Hyderabad के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।
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- तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
- अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।
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सितंबर 2022 के हिन्दू त्योहार और व्रत
Hyderabad के लिए सितंबर 2022 के त्योहार और व्रत की तिथियां:
- बौद्ध जयंती✓ — गुरुवार, 1 सितंबर 2022.
- ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास)✓ — गुरुवार, 1 सितंबर 2022.
- ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 2 सितंबर 2022.
- सूर्य षष्ठी✓ — शुक्रवार, 2 सितंबर 2022.
- स्कंद दर्शन✓ — शुक्रवार, 2 सितंबर 2022.
- अमुक्ताभरण सप्तमी✓ — शुक्रवार, 2 सितंबर 2022.
- चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 2 सितंबर 2022.
- मासिक षष्ठी व्रत✓ — शुक्रवार, 2 सितंबर 2022.
- ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास)✓ — शनिवार, 3 सितंबर 2022.
- राधा अष्टमी (भाद्रपद मास)✓ — शनिवार, 3 सितंबर 2022.
- दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है)✓ — शनिवार, 3 सितंबर 2022.
- महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास)✓ — रविवार, 4 सितंबर 2022.
- ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास)✓ — रविवार, 4 सितंबर 2022.
- नंदा देवी पूजा✓ — रविवार, 4 सितंबर 2022.
- केदार व्रत✓ — रविवार, 4 सितंबर 2022.
- ज्येष्ठाष्टमी✓ — रविवार, 4 सितंबर 2022.
- पुत्री ज्येष्ठा व्रत✓ — रविवार, 4 सितंबर 2022.
- सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास)✓ — सोमवार, 5 सितंबर 2022.
- ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ — सोमवार, 5 सितंबर 2022.
- क्षीर व्रतारंभ✓ — सोमवार, 5 सितंबर 2022.
- स्मार्त परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)✓ संपन्न — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी — मंगलवार, 6 सितंबर 2022.
- परिवर्तन एकादशी✓ — मंगलवार, 6 सितंबर 2022.
- कट दान✓ — मंगलवार, 6 सितंबर 2022.
- गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- शक्र द्वादशी✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- शक्र ध्वजोत्थापन✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- विष्णु परिवर्तन महोत्सव✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- कल्कि द्वादशी✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- श्रवण द्वादशी✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- वैष्णव परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)✓ संपन्न — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- परिवर्तन एकादशी✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- कट दान✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- वामन जयंती (भाद्रपद मास)✓ — बुधवार, 7 सितंबर 2022.
- ऋग्वेदी उपाकर्म✓ — गुरुवार, 8 सितंबर 2022.
- श्रवण द्वादशी पारण✓ — गुरुवार, 8 सितंबर 2022.
- गुरु प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ — गुरुवार, 8 सितंबर 2022.
- शुक्ल त्रयोदशी उपवास — गुरुवार, 8 सितंबर 2022.
- कदली व्रत (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 2022.
- अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 2022.
- अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 2022.
- गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 2022.
- अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न)✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 2022.
- सत्यनारायण स्वामी व्रत✓ — शुक्रवार, 9 सितंबर 2022.
- पूर्णिमा व्रत✓ — शनिवार, 10 सितंबर 2022.
- उमा महेश्वर व्रत✓ — शनिवार, 10 सितंबर 2022.
- उपांग ललिता गौरी व्रत✓ — शनिवार, 10 सितंबर 2022.
- लोकपाल पूजा✓ — शनिवार, 10 सितंबर 2022.
- पितृपक्ष प्रारम्भ✓ — शनिवार, 10 सितंबर 2022.
- अगस्त्यार्घ्य✓ — शनिवार, 10 सितंबर 2022.
- अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास)✓ — रविवार, 11 सितंबर 2022.
- बृहद्गौरी व्रत✓ — सोमवार, 12 सितंबर 2022.
- कज्जली व्रत✓ — सोमवार, 12 सितंबर 2022.
- विशालाक्षी यात्रा✓ — सोमवार, 12 सितंबर 2022.
- अंगारकी संकष्टी चतुर्थी — मंगलवार, 13 सितंबर 2022.
- महा भरणी✓ — बुधवार, 14 सितंबर 2022.
- चंद्र षष्ठी✓ — गुरुवार, 15 सितंबर 2022.
- कृत्तिका व्रत✓ — शुक्रवार, 16 सितंबर 2022.
- कन्या संक्रमण (07:23 AM) — शनिवार, 17 सितंबर 2022.
- सूर्य सावर्णि मन्वादि✓ — शनिवार, 17 सितंबर 2022.
- मध्याष्टमी✓ — शनिवार, 17 सितंबर 2022.
- महालक्ष्मी व्रत✓ — शनिवार, 17 सितंबर 2022.
- कालाष्टमी✓ — शनिवार, 17 सितंबर 2022.
- रोहिणी व्रत✓ — शनिवार, 17 सितंबर 2022.
- आर्द्राष्टमी✓ — रविवार, 18 सितंबर 2022.
- दुर्गा देवी उद्यापन✓ — रविवार, 18 सितंबर 2022.
- महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास)✓ — सोमवार, 19 सितंबर 2022.
- अहीन नवमी✓ — सोमवार, 19 सितंबर 2022.
- सर्वेषां इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)✓ संपन्न — बुधवार, 21 सितंबर 2022.
- यति महालय✓ — गुरुवार, 22 सितंबर 2022.
- गजच्छाया✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 2022.
- कलियुगादि✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 2022.
- मघा त्रयोदशी श्राद्ध✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 2022.
- मघा श्राद्ध✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 2022.
- भृगु प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ — शुक्रवार, 23 सितंबर 2022.
- शस्त्रहत महालय✓ — शनिवार, 24 सितंबर 2022.
- मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद मास)✓ — शनिवार, 24 सितंबर 2022.
- कृष्ण त्रयोदशी उपवास — शनिवार, 24 सितंबर 2022.
- दर्श श्राद्ध✓ — रविवार, 25 सितंबर 2022.
- महालय अमावस्या✓ — रविवार, 25 सितंबर 2022.
- बथुकम्मा प्रारंभ✓ — रविवार, 25 सितंबर 2022.
- एंगिली पुला बथुकम्मा✓ — रविवार, 25 सितंबर 2022.
- घटस्थापना (आश्विन मास)06:09 AM — सोमवार, 26 सितंबर 2022.
- शारदीय नवरात्रि आरम्भ✓ — सोमवार, 26 सितंबर 2022.
- मातामह श्राद्ध (आश्विन मास)✓ — सोमवार, 26 सितंबर 2022.
- आश्विन मासारंभ✓ — सोमवार, 26 सितंबर 2022.
- नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्री✓ — सोमवार, 26 सितंबर 2022. — शैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री क…
- गज गौरी व्रत (आश्विन मास) — मंगलवार, 27 सितंबर 2022.
- नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणी✓ — मंगलवार, 27 सितंबर 2022. — दुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जी…
- नवरात्रि दिन 3 — चंद्रघंटा✓ — बुधवार, 28 सितंबर 2022. — तीसरे दिन पूजी जाने वाली चंद्रघंटा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप है। भगवान शिव से विवाह के बाद अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने के कारण इनका नाम 'घंटे के …
- नवरात्रि दिन 4 — कुष्मांडा✓ — गुरुवार, 29 सितंबर 2022.
- मासिक विनायक चतुर्थी✓ — गुरुवार, 29 सितंबर 2022.
- ललिता पंचमी (आश्विन मास)✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 2022.
- नवरात्रि दिन 5 — स्कंदमाता✓ — शुक्रवार, 30 सितंबर 2022. — पांचवां स्वरूप स्कंदमाता हैं, जिन्हें 'अग्नि की देवी' भी कहा जाता है। उनके नाम का अर्थ है 'स्कंद की माता', स्कंद युद्ध के देवता कार्तिकेय हैं। वह शेर पर सवार…
हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन
September 2022
| 01सितंबरगुरुवार | शुक्ल पंचमी (समाप्ति दोपहर 2:49) 🔔बौद्ध जयंती✓ संपन्न 🔔ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न |
| 02सितंबरशुक्रवार | शुक्ल षष्ठी (समाप्ति दोपहर 1:51) 🔔ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔सूर्य षष्ठी✓ संपन्न 🔔स्कंद दर्शन✓ संपन्न 🔔अमुक्ताभरण सप्तमी✓ संपन्न 🔔चंपा षष्ठी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔मासिक षष्ठी व्रत✓ संपन्न |
| 03सितंबरशनिवार | शुक्ल सप्तमी (समाप्ति दोपहर 12:28) 🔔ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔राधा अष्टमी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है)✓ संपन्न |
| 04सितंबररविवार | शुक्ल अष्टमी (समाप्ति सुबह 10:40) 🔔महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔नंदा देवी पूजा✓ संपन्न 🔔केदार व्रत✓ संपन्न 🔔ज्येष्ठाष्टमी✓ संपन्न 🔔पुत्री ज्येष्ठा व्रत✓ संपन्न |
| 05सितंबरसोमवार | शुक्ल नवमी (समाप्ति सुबह 8:28) 🔔सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔क्षीर व्रतारंभ✓ संपन्न |
| 06सितंबरमंगलवार | शुक्ल एकादशी (समाप्ति (7th) तड़के 3:05) 🔔स्मार्त परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)✓ संपन्न — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी 🔔परिवर्तन एकादशी✓ संपन्न 🔔कट दान✓ संपन्न |
| 07सितंबरबुधवार | शुक्ल द्वादशी (समाप्ति (8th) रात 12:05) 🔔गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔शक्र द्वादशी✓ संपन्न 🔔शक्र ध्वजोत्थापन✓ संपन्न 🔔विष्णु परिवर्तन महोत्सव✓ संपन्न 🔔कल्कि द्वादशी✓ संपन्न 🔔श्रवण द्वादशी✓ संपन्न 🔔वैष्णव परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): गुरुवार, 08 सितंबर 2022 06:06 AM - 06:21 AM✓ संपन्न 🔔परिवर्तन एकादशी✓ संपन्न 🔔कट दान✓ संपन्न 🔔वामन जयंती (भाद्रपद मास)✓ संपन्न |
| 08सितंबरगुरुवार | शुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति रात 9:03) 🔔ऋग्वेदी उपाकर्म✓ संपन्न 🔔श्रवण द्वादशी पारण✓ संपन्न 🔔गुरु प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास — उपवास: गुरुवार, 08 सितंबर 2022 06:06 AM - शुक्रवार, 09 सितंबर 2022 06:06 AM✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ शुक्रवार, 09 सितंबर 2022 06:06 AM |
| 09सितंबरशुक्रवार | शुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति शाम 6:08) 🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न)✓ संपन्न 🔔सत्यनारायण स्वामी व्रत✓ संपन्न |
| 10सितंबरशनिवार | शुक्ल पूर्णिमा (समाप्ति दोपहर 3:29) 🔔पूर्णिमा व्रत✓ संपन्न 🔔उमा महेश्वर व्रत✓ संपन्न 🔔उपांग ललिता गौरी व्रत✓ संपन्न 🔔लोकपाल पूजा✓ संपन्न 🔔पितृपक्ष प्रारम्भ✓ संपन्न 🔔अगस्त्यार्घ्य✓ संपन्न |
| 11सितंबररविवार | कृष्ण प्रतिपदा (समाप्ति दोपहर 1:15) 🔔अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न |
| 12सितंबरसोमवार | कृष्ण द्वितीया (समाप्ति सुबह 11:35) 🔔बृहद्गौरी व्रत✓ संपन्न 🔔कज्जली व्रत✓ संपन्न 🔔विशालाक्षी यात्रा✓ संपन्न |
| 13सितंबरमंगलवार | कृष्ण तृतीया (समाप्ति सुबह 10:37) 🔔अंगारकी संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:28 PM✓ संपन्न |
| 14सितंबरबुधवार | कृष्ण चतुर्थी (समाप्ति सुबह 10:25) 🔔महा भरणी✓ संपन्न |
| 15सितंबरगुरुवार | कृष्ण पंचमी (समाप्ति सुबह 11:00) 🔔चंद्र षष्ठी✓ संपन्न |
| 16सितंबरशुक्रवार | कृष्ण षष्ठी (समाप्ति दोपहर 12:19) 🔔कृत्तिका व्रत✓ संपन्न |
| 17सितंबरशनिवार | कृष्ण सप्तमी (समाप्ति दोपहर 2:14) 🔔कन्या संक्रमण (07:23 AM) — पुण्यकाल: 07:23 AM - 01:47 PM✓ संपन्न 🔔सूर्य सावर्णि मन्वादि✓ संपन्न 🔔मध्याष्टमी✓ संपन्न 🔔महालक्ष्मी व्रत✓ संपन्न 🔔कालाष्टमी✓ संपन्न 🔔रोहिणी व्रत✓ संपन्न |
| 18सितंबररविवार | कृष्ण अष्टमी (समाप्ति शाम 4:33) 🔔आर्द्राष्टमी✓ संपन्न 🔔दुर्गा देवी उद्यापन✓ संपन्न |
| 19सितंबरसोमवार | कृष्ण नवमी (समाप्ति रात 7:02) 🔔महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔अहीन नवमी✓ संपन्न |
| 21सितंबरबुधवार | कृष्ण एकादशी (समाप्ति रात 11:35) 🔔सर्वेषां इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): गुरुवार, 22 सितंबर 2022 06:08 AM - 10:55 AM✓ संपन्न |
| 22सितंबरगुरुवार | कृष्ण द्वादशी (समाप्ति (23rd) रात 1:18) 🔔यति महालय✓ संपन्न |
| 23सितंबरशुक्रवार | कृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति (24th) तड़के 2:31) 🔔गजच्छाया✓ संपन्न 🔔कलियुगादि✓ संपन्न 🔔मघा त्रयोदशी श्राद्ध✓ संपन्न 🔔मघा श्राद्ध✓ संपन्न 🔔भृगु प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ संपन्न |
| 24सितंबरशनिवार | कृष्ण चतुर्दशी (समाप्ति (25th) तड़के 3:12) 🔔शस्त्रहत महालय✓ संपन्न 🔔मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास — उपवास: शनिवार, 24 सितंबर 2022 06:08 AM - रविवार, 25 सितंबर 2022 06:08 AM✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ रविवार, 25 सितंबर 2022 06:08 AM |
| 25सितंबररविवार | अमावस्या (समाप्ति (26th) तड़के 3:24) 🔔दर्श श्राद्ध✓ संपन्न 🔔महालय अमावस्या✓ संपन्न 🔔बथुकम्मा प्रारंभ✓ संपन्न 🔔एंगिली पुला बथुकम्मा✓ संपन्न |
| 26सितंबरसोमवार | शुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति (27th) तड़के 3:08) 🔔घटस्थापना (आश्विन मास) 06:09 AM - 06:05 PM✓ संपन्न 🔔शारदीय नवरात्रि आरम्भ✓ संपन्न 🔔मातामह श्राद्ध (आश्विन मास)✓ संपन्न 🔔आश्विन मासारंभ✓ संपन्न 🔔नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्री✓ संपन्नशैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है और इन्हें देवी सती का पुनर्जन्म माना जाता है। इनके दो हाथ हैं, दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण किए हुए यह नंदी बैल पर विराजमान हैं। ब्रह्मा, विष्णु और शिव की সম্মিলিত शक्ति का प्रतीक होने के कारण, इनकी पूजा बल, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए की जाती है। |
| 27सितंबरमंगलवार | शुक्ल द्वितीया (समाप्ति (28th) तड़के 2:28) 🔔गज गौरी व्रत (आश्विन मास) — प्रवेश समय: 12:43 PM (हस्त नक्षत्र प्रवेश)✓ संपन्न 🔔नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणी✓ संपन्नदुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जीवन का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे उनकी अपार भक्ति और आत्म-संयम का प्रदर्शन हुआ। भक्त समर्पण और अटूट विश्वास के लिए उनकी पूजा करते हैं। |
| 28सितंबरबुधवार | शुक्ल तृतीया (समाप्ति (29th) रात 1:28) 🔔नवरात्रि दिन 3 — चंद्रघंटा✓ संपन्नतीसरे दिन पूजी जाने वाली चंद्रघंटा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप है। भगवान शिव से विवाह के बाद अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने के कारण इनका नाम 'घंटे के आकार का अर्धचंद्र' पड़ा। वह दस हाथों में विभिन्न हथियार धारण किए हुए बाघ पर सवार होती हैं, और उनकी तीसरी आंख हमेशा खुली रहती है, जो बुराई से लड़ने की उनकी तत्परता को दर्शाती है। वह अपने भक्तों को शांति और साहस प्रदान करने वाली एक करुणामयी माँ हैं। |
| 29सितंबरगुरुवार | शुक्ल चतुर्थी (समाप्ति (30th) रात 12:09) 🔔नवरात्रि दिन 4 — कुष्मांडा✓ संपन्न 🔔मासिक विनायक चतुर्थी✓ संपन्न |
| 30सितंबरशुक्रवार | शुक्ल पंचमी (समाप्ति रात 10:35) 🔔ललिता पंचमी (आश्विन मास)✓ संपन्न 🔔नवरात्रि दिन 5 — स्कंदमाता✓ संपन्नपांचवां स्वरूप स्कंदमाता हैं, जिन्हें 'अग्नि की देवी' भी कहा जाता है। उनके नाम का अर्थ है 'स्कंद की माता', स्कंद युद्ध के देवता कार्तिकेय हैं। वह शेर पर सवार होती हैं, उनकी चार भुजाएँ हैं, और वह अपनी गोद में बाल स्कंद को धारण करती हैं। स्कंदमाता की पूजा करने से उनके पुत्र स्कंद की भी पूजा हो जाती है, इसलिए भक्तों को दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वह माँ के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक हैं। |
यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।
शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द
व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तिथि | एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है। |
| नक्षत्र | एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है। |
| पूर्णिमांत / अमावास्यांत | पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)। |
| स्मार्त बनाम वैष्णव | विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं। |
सामान्य प्रश्न (FAQ)
Frequently Asked Questions
तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।
शहर · वर्ष
Hyderabad
2022 · सितंबर
Asia/Kolkata