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Harrow · 2032: हिंदू त्योहार और व्रत: तिथियाँ व स्थानीय समय

Harrow के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।

इस कैलेंडर का उपयोग कैसे करें?

  • स्थान सही चुनें: सूर्योदय और तिथि की सीमा शहर के अनुसार बदलती है, इसलिए अलग-अलग देशों में त्योहार की तारीख अलग हो सकती है।
  • तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
  • अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।

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सितंबर 2032 के हिन्दू त्योहार और व्रत

Harrow के लिए सितंबर 2032 के त्योहार और व्रत की तिथियां:

  • सौम्य प्रदोषम् (श्रावण मास) — बुधवार, 1 सितंबर 2032.
  • मासिक शिवरात्रि (श्रावण मास) — गुरुवार, 2 सितंबर 2032.
  • कृष्ण त्रयोदशी उपवास — गुरुवार, 2 सितंबर 2032.
  • पिठोरी व्रत (श्रावण मास) — शुक्रवार, 3 सितंबर 2032.
  • पिठोरी अमावस्या (श्रावण मास) — शुक्रवार, 3 सितंबर 2032.
  • रुद्र सावर्णि मन्वादि (श्रावण मास) — शनिवार, 4 सितंबर 2032.
  • दर्भ संग्रहण (श्रावण मास) — शनिवार, 4 सितंबर 2032.
  • दर्श श्राद्ध — शनिवार, 4 सितंबर 2032.
  • कुश ग्रहण (श्रावण मास) — शनिवार, 4 सितंबर 2032.
  • शैव मौन व्रत — शनिवार, 4 सितंबर 2032.
  • महात्यम व्रत — शनिवार, 4 सितंबर 2032.
  • भाद्रपद मासारंभ — रविवार, 5 सितंबर 2032.
  • कल्कि जयंती — सोमवार, 6 सितंबर 2032.
  • सामवेदी उपाकर्म — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • तामस मन्वादि — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • षोडशोमा व्रत — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • सुवर्ण गौरी व्रत — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • शिव चतुर्थी — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • गौरी पूजा — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • हरितालिका तीज (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 7 सितंबर 2032.
  • गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)गणेश चतुर्थी पूजा का समय: 11:41 AM — बुधवार, 8 सितंबर 2032. — यह बाधाओं को दूर करने वाले भगवान गणेश के जन्म के सम्मान में मनाया जाने वाला दस दिवसीय त्योहार है, जो गणेश की मूर्तियों की स्थापना के साथ शुरू होता है।
  • मासिक विनायक चतुर्थी — बुधवार, 8 सितंबर 2032.
  • अगस्त्यार्घ्य — गुरुवार, 9 सितंबर 2032.
  • ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 9 सितंबर 2032.
  • ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास) — शुक्रवार, 10 सितंबर 2032.
  • बौद्ध जयंती — शुक्रवार, 10 सितंबर 2032.
  • मासिक षष्ठी व्रत — शुक्रवार, 10 सितंबर 2032.
  • ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास) — शनिवार, 11 सितंबर 2032.
  • सूर्य षष्ठी — शनिवार, 11 सितंबर 2032.
  • स्कंद दर्शन — शनिवार, 11 सितंबर 2032.
  • अमुक्ताभरण सप्तमी — शनिवार, 11 सितंबर 2032.
  • ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास) — रविवार, 12 सितंबर 2032.
  • राधा अष्टमी (भाद्रपद मास) — रविवार, 12 सितंबर 2032.
  • ज्येष्ठाष्टमी — रविवार, 12 सितंबर 2032.
  • पुत्री ज्येष्ठा व्रत — रविवार, 12 सितंबर 2032.
  • दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है; दूर्वा नक्षत्र अपवाद नियम लागू है) — रविवार, 12 सितंबर 2032.
  • भानु सप्तमी — रविवार, 12 सितंबर 2032.
  • महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास) — सोमवार, 13 सितंबर 2032.
  • सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास) — सोमवार, 13 सितंबर 2032.
  • ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास) — सोमवार, 13 सितंबर 2032.
  • नंदा देवी पूजा — सोमवार, 13 सितंबर 2032.
  • केदार व्रत — सोमवार, 13 सितंबर 2032.
  • क्षीर व्रतारंभ — मंगलवार, 14 सितंबर 2032.
  • सर्वेषां परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी — बुधवार, 15 सितंबर 2032.
  • परिवर्तन एकादशी — बुधवार, 15 सितंबर 2032.
  • कट दान — बुधवार, 15 सितंबर 2032.
  • गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • कन्या संक्रमण (04:30 PM) — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • शक्र द्वादशी — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • शक्र ध्वजोत्थापन — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • विष्णु परिवर्तन महोत्सव — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • कल्कि द्वादशी — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • श्रवण द्वादशी — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • शुक्ल त्रयोदशी उपवास — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • वामन जयंती (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 16 सितंबर 2032.
  • श्रवण द्वादशी पारण — शुक्रवार, 17 सितंबर 2032.
  • कदली व्रत (भाद्रपद मास) — शनिवार, 18 सितंबर 2032.
  • अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास) — शनिवार, 18 सितंबर 2032.
  • अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास) — शनिवार, 18 सितंबर 2032.
  • गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास) — शनिवार, 18 सितंबर 2032.
  • अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न) — शनिवार, 18 सितंबर 2032.
  • सत्यनारायण स्वामी व्रत — शनिवार, 18 सितंबर 2032.
  • उमा महेश्वर व्रत — रविवार, 19 सितंबर 2032.
  • उपांग ललिता गौरी व्रत — रविवार, 19 सितंबर 2032.
  • पितृपक्ष प्रारम्भ — रविवार, 19 सितंबर 2032.
  • अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास) — सोमवार, 20 सितंबर 2032.
  • बृहद्गौरी व्रत — मंगलवार, 21 सितंबर 2032.
  • कज्जली व्रत — मंगलवार, 21 सितंबर 2032.
  • विशालाक्षी यात्रा — मंगलवार, 21 सितंबर 2032.
  • महा भरणी — बुधवार, 22 सितंबर 2032.
  • संकष्टी चतुर्थी — बुधवार, 22 सितंबर 2032.
  • कृत्तिका व्रत — गुरुवार, 23 सितंबर 2032.
  • रोहिणी व्रत — शुक्रवार, 24 सितंबर 2032.
  • महालक्ष्मी व्रत — शनिवार, 25 सितंबर 2032.
  • कालाष्टमी — शनिवार, 25 सितंबर 2032.
  • सूर्य सावर्णि मन्वादि — रविवार, 26 सितंबर 2032.
  • मध्याष्टमी — रविवार, 26 सितंबर 2032.
  • आर्द्राष्टमी — रविवार, 26 सितंबर 2032.
  • दुर्गा देवी उद्यापन — रविवार, 26 सितंबर 2032.
  • गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास) — रविवार, 26 सितंबर 2032.
  • अहीन नवमी — सोमवार, 27 सितंबर 2032.
  • महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 28 सितंबर 2032.
  • सर्वेषां इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — बुधवार, 29 सितंबर 2032.
  • यति महालय — गुरुवार, 30 सितंबर 2032.
  • मघा श्राद्ध — गुरुवार, 30 सितंबर 2032.

हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन

शहर: Harrow (51.5806, -0.3417) | समय क्षेत्र: Europe/London

September 2032

01सितंबरबुधवारकृष्ण द्वादशी (समाप्ति दोपहर 2:40)
02सितंबरगुरुवारकृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति शाम 5:01)
🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास
— उपवास: गुरुवार, 02 सितंबर 2032 06:21 AM - शुक्रवार, 03 सितंबर 2032 06:23 AM
— पारण (व्रत तोड़ना): ≥ शुक्रवार, 03 सितंबर 2032 06:23 AM
03सितंबरशुक्रवारकृष्ण चतुर्दशी (समाप्ति रात 7:28)
🔔पिठोरी व्रत (श्रावण मास)
🔔पिठोरी अमावस्या (श्रावण मास)
04सितंबरशनिवारअमावस्या (समाप्ति रात 9:56)
🔔रुद्र सावर्णि मन्वादि (श्रावण मास)
🔔दर्भ संग्रहण (श्रावण मास)
🔔दर्श श्राद्ध
🔔कुश ग्रहण (श्रावण मास)
🔔शैव मौन व्रत
🔔महात्यम व्रत
05सितंबररविवारशुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति (6th) रात 12:21)
🔔भाद्रपद मासारंभ
06सितंबरसोमवारशुक्ल द्वितीया (समाप्ति (7th) तड़के 2:38)
🔔कल्कि जयंती
07सितंबरमंगलवारशुक्ल तृतीया (समाप्ति (8th) सुबह 4:40)
🔔सामवेदी उपाकर्म
🔔तामस मन्वादि
🔔षोडशोमा व्रत
🔔सुवर्ण गौरी व्रत
🔔शिव चतुर्थी
🔔गौरी पूजा
🔔हरितालिका तीज (भाद्रपद मास)
08सितंबरबुधवारशुक्ल चतुर्थी (समाप्ति (9th) सुबह 6:21)
🔔गणेश चतुर्थी (भाद्रपद मास)
गणेश चतुर्थी पूजा का समय: 11:41 AM - 12:32 PM; 01:25 PM - 02:15 PM
मध्याह्न काल: सुबह 11:40 - दोपहर 2:15
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:32 - दोपहर 1:24
🔔मासिक विनायक चतुर्थी
09सितंबरगुरुवारशुक्ल पंचमी (समाप्ति (10th) सुबह 7:33)
🔔अगस्त्यार्घ्य
🔔ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास)
10सितंबरशुक्रवारशुक्ल पंचमी (समाप्ति सुबह 7:33)
🔔ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास)
🔔बौद्ध जयंती
🔔मासिक षष्ठी व्रत
11सितंबरशनिवारशुक्ल षष्ठी (समाप्ति सुबह 8:10)
🔔ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास)
🔔सूर्य षष्ठी
🔔स्कंद दर्शन
🔔अमुक्ताभरण सप्तमी
12सितंबररविवारशुक्ल सप्तमी (समाप्ति सुबह 8:07)
🔔ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास)
🔔राधा अष्टमी (भाद्रपद मास)
🔔ज्येष्ठाष्टमी
🔔पुत्री ज्येष्ठा व्रत
🔔दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है; दूर्वा नक्षत्र अपवाद नियम लागू है)
🔔भानु सप्तमी
13सितंबरसोमवारशुक्ल अष्टमी (समाप्ति सुबह 7:20)
🔔महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास)
🔔सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास)
🔔ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास)
🔔नंदा देवी पूजा
🔔केदार व्रत
14सितंबरमंगलवारशुक्ल दशमी (समाप्ति (15th) तड़के 3:36)
🔔क्षीर व्रतारंभ
15सितंबरबुधवारशुक्ल एकादशी (समाप्ति (16th) रात 12:48)
🔔सर्वेषां परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल)
— श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी
🔔परिवर्तन एकादशी
🔔कट दान
16सितंबरगुरुवारशुक्ल द्वादशी (समाप्ति रात 9:32)
🔔गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास)
🔔कन्या संक्रमण (04:30 PM) — पुण्यकाल: 04:30 PM - 07:07 PM
🔔शक्र द्वादशी
🔔शक्र ध्वजोत्थापन
🔔विष्णु परिवर्तन महोत्सव
🔔कल्कि द्वादशी
🔔श्रवण द्वादशी
🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास
— उपवास: गुरुवार, 16 सितंबर 2032 06:43 AM - शुक्रवार, 17 सितंबर 2032 05:57 PM
— पारण (व्रत तोड़ना): ≥ शुक्रवार, 17 सितंबर 2032 05:57 PM
🔔वामन जयंती (भाद्रपद मास)
17सितंबरशुक्रवारशुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति शाम 5:57)
🔔श्रवण द्वादशी पारण
18सितंबरशनिवारशुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति दोपहर 2:13)
🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास)
🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास)
🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास)
🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास)
🔔अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न)
🔔सत्यनारायण स्वामी व्रत
19सितंबररविवारशुक्ल पूर्णिमा (समाप्ति सुबह 10:30)
🔔उमा महेश्वर व्रत
🔔उपांग ललिता गौरी व्रत
🔔पितृपक्ष प्रारम्भ
20सितंबरसोमवारकृष्ण प्रतिपदा (समाप्ति सुबह 6:58)
🔔अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास)
21सितंबरमंगलवारकृष्ण तृतीया (समाप्ति (22nd) रात 1:10)
🔔बृहद्गौरी व्रत
🔔कज्जली व्रत
🔔विशालाक्षी यात्रा
22सितंबरबुधवारकृष्ण चतुर्थी (समाप्ति रात 11:10)
🔔महा भरणी
🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:20 PM
23सितंबरगुरुवारकृष्ण पंचमी (समाप्ति रात 9:54)
🔔कृत्तिका व्रत
24सितंबरशुक्रवारकृष्ण षष्ठी (समाप्ति रात 9:26)
🔔रोहिणी व्रत
25सितंबरशनिवारकृष्ण सप्तमी (समाप्ति रात 9:46)
🔔महालक्ष्मी व्रत
🔔कालाष्टमी
26सितंबररविवारकृष्ण अष्टमी (समाप्ति रात 10:49)
🔔सूर्य सावर्णि मन्वादि
🔔मध्याष्टमी
🔔आर्द्राष्टमी
🔔दुर्गा देवी उद्यापन
🔔गज गौरी व्रत (भाद्रपद मास)
— प्रवेश समय: 09:57 PM (हस्त नक्षत्र प्रवेश)
27सितंबरसोमवारकृष्ण नवमी (समाप्ति (28th) रात 12:28)
🔔अहीन नवमी
28सितंबरमंगलवारकृष्ण दशमी (समाप्ति (29th) तड़के 2:35)
🔔महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास)
29सितंबरबुधवारकृष्ण एकादशी (समाप्ति (30th) सुबह 5:00)
🔔सर्वेषां इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण)
— पारण (व्रत तोड़ना): गुरुवार, 30 सितंबर 2032 11:37 AM - 04:36 PM
30सितंबरगुरुवारकृष्ण द्वादशी (समाप्ति (1st) सुबह 7:31)
🔔यति महालय
🔔मघा श्राद्ध

यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।


शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द

व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:

शब्द अर्थ
तिथि एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है।
नक्षत्र एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है।
पूर्णिमांत / अमावास्यांत पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)।
स्मार्त बनाम वैष्णव विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

Frequently Asked Questions

त्योहार इस बात पर निर्भर करते हैं कि सूर्योदय के समय कौन सी तिथि सक्रिय है। आपका स्थानीय मंदिर एक अलग गणना पद्धति (सूर्य सिद्धांत बनाम दृग्गणित) का उपयोग कर सकता है।

स्मार्त उस दिन उपवास करते हैं जब सूर्योदय के समय एकादशी मौजूद होती है। वैष्णव कड़ाई से मांग करते हैं कि दिन सूर्योदय के समय दशमी ओवरलैप से मुक्त हो।

यदि त्योहार के दिन ग्रहण होता है, तो अनुष्ठान, पूजा और उपवास के समय को बदलना पड़ता है।

तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।

Gollapelli Santhosh Kumar Sharma

लेखक के बारे में

यह लेख और इसकी ज्योतिषीय भविष्यवाणियां Gollapelli Santhosh Kumar Sharma द्वारा तैयार की गई हैं, जो वैदिक ज्योतिषी हैं और जिन्हें वैदिक ज्योतिष, जन्मकुंडली विश्लेषण, पंचांग गणना और व्यक्तिगत परामर्श में 26+ years का अनुभव है।

यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों, व्यावहारिक फलित और सरल व्याख्या को ध्यान में रखकर लिखी गई है, ताकि पाठकों को दैनिक जीवन, महत्वपूर्ण निर्णयों और आध्यात्मिक समझ के लिए भरोसेमंद मार्गदर्शन मिल सके।

लेखक की पद्धति: प्रत्येक भविष्यवाणी में ग्रह स्थिति, दशा प्रभाव, गोचर फल और शास्त्रीय ज्योतिष नियमों को ध्यान में रखा जाता है, जिससे मार्गदर्शन संतुलित, उपयोगी और समझने में सरल रहता है।

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नोट: इस वेबसाइट पर त्योहारों और ग्रहण की तिथियों की गणना स्विस एफेमेरिस (Swiss Ephemeris) और दृक सिद्धांत के आधार पर की गई है। यहां दर्शाए गए समय आपके चुने गए शहर के अक्षांश और देशांतर के अनुसार समायोजित किए गए हैं, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त की गणना टोपोसेंट्रिक (topocentric) निर्देशांकों का उपयोग करके की गई है। क्षेत्रीय परंपराओं या स्थानीय पंचांग की भिन्नताओं के कारण इसमें मामूली अंतर आ सकता है। किसी भी संदेह की स्थिति में, कृपया अपने स्थानीय पंचांग या पारिवारिक पुरोहित (पंडित जी) से पुष्टि अवश्य कर लें।