Fremont के लिए हिन्दू त्योहारों और व्रतों की तिथियां देखें। तिथि केवल अंग्रेजी तारीख से तय नहीं होती; सूर्योदय, तिथि की अवधि, नक्षत्र, चंद्र मास और संबंधित व्रत-नियम भी देखे जाते हैं।
इस कैलेंडर का उपयोग कैसे करें?
- स्थान सही चुनें: सूर्योदय और तिथि की सीमा शहर के अनुसार बदलती है, इसलिए अलग-अलग देशों में त्योहार की तारीख अलग हो सकती है।
- तिथि का समय पढ़ें: यदि तिथि दो तारीखों में फैली हो, तो सूर्योदय, मध्याह्न, चंद्रोदय या प्रदोष का नियम दिन तय कर सकता है।
- अपनी परंपरा का सम्मान करें: स्मार्त, वैष्णव, क्षेत्रीय, पारिवारिक और मंदिर परंपराओं के नियम अलग हो सकते हैं। आवश्यकता होने पर अपने गुरु या स्थानीय मंदिर का निर्णय मानें।
महीने के अनुसार त्योहार खोजें
प्रमुख त्योहारों और व्रतों को देखने के लिए एक महीने और वर्ष का चयन करें।
सितंबर 2030 के हिन्दू त्योहार और व्रत
Fremont के लिए सितंबर 2030 के त्योहार और व्रत की तिथियां:
- ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास) — रविवार, 1 सितंबर 2030.
- ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास) — सोमवार, 2 सितंबर 2030.
- सूर्य षष्ठी — सोमवार, 2 सितंबर 2030.
- स्कंद दर्शन — सोमवार, 2 सितंबर 2030.
- बौद्ध जयंती — सोमवार, 2 सितंबर 2030.
- अमुक्ताभरण सप्तमी — सोमवार, 2 सितंबर 2030.
- मासिक षष्ठी व्रत — सोमवार, 2 सितंबर 2030.
- ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 3 सितंबर 2030.
- महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास) — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास) — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- राधा अष्टमी (भाद्रपद मास) — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- नंदा देवी पूजा — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- ज्येष्ठाष्टमी — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- पुत्री ज्येष्ठा व्रत — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है; दूर्वा नक्षत्र अपवाद नियम लागू है) — बुधवार, 4 सितंबर 2030.
- सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 5 सितंबर 2030.
- ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 5 सितंबर 2030.
- केदार व्रत — गुरुवार, 5 सितंबर 2030.
- क्षीर व्रतारंभ — शुक्रवार, 6 सितंबर 2030.
- सर्वेषां परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी — शनिवार, 7 सितंबर 2030.
- परिवर्तन एकादशी — शनिवार, 7 सितंबर 2030.
- कट दान — शनिवार, 7 सितंबर 2030.
- गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास) — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- शक्र द्वादशी — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- शक्र ध्वजोत्थापन — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- विष्णु परिवर्तन महोत्सव — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- कल्कि द्वादशी — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- श्रवण द्वादशी — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- भानु प्रदोषम् (भाद्रपद मास) — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- शुक्ल त्रयोदशी उपवास — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- वामन जयंती (भाद्रपद मास) — रविवार, 8 सितंबर 2030.
- श्रवण द्वादशी पारण — सोमवार, 9 सितंबर 2030.
- अगस्त्यार्घ्य — सोमवार, 9 सितंबर 2030.
- कदली व्रत (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 10 सितंबर 2030.
- अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 10 सितंबर 2030.
- अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 10 सितंबर 2030.
- गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 10 सितंबर 2030.
- अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न) — मंगलवार, 10 सितंबर 2030.
- सत्यनारायण स्वामी व्रत — मंगलवार, 10 सितंबर 2030.
- पूर्णिमा व्रत — बुधवार, 11 सितंबर 2030.
- उमा महेश्वर व्रत — बुधवार, 11 सितंबर 2030.
- उपांग ललिता गौरी व्रत — बुधवार, 11 सितंबर 2030.
- लोकपाल पूजा — बुधवार, 11 सितंबर 2030.
- पितृपक्ष प्रारम्भ — बुधवार, 11 सितंबर 2030.
- अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 12 सितंबर 2030.
- बृहद्गौरी व्रत — शुक्रवार, 13 सितंबर 2030.
- कज्जली व्रत — शुक्रवार, 13 सितंबर 2030.
- विशालाक्षी यात्रा — शुक्रवार, 13 सितंबर 2030.
- संकष्टी चतुर्थी — शनिवार, 14 सितंबर 2030.
- महा भरणी — रविवार, 15 सितंबर 2030.
- कन्या संक्रमण (08:11 PM) — सोमवार, 16 सितंबर 2030.
- चंद्र षष्ठी — सोमवार, 16 सितंबर 2030.
- कृत्तिका व्रत — मंगलवार, 17 सितंबर 2030.
- कालाष्टमी — बुधवार, 18 सितंबर 2030.
- रोहिणी व्रत — बुधवार, 18 सितंबर 2030.
- महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास) — गुरुवार, 19 सितंबर 2030.
- सूर्य सावर्णि मन्वादि — गुरुवार, 19 सितंबर 2030.
- मध्याष्टमी — गुरुवार, 19 सितंबर 2030.
- आर्द्राष्टमी — गुरुवार, 19 सितंबर 2030.
- दुर्गा देवी उद्यापन — गुरुवार, 19 सितंबर 2030.
- महालक्ष्मी व्रत — शुक्रवार, 20 सितंबर 2030.
- अहीन नवमी — शुक्रवार, 20 सितंबर 2030.
- स्मार्त इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — रविवार, 22 सितंबर 2030.
- रवि पुष्य योग — रविवार, 22 सितंबर 2030.
- यति महालय — सोमवार, 23 सितंबर 2030.
- वैष्णव इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — सोमवार, 23 सितंबर 2030.
- गजच्छाया — मंगलवार, 24 सितंबर 2030.
- कलियुगादि — मंगलवार, 24 सितंबर 2030.
- मघा त्रयोदशी श्राद्ध — मंगलवार, 24 सितंबर 2030.
- मघा श्राद्ध — मंगलवार, 24 सितंबर 2030.
- भौम प्रदोषम् (भाद्रपद मास) — मंगलवार, 24 सितंबर 2030.
- शस्त्रहत महालय — बुधवार, 25 सितंबर 2030.
- मासिक शिवरात्रि (भाद्रपद मास) — बुधवार, 25 सितंबर 2030.
- कृष्ण त्रयोदशी उपवास — बुधवार, 25 सितंबर 2030.
- केदार गौरी व्रत (आश्विन मास) — गुरुवार, 26 सितंबर 2030.
- दर्श श्राद्ध — गुरुवार, 26 सितंबर 2030.
- महालय अमावस्या — गुरुवार, 26 सितंबर 2030.
- बथुकम्मा प्रारंभ — गुरुवार, 26 सितंबर 2030.
- एंगिली पुला बथुकम्मा — गुरुवार, 26 सितंबर 2030.
- दिवाली (लक्ष्मी पूजन) / लक्ष्मी पूजा (आश्विन मास) — गुरुवार, 26 सितंबर 2030. — यह रोशनी का त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। घरों को दीयों से सजाया जाता है और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 06:54 PM — गुरुवार, 26 सितंबर 2030.
- घटस्थापना (आश्विन मास)07:05 AM — शुक्रवार, 27 सितंबर 2030.
- शारदीय नवरात्रि आरम्भ — शुक्रवार, 27 सितंबर 2030.
- मातामह श्राद्ध (आश्विन मास) — शुक्रवार, 27 सितंबर 2030.
- आश्विन मासारंभ — शुक्रवार, 27 सितंबर 2030.
- गज गौरी व्रत (आश्विन मास) — शुक्रवार, 27 सितंबर 2030.
- नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्री — शुक्रवार, 27 सितंबर 2030. — शैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री क…
- नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणी — शनिवार, 28 सितंबर 2030. — दुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जी…
- नवरात्रि दिन 3 — चंद्रघंटा — रविवार, 29 सितंबर 2030. — तीसरे दिन पूजी जाने वाली चंद्रघंटा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप है। भगवान शिव से विवाह के बाद अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने के कारण इनका नाम 'घंटे के …
- नवरात्रि दिन 4 — कुष्मांडा — सोमवार, 30 सितंबर 2030.
- मासिक विनायक चतुर्थी — सोमवार, 30 सितंबर 2030.
हिंदू त्यौहार और महत्वपूर्ण दिन
September 2030
| 01सितंबररविवार | शुक्ल चतुर्थी (समाप्ति सुबह 10:08) 🔔ऋषि पंचमी (भाद्रपद मास) |
| 02सितंबरसोमवार | शुक्ल पंचमी (समाप्ति सुबह 8:07) 🔔ललिता षष्ठी व्रत (भाद्रपद मास) 🔔सूर्य षष्ठी 🔔स्कंद दर्शन 🔔बौद्ध जयंती 🔔अमुक्ताभरण सप्तमी 🔔मासिक षष्ठी व्रत |
| 03सितंबरमंगलवार | शुक्ल सप्तमी (समाप्ति (4th) तड़के 3:58) 🔔ज्येष्ठा गौरी आवाहन (भाद्रपद मास) |
| 04सितंबरबुधवार | शुक्ल अष्टमी (समाप्ति (5th) रात 1:53) 🔔महालक्ष्मी व्रत आरम्भ (भाद्रपद मास) 🔔ज्येष्ठा गौरी पूजा (भाद्रपद मास) 🔔राधा अष्टमी (भाद्रपद मास) 🔔नंदा देवी पूजा 🔔ज्येष्ठाष्टमी 🔔पुत्री ज्येष्ठा व्रत 🔔दूर्वाष्टमी (अगस्त्य उदय की स्थानीय पुष्टि आवश्यक है; दूर्वा नक्षत्र अपवाद नियम लागू है) |
| 05सितंबरगुरुवार | शुक्ल नवमी (समाप्ति रात 11:48) 🔔सरस्वती पुस्तक मंडल पूजा (भाद्रपद मास) 🔔ज्येष्ठा गौरी विसर्जन (भाद्रपद मास) 🔔केदार व्रत |
| 06सितंबरशुक्रवार | शुक्ल दशमी (समाप्ति रात 9:47) 🔔क्षीर व्रतारंभ |
| 07सितंबरशनिवार | शुक्ल एकादशी (समाप्ति रात 7:51) 🔔सर्वेषां परिवर्तिनी एकादशी (भाद्रपद शुक्ल) — श्रवण द्वादशी: उपवास; पारण (व्रत तोड़ना): त्रयोदशी 🔔परिवर्तन एकादशी 🔔कट दान |
| 08सितंबररविवार | शुक्ल द्वादशी (समाप्ति शाम 6:02) 🔔गोत्रिरात्र व्रत (भाद्रपद मास) 🔔शक्र द्वादशी 🔔शक्र ध्वजोत्थापन 🔔विष्णु परिवर्तन महोत्सव 🔔कल्कि द्वादशी 🔔श्रवण द्वादशी 🔔शुक्ल त्रयोदशी उपवास — उपवास: रविवार, 08 सितंबर 2030 06:48 AM - सोमवार, 09 सितंबर 2030 04:27 PM — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ सोमवार, 09 सितंबर 2030 04:27 PM 🔔वामन जयंती (भाद्रपद मास) |
| 09सितंबरसोमवार | शुक्ल त्रयोदशी (समाप्ति शाम 4:27) 🔔श्रवण द्वादशी पारण 🔔अगस्त्यार्घ्य |
| 10सितंबरमंगलवार | शुक्ल चतुर्दशी (समाप्ति दोपहर 3:10) 🔔कदली व्रत (भाद्रपद मास) 🔔अनंत चतुर्दशी (भाद्रपद मास) 🔔अनंत पद्मनाभ व्रत (भाद्रपद मास) 🔔गणेश विसर्जन (भाद्रपद मास) 🔔अनंत व्रतारंभ (मध्याह्न) 🔔सत्यनारायण स्वामी व्रत |
| 11सितंबरबुधवार | शुक्ल पूर्णिमा (समाप्ति दोपहर 2:17) 🔔पूर्णिमा व्रत 🔔उमा महेश्वर व्रत 🔔उपांग ललिता गौरी व्रत 🔔लोकपाल पूजा 🔔पितृपक्ष प्रारम्भ |
| 12सितंबरगुरुवार | कृष्ण प्रतिपदा (समाप्ति दोपहर 1:55) 🔔अशून्य शयन व्रत (भाद्रपद मास) |
| 13सितंबरशुक्रवार | कृष्ण द्वितीया (समाप्ति दोपहर 2:09) 🔔बृहद्गौरी व्रत 🔔कज्जली व्रत 🔔विशालाक्षी यात्रा |
| 14सितंबरशनिवार | कृष्ण तृतीया (समाप्ति दोपहर 3:01) 🔔संकष्टी चतुर्थी — चंद्रोदय: 08:50 PM |
| 15सितंबररविवार | कृष्ण चतुर्थी (समाप्ति शाम 4:32) 🔔महा भरणी |
| 16सितंबरसोमवार | कृष्ण पंचमी (समाप्ति शाम 6:35) 🔔कन्या संक्रमण (08:11 PM) — पुण्यकाल: 12:45 PM - 07:09 PM 🔔चंद्र षष्ठी |
| 17सितंबरमंगलवार | कृष्ण षष्ठी (समाप्ति रात 9:02) 🔔कृत्तिका व्रत |
| 18सितंबरबुधवार | कृष्ण सप्तमी (समाप्ति रात 11:39) 🔔कालाष्टमी 🔔रोहिणी व्रत |
| 19सितंबरगुरुवार | कृष्ण अष्टमी (समाप्ति (20th) तड़के 2:09) 🔔महालक्ष्मी व्रत समाप्ति (16वाँ दिन) (भाद्रपद मास) 🔔सूर्य सावर्णि मन्वादि 🔔मध्याष्टमी 🔔आर्द्राष्टमी 🔔दुर्गा देवी उद्यापन |
| 20सितंबरशुक्रवार | कृष्ण नवमी (समाप्ति (21st) सुबह 4:17) 🔔महालक्ष्मी व्रत 🔔अहीन नवमी |
| 22सितंबररविवार | कृष्ण एकादशी (समाप्ति (23rd) सुबह 6:41) 🔔स्मार्त इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — पारण (व्रत तोड़ना): सोमवार, 23 सितंबर 2030 12:42 PM - 05:12 PM 🔔रवि पुष्य योग |
| 23सितंबरसोमवार | कृष्ण द्वादशी (समाप्ति (24th) सुबह 6:45) 🔔यति महालय 🔔वैष्णव इंदिरा एकादशी (भाद्रपद कृष्ण) — पारण (व्रत तोड़ना): मंगलवार, 24 सितंबर 2030 07:01 AM - 07:16 AM |
| 24सितंबरमंगलवार | कृष्ण त्रयोदशी (समाप्ति (25th) सुबह 6:05) 🔔गजच्छाया 🔔कलियुगादि 🔔मघा त्रयोदशी श्राद्ध 🔔मघा श्राद्ध |
| 25सितंबरबुधवार | कृष्ण चतुर्दशी (समाप्ति (26th) सुबह 4:45) 🔔शस्त्रहत महालय 🔔कृष्ण त्रयोदशी उपवास — उपवास: बुधवार, 25 सितंबर 2030 07:02 AM - गुरुवार, 26 सितंबर 2030 07:03 AM — पारण (व्रत तोड़ना): ≥ गुरुवार, 26 सितंबर 2030 07:03 AM |
| 26सितंबरगुरुवार | अमावस्या (समाप्ति (27th) तड़के 2:54) 🔔केदार गौरी व्रत (आश्विन मास) 🔔दर्श श्राद्ध 🔔महालय अमावस्या 🔔बथुकम्मा प्रारंभ 🔔एंगिली पुला बथुकम्मा 🔔दिवाली (लक्ष्मी पूजन) / लक्ष्मी पूजा (आश्विन मास)यह रोशनी का त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। घरों को दीयों से सजाया जाता है और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। 🔔लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 06:54 PM - 08:15 PM अवधि:81मिनट | प्रदोष काल: 06:54 PM - 09:20 PM | वृषभ काल: 05:52 PM - 08:15 PM महानिशीथ काल: 12:34 AM - 01:23 AM |
| 27सितंबरशुक्रवार | शुक्ल प्रतिपदा (समाप्ति (28th) रात 12:39) 🔔घटस्थापना (आश्विन मास) 07:05 AM - 06:52 PM 🔔शारदीय नवरात्रि आरम्भ 🔔मातामह श्राद्ध (आश्विन मास) 🔔आश्विन मासारंभ 🔔गज गौरी व्रत (आश्विन मास) — प्रवेश समय: 01:32 AM (हस्त नक्षत्र प्रवेश) 🔔नवरात्रि दिन 1 — शैलपुत्रीशैलपुत्री का अर्थ है 'पर्वत की बेटी'। नवरात्रि में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा का यह पहला स्वरूप है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है और इन्हें देवी सती का पुनर्जन्म माना जाता है। इनके दो हाथ हैं, दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण किए हुए यह नंदी बैल पर विराजमान हैं। ब्रह्मा, विष्णु और शिव की সম্মিলিত शक्ति का प्रतीक होने के कारण, इनकी पूजा बल, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए की जाती है। |
| 28सितंबरशनिवार | शुक्ल द्वितीया (समाप्ति रात 10:10) 🔔नवरात्रि दिन 2 — ब्रह्मचारिणीदुर्गा देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी है, जो तपस्या करने वालों का प्रतीक है। वह एक हाथ में जप माला और दूसरे हाथ में कमंडल धारण करती हैं, जो उनके तपस्वी जीवन का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे उनकी अपार भक्ति और आत्म-संयम का प्रदर्शन हुआ। भक्त समर्पण और अटूट विश्वास के लिए उनकी पूजा करते हैं। |
| 29सितंबररविवार | शुक्ल तृतीया (समाप्ति रात 7:33) 🔔नवरात्रि दिन 3 — चंद्रघंटातीसरे दिन पूजी जाने वाली चंद्रघंटा, देवी पार्वती का विवाहित स्वरूप है। भगवान शिव से विवाह के बाद अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने के कारण इनका नाम 'घंटे के आकार का अर्धचंद्र' पड़ा। वह दस हाथों में विभिन्न हथियार धारण किए हुए बाघ पर सवार होती हैं, और उनकी तीसरी आंख हमेशा खुली रहती है, जो बुराई से लड़ने की उनकी तत्परता को दर्शाती है। वह अपने भक्तों को शांति और साहस प्रदान करने वाली एक करुणामयी माँ हैं। |
| 30सितंबरसोमवार | शुक्ल चतुर्थी (समाप्ति शाम 4:56) 🔔नवरात्रि दिन 4 — कुष्मांडा 🔔मासिक विनायक चतुर्थी |
यह त्योहारों और महत्वपूर्ण दिनों का कैलेंडर हिंदू धर्मग्रंथों जैसे निर्णय सिंधु, धर्म सिंधु आदि में दिए गए नियमों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे दुनिया भर में हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी लोगों के लाभ के लिए बनाया गया है। यदि आपको इस कैलेंडर में किसी त्योहार या किसी महत्वपूर्ण दिन के संबंध में कोई त्रुटि मिलती है, या यदि आपके क्षेत्र से संबंधित कोई त्योहार शामिल नहीं है, तो कृपया मुझे admin@onlinejyotish.com पर ईमेल करके सूचित करें। आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।
शब्दावली: हिन्दू कैलेंडर के शब्द
व्रत और त्योहारों को ठीक से मनाने के लिए, ये मुख्य अवधारणाएं आवश्यक हैं:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तिथि | एक चंद्र दिवस। यह चंद्रमा द्वारा सूर्य से 12 डिग्री दूर जाने में लिया गया समय है। |
| नक्षत्र | एक चंद्र हवेली या तारा मंडल जिससे चंद्रमा गुजर रहा है। |
| पूर्णिमांत / अमावास्यांत | पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर समाप्त होते हैं (उत्तर भारत)। अमावास्यांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण भारत)। |
| स्मार्त बनाम वैष्णव | विभिन्न संप्रदाय सख्त सूर्योदय नियमों के आधार पर अलग-अलग दिनों में एकादशी/अष्टमी मनाते हैं। |
सामान्य प्रश्न (FAQ)
Frequently Asked Questions
तिथियां कैसे तैयार की जाती हैं: खगोलीय स्थितियों के लिए स्विस एफेमेरिस का उपयोग किया जाता है। त्योहार-निर्णय के पारंपरिक नियम श्री संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में बनाए रखे जाते हैं। क्षेत्रीय परंपराओं में अंतर संभव है।
शहर · वर्ष
Fremont
2030 · सितंबर
America/Los_Angeles