Hyderabad के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।
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- तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
- अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।
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सितंबर 2020 के हिन्दू त्योहार और व्रत
Hyderabad के लिए सितंबर 2020 के त्योहार और व्रत की तिथियां:
- कदली व्रत (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- पूर्णिमा व्रत✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- लोकपाल पूजा✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- सत्यनारायण स्वामी व्रत✓ — मंगलवार, 1 सितंबर 2020.
- उमा महेश्वर व्रत✓ — बुधवार, 2 सितंबर 2020.
- उपांग ललिता गौरी व्रत✓ — बुधवार, 2 सितंबर 2020.
- पितृपक्ष प्रारम्भ✓ — बुधवार, 2 सितंबर 2020.
- अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास)✓ — गुरुवार, 3 सितंबर 2020.
- बृहद्गौरी व्रत✓ — शुक्रवार, 4 सितंबर 2020.
- कज्जली व्रत✓ — शुक्रवार, 4 सितंबर 2020.
- विशालाक्षी यात्रा✓ — शुक्रवार, 4 सितंबर 2020.
- संकष्टी चतुर्थी — शनिवार, 5 सितंबर 2020.
- महा भरणी✓ — सोमवार, 7 सितंबर 2020.
- चंद्र षष्ठी✓ — मंगलवार, 8 सितंबर 2020.
- अगस्त्यार्घ्य✓ — बुधवार, 9 सितंबर 2020.
- कृत्तिका व्रत✓ — बुधवार, 9 सितंबर 2020.
- महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास)✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- सूर्य सावर्णि मन्वादि✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- मध्याष्टमी✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- महालक्ष्मी व्रत✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- दुर्गा देवी उद्यापन✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- कालाष्टमी✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- रोहिणी व्रत✓ — गुरुवार, 10 सितंबर 2020.
- अहीन नवमी✓ — शुक्रवार, 11 सितंबर 2020.
- स्मार्त इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)✓ संपन्न — रविवार, 13 सितंबर 2020.
- यति महालय✓ — सोमवार, 14 सितंबर 2020.
- वैष्णव इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)✓ संपन्न — सोमवार, 14 सितंबर 2020.
- गजच्छाया✓ — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- कलियुगादि✓ — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- मघा त्रयोदशी श्राद्ध✓ — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- मघा श्राद्ध✓ — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- भौम प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद मास)✓ — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- कृष्ण त्रयोदशी उपवास — मंगलवार, 15 सितंबर 2020.
- कन्या संक्रमण (07:08 PM) — बुधवार, 16 सितंबर 2020.
- शस्त्रहत महालय✓ — बुधवार, 16 सितंबर 2020.
- केदार गौरी व्रत (अधिक आश्विन मास)✓ — गुरुवार, 17 सितंबर 2020.
- दर्श श्राद्ध✓ — गुरुवार, 17 सितंबर 2020.
- महालय अमावस्या✓ — गुरुवार, 17 सितंबर 2020.
- बथुकम्मा प्रारंभ✓ — गुरुवार, 17 सितंबर 2020.
- एंगिली पुला बथुकम्मा✓ — गुरुवार, 17 सितंबर 2020.
- शारदीय नवरात्रि आरम्भ✓ — शुक्रवार, 18 सितंबर 2020.
- अधिक आश्विन मासारंभ✓ — शुक्रवार, 18 सितंबर 2020.
- नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्री✓ — शुक्रवार, 18 सितंबर 2020. — शैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री क…
- नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणी✓ — शनिवार, 19 सितंबर 2020. — दुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जी…
- नवरात्रि दिन 3 — चंद्रघंटा✓ — रविवार, 20 सितंबर 2020. — तीसरे दिन पूजी जाने वाली चंद्रघंटा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप है। भगवान शिव से विवाह के बाद अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने के कारण इनका नाम 'घंटे के …
- मासिक विनायक चतुर्थी✓ — रविवार, 20 सितंबर 2020.
- ललिता पंचमी (अधिक आश्विन मास)✓ — सोमवार, 21 सितंबर 2020.
- नवरात्रि दिन 4 — कुष्मांडा✓ — सोमवार, 21 सितंबर 2020.
- नवरात्रि दिन 5 — स्कंदमाता✓ — मंगलवार, 22 सितंबर 2020. — पांचवां स्वरूप स्कंदमाता हैं, जिन्हें 'अग्नि की देवी' भी कहा जाता है। उनके नाम का अर्थ है 'स्कंद की माता', स्कंद युद्ध के देवता कार्तिकेय हैं। वह शेर पर सवार…
- मासिक षष्ठी व्रत✓ — मंगलवार, 22 सितंबर 2020.
- नवरात्रि दिन 6 — कात्यायनी✓ — बुधवार, 23 सितंबर 2020. — छठे दिन पूजी जाने वाली कात्यायनी, देवी दुर्गा का योद्धा स्वरूप है। उनका जन्म राक्षस महिषासुर को हराने के लिए देवताओं की সম্মিলিত ऊर्जा से हुआ था। वह शेर की स…
- मासिक दुर्गाष्टमी (अधिक आश्विन मास)✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020.
- सद्दुल बथुकम्मा✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020.
- बथुकम्मा समापन✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020.
- दुर्गा अष्टमी✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020. — इसे महा अष्टमी भी कहा जाता है, यह नवरात्रि उत्सव का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन, दुर्गा के आठवें स्वरूप **महागौरी** की पूजा की जाती है। वह शांति और …
- महा अष्टमी✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020.
- महागौरी✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020.
- सरस्वती आवाहन (पूजा प्रारंभ)✓ — गुरुवार, 24 सितंबर 2020.
- महानवमी✓ — शुक्रवार, 25 सितंबर 2020.
- सरस्वती पूजा / आयुध पूजा✓ — शुक्रवार, 25 सितंबर 2020.
- विजयदशमी / दशहरा / साढ़े तीन मुहूर्त✓ — शनिवार, 26 सितंबर 2020. — यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो रावण पर भगवान राम की विजय का स्मरण कराता है।
- सरस्वती विसर्जन (पूजा समाप्त)✓ — शनिवार, 26 सितंबर 2020.
- सर्वेषां पद्मिनी एकादशी (अश्विन (अधिक) शुक्ल)✓ संपन्न — रविवार, 27 सितंबर 2020.
- गज गौरी व्रत (अधिक आश्विन मास) — रविवार, 27 सितंबर 2020.
- सरस्वती विसर्जन (पूजा समाप्त)✓ — रविवार, 27 सितंबर 2020.
- शुक्ल त्रयोदशी उपवास — सोमवार, 28 सितंबर 2020.
- भौम प्रदोषम् (अधिक आश्विन मास)✓ — मंगलवार, 29 सितंबर 2020.
हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन
September 2020
| 01सितंबरमंगलवार | शुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति सुबह 9:39) 🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔पूर्णिमा व्रत✓ संपन्न 🔔लोकपाल पूजा✓ संपन्न 🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔सत्यनारायण स्वामी व्रत✓ संपन्न |
| 02सितंबरबुधवार | शुक्ल पूर्णिमा (समाप्ति सुबह 10:52) 🔔उमा महेश्वर व्रत✓ संपन्न 🔔उपांग ललिता गौरी व्रत✓ संपन्न 🔔पितृपक्ष प्रारम्भ✓ संपन्न |
| 03सितंबरगुरुवार | कृष्ण प्रतिपदा (समाप्ति दोपहर 12:27) 🔔अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास)✓ संपन्न |
| 04सितंबरशुक्रवार | कृष्ण द्वितीया (समाप्ति दोपहर 2:24) 🔔बृहद्गौरी व्रत✓ संपन्न 🔔कज्जली व्रत✓ संपन्न 🔔विशालाक्षी यात्रा✓ संपन्न |
| 05सितंबरशनिवार | कृष्ण तृतीया (समाप्ति शाम 4:39) 🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:23 PM✓ संपन्न |
| 07सितंबरसोमवार | कृष्ण पंचमी (समाप्ति रात 9:39) 🔔महा भरणी✓ संपन्न |
| 08सितंबरमंगलवार | कृष्ण षष्ठी (समाप्ति (9th) रात 12:03) 🔔चंद्र षष्ठी✓ संपन्न |
| 09सितंबरबुधवार | कृष्ण सप्तमी (समाप्ति (10th) तड़के 2:06) 🔔अगस्त्यार्घ्य✓ संपन्न 🔔कृत्तिका व्रत✓ संपन्न |
| 10सितंबरगुरुवार | कृष्ण अष्टमी (समाप्ति (11th) तड़के 3:35) 🔔महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔सूर्य सावर्णि मन्वादि✓ संपन्न 🔔मध्याष्टमी✓ संपन्न 🔔महालक्ष्मी व्रत✓ संपन्न 🔔दुर्गा देवी उद्यापन✓ संपन्न 🔔कालाष्टमी✓ संपन्न 🔔रोहिणी व्रत✓ संपन्न |
| 11सितंबरशुक्रवार | कृष्ण नवमी (समाप्ति (12th) सुबह 4:20) 🔔अहीन नवमी✓ संपन्न |
| 13सितंबररविवार | कृष्ण एकादशी (समाप्ति (14th) तड़के 3:16) 🔔स्मार्त इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): सोमवार, 14 सितंबर 2020 08:50 AM - 01:00 PM✓ संपन्न |
| 14सितंबरसोमवार | कृष्ण द्वादशी (समाप्ति (15th) रात 1:30) 🔔यति महालय✓ संपन्न 🔔वैष्णव इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): मंगलवार, 15 सितंबर 2020 06:07 AM - 06:22 AM✓ संपन्न |
| 15सितंबरमंगलवार | कृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति रात 11:00) 🔔गजच्छाया✓ संपन्न 🔔कलियुगादि✓ संपन्न 🔔मघा त्रयोदशी श्राद्ध✓ संपन्न 🔔मघा श्राद्ध✓ संपन्न 🔔भौम प्रदोषम् (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद मास)✓ संपन्न 🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास — उपवास: मंगलवार, 15 सितंबर 2020 06:07 AM - बुधवार, 16 सितंबर 2020 06:07 AM✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ बुधवार, 16 सितंबर 2020 06:07 AM |
| 16सितंबरबुधवार | कृष्ण चतुर्दशी (समाप्ति रात 7:57) 🔔कन्या संक्रमण (07:08 PM) — पुण्यकाल: 11:49 AM - 06:13 PM✓ संपन्न 🔔शस्त्रहत महालय✓ संपन्न |
| 17सितंबरगुरुवार | अमावस्या (समाप्ति शाम 4:30) 🔔केदार गौरी व्रत (अधिक आश्विन मास)✓ संपन्न 🔔दर्श श्राद्ध✓ संपन्न 🔔महालय अमावस्या✓ संपन्न 🔔बथुकम्मा प्रारंभ✓ संपन्न 🔔एंगिली पुला बथुकम्मा✓ संपन्न |
| 18सितंबरशुक्रवार | शुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति दोपहर 12:50) 🔔शारदीय नवरात्रि आरम्भ✓ संपन्न 🔔अधिक आश्विन मासारंभ✓ संपन्न 🔔नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्री✓ संपन्नशैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है और इन्हें देवी सती का पुनर्जन्म माना जाता है। इनके दो हाथ हैं, दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण किए हुए यह नंदी बैल पर विराजमान हैं। ब्रह्मा, विष्णु और शिव की সম্মিলিত शक्ति का प्रतीक होने के कारण, इनकी पूजा बल, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए की जाती है। |
| 19सितंबरशनिवार | शुक्ल द्वितीया (समाप्ति सुबह 9:10) 🔔नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणी✓ संपन्नदुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जीवन का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे उनकी अपार भक्ति और आत्म-संयम का प्रदर्शन हुआ। भक्त समर्पण और अटूट विश्वास के लिए उनकी पूजा करते हैं। |
| 20सितंबररविवार | शुक्ल चतुर्थी (समाप्ति (21st) तड़के 2:27) 🔔नवरात्रि दिन 3 — चंद्रघंटा✓ संपन्नतीसरे दिन पूजी जाने वाली चंद्रघंटा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप है। भगवान शिव से विवाह के बाद अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने के कारण इनका नाम 'घंटे के आकार का अर्धचंद्र' पड़ा। वह दस हाथों में विभिन्न हथियार धारण किए हुए बाघ पर सवार होती हैं, और उनकी तीसरी आंख हमेशा खुली रहती है, जो बुराई से लड़ने की उनकी तत्परता को दर्शाती है। वह अपने भक्तों को शांति और साहस प्रदान करने वाली एक करुणामयी माँ हैं। 🔔मासिक विनायक चतुर्थी✓ संपन्न |
| 21सितंबरसोमवार | शुक्ल पंचमी (समाप्ति रात 11:42) 🔔ललिता पंचमी (अधिक आश्विन मास)✓ संपन्न 🔔नवरात्रि दिन 4 — कुष्मांडा✓ संपन्न |
| 22सितंबरमंगलवार | शुक्ल षष्ठी (समाप्ति रात 9:31) 🔔नवरात्रि दिन 5 — स्कंदमाता✓ संपन्नपांचवां स्वरूप स्कंदमाता हैं, जिन्हें 'अग्नि की देवी' भी कहा जाता है। उनके नाम का अर्थ है 'स्कंद की माता', स्कंद युद्ध के देवता कार्तिकेय हैं। वह शेर पर सवार होती हैं, उनकी चार भुजाएँ हैं, और वह अपनी गोद में बाल स्कंद को धारण करती हैं। स्कंदमाता की पूजा करने से उनके पुत्र स्कंद की भी पूजा हो जाती है, इसलिए भक्तों को दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वह माँ के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक हैं। 🔔मासिक षष्ठी व्रत✓ संपन्न |
| 23सितंबरबुधवार | शुक्ल सप्तमी (समाप्ति रात 7:57) 🔔नवरात्रि दिन 6 — कात्यायनी✓ संपन्नछठे दिन पूजी जाने वाली कात्यायनी, देवी दुर्गा का योद्धा स्वरूप है। उनका जन्म राक्षस महिषासुर को हराने के लिए देवताओं की সম্মিলিত ऊर्जा से हुआ था। वह शेर की सवारी करती हैं, और अपने हाथों में तलवार और कमल धारण करती हैं। साहस और शक्ति के प्रतीक के रूप में, भक्त व्यक्तिगत चुनौतियों पर विजय पाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए उनकी पूजा करते हैं। |
| 24सितंबरगुरुवार | शुक्ल अष्टमी (समाप्ति रात 7:01) 🔔मासिक दुर्गाष्टमी (अधिक आश्विन मास)✓ संपन्न 🔔सद्दुल बथुकम्मा✓ संपन्न 🔔बथुकम्मा समापन✓ संपन्न 🔔दुर्गा अष्टमी✓ संपन्नइसे महा अष्टमी भी कहा जाता है, यह नवरात्रि उत्सव का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन, दुर्गा के आठवें स्वरूप **महागौरी** की पूजा की जाती है। वह शांति और पवित्रता का प्रतीक हैं। माना जाता है कि इसी दिन देवी चामुंडा राक्षसों का संहार करने के लिए दुर्गा के मस्तक से प्रकट हुई थीं। कन्या पूजन (छोटी लड़कियों की पूजा) और अस्त्र पूजा (हथियारों की पूजा) जैसे अनुष्ठान आमतौर पर किए जाते हैं। 🔔महा अष्टमी✓ संपन्न 🔔महागौरी✓ संपन्न 🔔सरस्वती आवाहन (पूजा प्रारंभ)✓ संपन्न |
| 25सितंबरशुक्रवार | शुक्ल नवमी (समाप्ति शाम 6:43) 🔔महानवमी✓ संपन्न 🔔सरस्वती पूजा / आयुध पूजा✓ संपन्न |
| 26सितंबरशनिवार | शुक्ल दशमी (समाप्ति रात 7:00) 🔔विजयदशमी / दशहरा / साढ़े तीन मुहूर्त✓ संपन्नयह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो रावण पर भगवान राम की विजय का स्मरण कराता है। 🔔सरस्वती विसर्जन (पूजा समाप्त)✓ संपन्न |
| 27सितंबररविवार | शुक्ल एकादशी (समाप्ति रात 7:46) 🔔सर्वेषां पद्मिनी एकादशी (अश्विन (अधिक) शुक्ल)✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): सोमवार, 28 सितंबर 2020 06:09 AM - 09:51 AM✓ संपन्न 🔔गज गौरी व्रत (अधिक आश्विन मास) — प्रवेश समय: 12:29 AM (हस्त नक्षत्र प्रवेश)✓ संपन्न 🔔सरस्वती विसर्जन (पूजा समाप्त)✓ संपन्न |
| 28सितंबरसोमवार | शुक्ल द्वादशी (समाप्ति रात 8:59) 🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास — उपवास: सोमवार, 28 सितंबर 2020 06:09 AM - मंगलवार, 29 सितंबर 2020 10:33 PM✓ संपन्न — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ मंगलवार, 29 सितंबर 2020 10:33 PM |
| 29सितंबरमंगलवार | शुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति रात 10:33) 🔔भौम प्रदोषम् (अधिक आश्विन मास)✓ संपन्न |
यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।
शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द
व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तिथि | एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है। |
| नक्षत्र | एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है। |
| पूर्णिमांत / अमावास्यांत | पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)। |
| स्मार्त बनाम वैष्णव | विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं। |
सामान्य प्रश्न (FAQ)
Frequently Asked Questions
तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।
शहर · वर्ष
Hyderabad
2020 · सितंबर
Asia/Kolkata