शनि + राहु/केतु की युति (Saturn + Rahu/Ketu)
शनि "कर्मफल दाता" है और राहु "छाया ग्रह"। जब ये दोनों एक साथ होते हैं, तो इसे "श्रापित दोष" कहा जाता है। यह युति जीवन में कड़ा संघर्ष देती है, लेकिन तकनीकी दृष्टि से व्यक्ति को बहुत बुद्धिमान भी बनाती है।
| संयोजन (Combination) | विश्लेषण एवं प्रभाव |
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| शनि + राहु (Saturn-Rahu) |
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| शनि + केतु (Saturn-Ketu) |
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| उपाय (Remedies) | भगवान शिव का रुद्राभिषेक या कालभैरव की आराधना करना श्रेष्ठ है। गरीबों, असहायों और विकलांगों की सेवा करने से श्रापित दोष का प्रभाव कम होता है। |