिद्धांत बनाम दृग्गणित) का उपयोग कर सकता है।

स्मार्त उस दिन उपवास करते हैं जब सूर्योदय के समय एकादशी मौजूद होती है। वैष्णव कड़ाई से मांग करते हैं कि दिन सूर्योदय के समय दशमी ओवरलैप से मुक्त हो।

यदि त्योहार के दिन ग्रहण होता है, तो अनुष्ठान, पूजा और उपवास के समय को बदलना पड़ता है।

तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।